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फरीदाबाद में 200 अवैध फार्म हाउसों पर चलेगा बुलडोजर अभियान

फरीदाबाद: हरियाणा के फरीदाबाद जिले में अवैध निर्माणों के खिलाफ प्रशासन बड़े स्तर पर कार्रवाई की तैयारी में है। जिला नगर योजनाकार (डीटीपी) प्रवर्तन शाखा ने यमुना नदी की तलहटी और आसपास के क्षेत्रों में अवैध रूप से बने करीब 200 फार्म हाउसों की पहचान की है। प्रशासन के अनुसार इस सप्ताह से इन अवैध […]

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  • July 4, 2026 8:30 pm IST, Published 37 minutes ago

फरीदाबाद: हरियाणा के फरीदाबाद जिले में अवैध निर्माणों के खिलाफ प्रशासन बड़े स्तर पर कार्रवाई की तैयारी में है। जिला नगर योजनाकार (डीटीपी) प्रवर्तन शाखा ने यमुना नदी की तलहटी और आसपास के क्षेत्रों में अवैध रूप से बने करीब 200 फार्म हाउसों की पहचान की है। प्रशासन के अनुसार इस सप्ताह से इन अवैध निर्माणों को हटाने के लिए बुलडोजर अभियान शुरू किया जाएगा। यह कार्रवाई उन फार्म हाउसों और अवैध कॉलोनियों पर केंद्रित होगी, जो बिना अनुमति कृषि भूमि या यमुना के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में विकसित किए गए हैं।

प्रशासन का कहना है कि यमुना की तलहटी में बने अधिकांश फार्म हाउस बाढ़ के दौरान गंभीर खतरे में आ जाते हैं। हर वर्ष जलस्तर बढ़ने पर इन इलाकों में पानी भर जाता है, जिससे वहां रहने वाले लोगों की जान और माल दोनों को नुकसान पहुंचने की आशंका रहती है। इसी जोखिम को देखते हुए प्रशासन ने समय रहते अवैध निर्माणों को हटाने का निर्णय लिया है।

अधिकारियों के अनुसार जिन फार्म हाउसों को चिह्नित किया गया है, उनमें से अधिकांश का उपयोग स्थायी निवास के बजाय मनोरंजन, पार्टियों या सप्ताहांत बिताने के लिए किया जाता है। कई मालिक शहर में रहते हैं और इन फार्म हाउसों की देखभाल के लिए कर्मचारियों को नियुक्त कर रखा है। इसके बावजूद निर्माण पूरी तरह नियमों के विपरीत पाए गए हैं।

इन क्षेत्रों में सबसे अधिक अवैध निर्माण

जांच में सामने आया है कि यमुना नदी के किनारे स्थित किड़ावली गांव में बड़े पैमाने पर अवैध प्लॉटिंग और फार्म हाउस विकसित किए गए हैं। इसके अलावा इस्माइलपुर, सेहतपुर, अगवानपुर, ददरिया, महावतपुर, चौरसी, भूपानी, ललपुर, भरसकोला, मोजाबाद और दलेलपुर सहित कई गांवों में कृषि भूमि पर अवैध कॉलोनियां बसाई गई हैं। कई स्थानों पर पक्के मकान और व्यावसायिक निर्माण भी खड़े कर दिए गए हैं।

प्रशासन का कहना है कि इन इलाकों में वर्षों से अवैध प्लॉटिंग का कारोबार चल रहा है। धीरे-धीरे पूरी कॉलोनियां विकसित हो गईं, जिससे अब कार्रवाई और भी चुनौतीपूर्ण हो गई है। इसके बावजूद विभाग ने स्पष्ट किया है कि नियमों के विरुद्ध बने किसी भी निर्माण को बख्शा नहीं जाएगा।

नोटिस के बाद होगी कार्रवाई

जिला नगर योजनाकार विभाग ने दुग्गी बिल्डर, खेड़ी खुर्द, गोंधी और अन्य क्षेत्रों में विकसित हो रही अवैध कॉलोनियों के निर्माणकर्ताओं को नोटिस जारी किए हैं। जिन लोगों ने बिना स्वीकृति निर्माण कराया है, उन्हें निर्धारित समय में जवाब देने का अवसर दिया जाएगा। जांच पूरी होने के बाद नियमों के अनुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।

अधिकारियों ने बताया कि कई मामलों में कृषि भूमि का उपयोग व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए किया गया है, जबकि इसके लिए आवश्यक अनुमति नहीं ली गई। ऐसे मामलों में कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद अवैध निर्माण हटाए जाएंगे।

यमुना पार भी बढ़ी अवैध प्लॉटिंग

प्रशासन के अनुसार यमुना नदी के पार स्थित कई गांवों में भी बड़े पैमाने पर अवैध प्लॉटिंग की गई है। यहां कृषि भूमि पर फार्म हाउस और अन्य निर्माण तेजी से विकसित हुए हैं। इन स्थानों पर समय-समय पर सामाजिक कार्यक्रम और पार्टियां आयोजित होती रही हैं। हालांकि बीच-बीच में कार्रवाई भी हुई, लेकिन लगातार निगरानी नहीं होने के कारण अवैध निर्माणों पर प्रभावी रोक नहीं लग सकी।

अब प्रशासन का दावा है कि इस बार अभियान व्यापक स्तर पर चलाया जाएगा और जिन निर्माणों के पास वैध अनुमति नहीं होगी, उन्हें हटाने में किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।

वर्षों से मिल रही थीं शिकायतें

स्थानीय लोगों और विभिन्न संगठनों की ओर से लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं कि कृषि भूमि का व्यावसायिक उपयोग कर बड़े-बड़े फार्म हाउस और कॉलोनियां विकसित की जा रही हैं। इससे न केवल पर्यावरणीय संतुलन प्रभावित हो रहा है बल्कि बाढ़ क्षेत्र में निर्माण होने के कारण भविष्य में बड़ी दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यमुना की तलहटी प्राकृतिक जल निकासी का महत्वपूर्ण क्षेत्र है। यहां बड़े पैमाने पर निर्माण होने से बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है और आसपास के क्षेत्रों पर भी इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इसी कारण ऐसे क्षेत्रों में निर्माण के लिए कड़े नियम बनाए गए हैं।

प्रशासन ने दी सख्त चेतावनी

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध निर्माण करने वालों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। जिन लोगों ने बिना अनुमति कृषि भूमि पर निर्माण किया है, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि किसी भी भूखंड या फार्म हाउस की खरीद से पहले उसकी वैधानिक स्थिति की पूरी जांच कर लें, ताकि भविष्य में कानूनी विवाद या ध्वस्तीकरण जैसी स्थिति का सामना न करना पड़े।

फरीदाबाद प्रशासन का कहना है कि अवैध निर्माणों पर सख्ती से कार्रवाई कर शहर और आसपास के क्षेत्रों में नियोजित विकास सुनिश्चित किया जाएगा। अभियान के दौरान किसी भी प्रकार के अवैध निर्माण को संरक्षण नहीं दिया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।

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