लखनऊ: राजधानी लखनऊ सहित मध्यांचल के 19 जिलों में बिजली उपभोक्ताओं पर विभाग ने बिना किसी पूर्व सूचना के अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल दिया है। विभाग ने अचानक हजारों उपभोक्ताओं के कनेक्शन का लोड बढ़ा दिया है, जिससे उपभोक्ताओं में खासा रोष है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, अकेले लखनऊ में 3.67 लाख उपभोक्ताओं के बिजली कनेक्शन का लोड बढ़ा दिया गया है। वहीं, मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के अंतर्गत आने वाले 19 जिलों में यह संख्या 12.57 लाख तक पहुँच गई है। शनिवार सुबह जब उपभोक्ताओं ने अपने मोबाइल पर लोड बढ़ने का मैसेज देखा, तो हड़कंप मच गया।
मैसेज मिलते ही सैकड़ों उपभोक्ता हुसैनगंज, जानकीपुरम, अमौसी और गोमती नगर स्थित बिजली जोनल कार्यालयों पर पहुँच गए। उपभोक्ताओं का आरोप है कि उनकी बिजली खपत स्वीकृत लोड से काफी कम है, इसके बावजूद विभाग ने जबरन लोड बढ़ा दिया है। कार्यालयों में उपभोक्ताओं और बिजली अभियंताओं के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई।
कई उपभोक्ताओं ने शिकायत की है कि उनका औसत लोड पिछले कई महीनों से स्थिर था, फिर भी इसे बढ़ा दिया गया है:
मामचंद्र अग्रवाल: 3 किलोवाट से बढ़ाकर 4 किलोवाट किया गया (जबकि 12 महीने का औसत मात्र 2.69 किलोवाट है)।
विमल कुमार: 4 किलोवाट से बढ़ाकर सीधे 5 किलोवाट किया गया।
राजीव: 5 किलोवाट से बढ़ाकर 6 किलोवाट किया गया।
उपभोक्ताओं का स्पष्ट आरोप है कि विभाग अपने राजस्व लक्ष्य को पूरा करने के लिए यह ‘अवैध वसूली’ कर रहा है।
उपभोक्ताओं ने बताया कि लोड बढ़ने से उनकी जेब पर सीधा असर पड़ेगा:
आवासीय कनेक्शन: 1 किलोवाट लोड बढ़ने पर प्रतिमाह 110 रुपये का अतिरिक्त बोझ।
कमर्शियल कनेक्शन: 1 किलोवाट लोड बढ़ने पर प्रतिमाह 300 रुपये का अतिरिक्त बोझ।