बाड़मेर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजस्थान के बाड़मेर जिले के पचपदरा में एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी एवं पेट्रोकेमिकल परियोजना का लोकार्पण करते हुए भारत की ऊर्जा सुरक्षा, आर्थिक विकास और वैश्विक कूटनीति पर विस्तार से अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि बदलते अंतरराष्ट्रीय हालात और पश्चिम एशिया में पैदा हुए संकट के बावजूद भारत ने दूरदर्शी नीति, विविध ऊर्जा स्रोतों और मजबूत कूटनीतिक संबंधों के बल पर अपनी ऊर्जा जरूरतों को संतुलित बनाए रखा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि वैश्विक स्तर पर युद्ध और तनाव के कारण ऊर्जा बाजार में अस्थिरता आई, जिससे कई देशों को ईंधन आपूर्ति और कीमतों की गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ा। ऐसे समय में भारत ने समय रहते रणनीतिक फैसले लिए और ऊर्जा आयात के स्रोतों का दायरा बढ़ाकर आपूर्ति श्रृंखला को अधिक सुरक्षित बनाया।
उन्होंने बताया कि पहले भारत सीमित देशों से ऊर्जा आयात करता था, लेकिन वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए आयात के स्रोतों का विस्तार कर 40 से अधिक देशों तक पहुंच बनाई गई। उनके अनुसार, इस रणनीति ने देश में ऊर्जा आपूर्ति को स्थिर बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रधानमंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी का असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर भी पड़ा, लेकिन सरकार ने आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ कम रखने के लिए कई कदम उठाए।

उन्होंने पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में की गई कटौती का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार की प्राथमिकता नागरिकों के हितों की रक्षा करना रही। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने बाड़मेर रिफाइनरी परियोजना को पश्चिम भारत के औद्योगिक विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि यह परियोजना न केवल ईंधन उत्पादन क्षमता बढ़ाएगी, बल्कि पेट्रोकेमिकल उद्योग, निवेश, रोजगार और क्षेत्रीय विकास को भी नई गति देगी। इससे राजस्थान सहित आसपास के राज्यों को भी दीर्घकालिक आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि भारत आज विश्व की प्रमुख रिफाइनिंग क्षमता वाले देशों में शामिल है और आने वाले वर्षों में इस क्षेत्र में और विस्तार की योजना पर काम किया जाएगा। उनका कहना था कि ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और आधुनिक अवसंरचना देश की आर्थिक प्रगति के लिए महत्वपूर्ण आधार हैं। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने जोधपुर हवाई अड्डे के नए टर्मिनल का उद्घाटन और संशोधित उड़ान (UDAN) योजना की भी शुरुआत की। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय हवाई संपर्क बढ़ने से छोटे शहरों में व्यापार, पर्यटन और निवेश के नए अवसर विकसित होंगे तथा देश के संतुलित विकास को गति मिलेगी।