गुरुग्राम: हरियाणा का साइबर सिटी गुरुग्राम मंगलवार को हुई मूसलाधार बारिश के बाद पूरी तरह प्रभावित हो गया। महज दो घंटे में हुई करीब 82 मिमी बारिश ने शहर की सड़कें जलमग्न कर दीं। कई प्रमुख मार्गों पर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया, जिससे हजारों लोग घंटों तक अपने वाहनों में फंसे रहे। हालात को देखते हुए गुरुग्राम पुलिस ने एडवाइजरी जारी करते हुए सरकारी विभागों, कॉर्पोरेट कंपनियों और निजी संस्थानों से कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम की सुविधा देने की अपील की है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी भारी बारिश की संभावना जताई है, जिसके चलते प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की सलाह दी है।
बारिश का सबसे अधिक असर शहर की मुख्य सड़कों और व्यस्त चौराहों पर देखने को मिला। दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे, सोहना रोड, गोल्फ कोर्स रोड, हीरो होंडा चौक, राजीव चौक, इफको चौक और कई अन्य इलाकों में जलभराव के कारण वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। कार्यालयों की छुट्टी के समय ट्रैफिक दबाव बढ़ने से स्थिति और अधिक गंभीर हो गई। कई लोग घंटों तक जाम में फंसे रहे, जबकि स्कूल बसों और निजी वाहनों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
गुरुग्राम पुलिस ने सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से जारी एडवाइजरी में कहा कि लगातार हो रही बारिश और मौसम विभाग के पूर्वानुमान को देखते हुए कंपनियां अपने कर्मचारियों को संभव हो तो घर से काम करने की अनुमति दें। इससे सड़कों पर वाहनों की संख्या कम होगी और ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में मदद मिलेगी। पुलिस ने नागरिकों से भी अपील की कि अत्यंत आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलें तथा जलभराव वाले मार्गों से बचें।
बारिश के कारण सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था भी प्रभावित हुई। कई स्थानों पर ऑटो और कैब सेवाओं की उपलब्धता अचानक कम हो गई। जिन यात्रियों ने कैब बुक की, उन्हें लंबा इंतजार करना पड़ा। कई ड्राइवरों ने जलभराव और ट्रैफिक जाम का हवाला देकर यात्राएं रद्द कर दीं, जबकि कुछ ने सामान्य किराए से अधिक राशि की मांग की। इससे यात्रियों को अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी उठाना पड़ा।
कार्यालय से घर लौटने वाले कर्मचारियों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ा। कई लोगों को सामान्य दिनों की तुलना में दो से तीन गुना अधिक समय यात्रा में लगा। कुछ कर्मचारियों ने बताया कि उन्हें 20 से 40 मिनट तक कैब बुक होने का इंतजार करना पड़ा, जबकि कई लोग किराया कम होने की उम्मीद में लंबे समय तक सड़क किनारे खड़े रहे। देर रात तक शहर के कई हिस्सों में ट्रैफिक सामान्य नहीं हो पाया।
जलभराव के कारण कई स्थानों पर वाहन बंद हो गए। दोपहिया वाहन चालकों को विशेष कठिनाई हुई क्योंकि सड़क पर जमा पानी में गड्ढों का अनुमान लगाना मुश्किल हो गया। कुछ इलाकों में नगर निगम और प्रशासन की टीमें पानी निकालने के लिए पंपिंग मशीनों का उपयोग करती दिखाई दीं। जेसीबी मशीनों की मदद से जल निकासी और सड़क साफ करने का कार्य भी किया गया ताकि यातायात धीरे-धीरे सामान्य हो सके।
मौसम विभाग के अनुसार मानसून अब पूरी तरह सक्रिय है और अगले कुछ दिनों तक गुरुग्राम सहित दिल्ली-एनसीआर में मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना बनी हुई है। इसी कारण प्रशासन ने लोगों को मौसम संबंधी ताजा जानकारी पर नजर रखने, अनावश्यक यात्रा से बचने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है। अधिकारियों का कहना है कि यदि भारी बारिश जारी रहती है तो कुछ क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति फिर उत्पन्न हो सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि हर वर्ष मानसून के दौरान गुरुग्राम में जलनिकासी की समस्या सामने आती है। तेज बारिश के बाद कई सड़कें पानी में डूब जाती हैं, जिससे यातायात व्यवस्था चरमरा जाती है। शहरी विकास और बढ़ते निर्माण कार्यों के बीच ड्रेनेज सिस्टम को मजबूत करने की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही है। स्थानीय निवासी भी बेहतर जलनिकासी और ट्रैफिक प्रबंधन की मांग कर रहे हैं।
प्रशासन ने आपातकालीन सेवाओं को अलर्ट मोड पर रखा है। ट्रैफिक पुलिस लगातार प्रभावित मार्गों पर तैनात है और वाहन चालकों को वैकल्पिक रास्तों की जानकारी दी जा रही है। नगर निगम की टीमें जलभराव वाले क्षेत्रों की निगरानी कर रही हैं ताकि पानी की निकासी तेजी से हो सके। यदि बारिश का दौर जारी रहता है तो अतिरिक्त संसाधनों की भी तैनाती की जाएगी।
बारिश ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि तेज शहरीकरण वाले शहरों में मजबूत बुनियादी ढांचे और प्रभावी जल निकासी व्यवस्था की कितनी आवश्यकता है। फिलहाल प्रशासन का पूरा ध्यान सामान्य जनजीवन को जल्द से जल्द पटरी पर लाने और लोगों को सुरक्षित रखने पर केंद्रित है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और मौसम सामान्य होने तक सावधानी बरतें।