• होम
  • गुजरात
  • गुजरात में मानसून का कहर,मौसम विभाग का हाई अलर्ट

गुजरात में मानसून का कहर,मौसम विभाग का हाई अलर्ट

अहमदाबाद: गुजरात में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने कई जिलों में जनजीवन को गंभीर रूप से प्रभावित कर दिया है। जूनागढ़, जामनगर, सूरत, गिर सोमनाथ, दांग, तापी और दक्षिण गुजरात के कई हिस्सों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। कई निचले इलाकों में पानी भर जाने से सड़क संपर्क बाधित हुआ है, जबकि […]

Advertisement
Gauravshali Bharat
Gauravshali Bharat News
  • July 4, 2026 12:10 pm IST, Published 2 hours ago

अहमदाबाद: गुजरात में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने कई जिलों में जनजीवन को गंभीर रूप से प्रभावित कर दिया है। जूनागढ़, जामनगर, सूरत, गिर सोमनाथ, दांग, तापी और दक्षिण गुजरात के कई हिस्सों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। कई निचले इलाकों में पानी भर जाने से सड़क संपर्क बाधित हुआ है, जबकि अनेक स्थानों पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए राहत एवं बचाव अभियान चलाया गया।

जूनागढ़ जिले के समधियाला गांव के पास अचानक जलस्तर बढ़ने से कई लोग और वाहन बाढ़ के पानी में फंस गए। सूचना मिलने पर फायर विभाग की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। राहत की बात यह रही कि इस अभियान में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली।

जामनगर जिले के ध्रोल क्षेत्र में लगातार बारिश के कारण कई प्रमुख सड़कें जलमग्न हो गईं। जलभराव के चलते बच्चों से भरी स्कूल बसों समेत कई वाहन रास्ते में फंस गए। कई इलाकों में लोगों को कमर तक पानी में होकर आवागमन करना पड़ा, जिससे सामान्य जीवन पूरी तरह प्रभावित हुआ।

IMD ने राज्य के कई जिलों में अगले कुछ घंटों के दौरान मध्यम से भारी बारिश, तेज हवाएं और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना जताई है। पोरबंदर, जूनागढ़, गिर सोमनाथ, भावनगर, दाहोद, पंचमहल, भरूच, नर्मदा, सूरत, तापी सहित कई जिलों के लिए सतर्कता बरतने की सलाह जारी की गई है। विभाग के अनुसार, कुछ क्षेत्रों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं।

बारिश के आंकड़े भी इस बार मानसून की तीव्रता को दर्शा रहे हैं। जूनागढ़ जिले के मंगरोल क्षेत्र में सबसे अधिक वर्षा दर्ज की गई, जबकि मेंडरडा, केशोद और मालिया हटीना में भी अत्यधिक बारिश हुई। दक्षिण गुजरात के दांग, सूरत, तापी, नवसारी और वलसाड जिलों में भी कई स्थानों पर भारी वर्षा रिकॉर्ड की गई। राज्य के 225 से अधिक तालुकों में अच्छी बारिश दर्ज होने से कई नदियों और जलाशयों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है।

प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है और आपदा प्रबंधन दलों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। लोगों से अपील की गई है कि वे जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें, मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। मानसून की सक्रियता अभी बनी हुई है, इसलिए आने वाले दिनों में भी कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है। ऐसे में प्रशासन और नागरिकों दोनों के लिए सतर्क रहना बेहद आवश्यक होगा।

 

 

Advertisement