नई दिल्ली। देश में मानसून एक बार फिर जोर पकड़ता दिखाई दे रहा है। राजस्थान और बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने दो अलग-अलग निम्न दबाव (लो-प्रेशर) क्षेत्रों और पहाड़ी इलाकों में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से अगले दो से तीन दिनों में उत्तर, पश्चिम और मध्य भारत के कई राज्यों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, इन तीनों मौसम प्रणालियों के कारण वातावरण में नमी बढ़ेगी, जिससे कई राज्यों में वर्षा की गतिविधियां तेज होंगी। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील की है।
आईएमडी के अनुसार दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश के कई इलाकों में अगले 48 से 72 घंटों के दौरान मध्यम से भारी बारिश हो सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि राजस्थान और बंगाल की खाड़ी के सिस्टम एक-दूसरे को मजबूती दे रहे हैं, जिससे उत्तर भारत में नमी की आपूर्ति बढ़ेगी और बारिश का दायरा विस्तृत होगा।
मौसम विभाग के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी और ओडिशा तट के पास बना निम्न दबाव क्षेत्र लगातार मजबूत हो रहा है। इसके प्रभाव से ओडिशा, झारखंड और पश्चिम बंगाल के गंगीय क्षेत्रों में कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।
वहीं 27 जुलाई को छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में भी तेज बारिश का पूर्वानुमान जारी किया गया है।
दिल्ली, पूर्वी हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। उत्तर प्रदेश के कई जिलों में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है, जबकि बिहार के आंतरिक इलाकों में भी अच्छी वर्षा होने के आसार हैं। हालांकि बिहार के अधिकांश क्षेत्रों में रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना जताई गई है।
पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में लगातार तेज बारिश जारी रह सकती है। मौसम विभाग ने भूस्खलन, बादल फटने, अचानक बाढ़ और नदी-नालों के उफान की चेतावनी जारी की है।
प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और यात्रियों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
दक्षिण-पश्चिम राजस्थान के ऊपर सक्रिय निम्न दबाव क्षेत्र अरब सागर से लगातार नमी खींच रहा है, जिससे राजस्थान के कई हिस्सों में अगले दो दिनों तक अच्छी बारिश होने की संभावना है। वहीं मध्य प्रदेश में भी मानसून की गतिविधियां तेज रहने का अनुमान है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि देशभर में अब तक सामान्य से लगभग 15 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। हालांकि, दोनों सक्रिय लो-प्रेशर सिस्टम के कारण आने वाले दिनों में वर्षा की कमी काफी हद तक पूरी होने की उम्मीद है।
मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।