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धर्मेंद्र प्रधान के समर्थन में बोले शिंदे, छात्रों के हित में केंद्र सरकार गंभीर

मुंबई: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रही राजनीतिक बहस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने छात्रों के भविष्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के […]

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  • July 26, 2026 4:02 pm IST, Published 47 minutes ago

मुंबई: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रही राजनीतिक बहस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने छात्रों के भविष्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए किए गए कदमों की सराहना की।

गोरेगांव में मीडिया से बातचीत के दौरान एकनाथ शिंदे ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए पूरे मामले को गंभीरता से लिया। उनके अनुसार, परीक्षा संबंधी अनियमितताओं और पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने सख्त कानूनी व्यवस्था लागू की है, जिससे भविष्य में ऐसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।

शिंदे ने कहा कि सरकार ने ऐसा कानून बनाया है जिसके तहत परीक्षा में गड़बड़ी या पेपर लीक जैसे मामलों में दोषी पाए जाने वालों को कड़ी सजा का प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि दोषियों को 10 वर्ष तक की सजा और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा ऐसे मामलों की सुनवाई फास्ट ट्रैक अदालतों में कराने की भी व्यवस्था की गई है, ताकि पीड़ित छात्रों को जल्द न्याय मिल सके।

उन्होंने यह भी कहा कि पूरे मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) द्वारा की जा रही है। जांच एजेंसी तथ्यों के आधार पर कार्रवाई कर रही है और दोषियों को कानून के अनुसार सजा दिलाने की प्रक्रिया जारी है। शिंदे ने विश्वास जताया कि जांच पूरी होने के बाद जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई होगी।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि भविष्य में किसी भी छात्र का भविष्य परीक्षा संबंधी अनियमितताओं के कारण प्रभावित न हो। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बनाए रखने और युवाओं का विश्वास मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार लगातार आवश्यक सुधार कर रही है।

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष के सवालों पर सीधे टिप्पणी करने से बचते हुए शिंदे ने कहा कि सरकार का ध्यान राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बजाय छात्रों के हितों की रक्षा पर है। उन्होंने दोहराया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस विषय पर गंभीरता दिखाते हुए आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक कदम उठाए हैं।

अपने बयान के अंत में एकनाथ शिंदे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विद्यार्थियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए जो निर्णय लिए गए हैं, वे देश की शिक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।

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