वाराणसी : उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित विश्व प्रसिद्ध काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर के बाहर शनिवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब मंदिर के एक प्रवेश द्वार पर तैनात प्रांतीय सशस्त्र बल (PSC) के एक जवान की सर्विस रायफल से अचानक गोली चल गई। इस घटना में तीन लोग घायल हो गए। घायलों में दो श्रद्धालु और एक स्थानीय व्यक्ति शामिल बताए जा रहे हैं। घटना के तुरंत बाद मौके पर मौजूद पुलिस और सुरक्षा बलों ने स्थिति को नियंत्रित किया तथा घायलों को तत्काल अस्पताल भेजा गया।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, घटना मंदिर के प्रवेश द्वार पर सुरक्षा जांच के दौरान हुई। बताया जा रहा है कि ड्यूटी पर तैनात PSC जवान की इंसास रायफल से अचानक फायर हो गया। गोली चलने की आवाज सुनते ही आसपास मौजूद श्रद्धालुओं में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। हालांकि सुरक्षा कर्मियों ने तत्काल लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया और स्थिति को कुछ ही मिनटों में सामान्य कर दिया।
घटना में घायल हुए तीनों लोगों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार सभी घायलों की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है और किसी की भी स्थिति गंभीर नहीं है। चिकित्सकों की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है।
सूचना मिलते ही वाराणसी पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी और सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। पूरे इलाके को कुछ समय के लिए सुरक्षा घेरे में ले लिया गया और घटना की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई। मौके पर मौजूद अन्य सुरक्षा कर्मियों और प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ की जा रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि गोली किन परिस्थितियों में चली।
प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि रायफल से फायर तकनीकी कारणों या लापरवाही के चलते हुआ हो सकता है। हालांकि पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि जांच पूरी होने से पहले किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। संबंधित जवान से भी पूछताछ की जा रही है और उसकी रायफल को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जा सकता है।
काशी विश्वनाथ मंदिर देश के सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों में से एक है, जहां प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। विशेष अवसरों पर यहां श्रद्धालुओं की संख्या लाखों तक पहुंच जाती है। ऐसे में मंदिर परिसर की सुरक्षा के लिए बहुस्तरीय व्यवस्था लागू रहती है। प्रवेश द्वारों पर पुलिस, PSC और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के जवान तैनात रहते हैं तथा हर आने-जाने वाले व्यक्ति की जांच की जाती है।
घटना के बाद कुछ समय के लिए सुरक्षा व्यवस्था और अधिक सख्त कर दी गई। मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं की जांच पहले से अधिक सावधानी के साथ की गई। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि मंदिर में दर्शन व्यवस्था पूरी तरह सामान्य है और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार गोली चलने के बाद कुछ क्षणों के लिए लोग घबरा गए थे, लेकिन सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत मोर्चा संभाल लिया। लोगों को शांत कराया गया और किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की गई। प्रशासन ने कहा कि घटना पूरी तरह नियंत्रण में है और स्थिति सामान्य बनी हुई है।
वाराणसी पुलिस ने बताया कि पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच कराई जा रही है। यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित जवान के खिलाफ विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुरक्षा प्रोटोकॉल की भी समीक्षा की जाएगी।
सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि संवेदनशील धार्मिक स्थलों पर तैनात सुरक्षा कर्मियों को समय-समय पर हथियार संचालन और सुरक्षा मानकों का प्रशिक्षण दिया जाना आवश्यक है। इससे इस प्रकार की आकस्मिक घटनाओं की संभावना को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
फिलहाल पुलिस घटना के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। घायलों का इलाज जारी है और प्रशासन ने उनके बेहतर उपचार की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने तथा केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करने की अपील की है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि रायफल से गोली चलने का वास्तविक कारण क्या था।