अहमदाबाद/भरूच: गुजरात की राजनीति में आम आदमी पार्टी (AAP) को बड़ा झटका लगा है। पार्टी के विधायक चैतर वसावा और उनकी पत्नी को वन विभाग के कर्मचारियों पर हमले से जुड़े एक मामले में अदालत ने 7 साल के कारावास की सजा सुनाई है। फैसले के बाद वसावा की विधानसभा सदस्यता पर भी खतरा मंडराने लगा है।
मामला वन विभाग के कर्मचारियों के साथ कथित मारपीट और सरकारी कार्य में बाधा डालने से जुड़ा बताया जाता है। अदालत ने सुनवाई के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर दोनों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।
कानूनी जानकारों के अनुसार, जनप्रतिनिधित्व कानून के तहत यदि किसी विधायक को दो वर्ष या उससे अधिक की सजा होती है, तो उसकी विधानसभा सदस्यता समाप्त होने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। ऐसे में चैतर वसावा की विधायकी को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं। हालांकि, अंतिम स्थिति उच्च अदालत में अपील और उससे जुड़े कानूनी आदेशों पर निर्भर करेगी।
इस फैसले के बाद गुजरात में आम आदमी पार्टी की राजनीतिक रणनीति और संगठनात्मक स्थिति पर भी असर पड़ सकता है। पार्टी की ओर से अभी तक विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह फैसला राज्य में विपक्षी राजनीति के समीकरणों को प्रभावित कर सकता है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां चैतर वसावा का प्रभाव माना जाता है।