अमरनाथ यात्रा का तीसरा दिन: 9 जुलाई तक रजिस्ट्रेशन स्लॉट फुल

 प्रशासन की चेतावनी—बिना रजिस्ट्रेशन न आएं यात्री पहलगाम/बालटाल: श्री अमरनाथ यात्रा के तीसरे दिन प्रशासन ने उन तीर्थयात्रियों के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं, जो बिना पूर्व पंजीकरण (Registration) के बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए पहुँच रहे हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि 9 जुलाई तक सभी रजिस्ट्रेशन स्लॉट पूरी तरह भर […]

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  • July 5, 2026 9:09 am IST, Published 48 minutes ago

 प्रशासन की चेतावनी—बिना रजिस्ट्रेशन न आएं यात्री

पहलगाम/बालटाल: श्री अमरनाथ यात्रा के तीसरे दिन प्रशासन ने उन तीर्थयात्रियों के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं, जो बिना पूर्व पंजीकरण (Registration) के बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए पहुँच रहे हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि 9 जुलाई तक सभी रजिस्ट्रेशन स्लॉट पूरी तरह भर चुके हैं, इसलिए बिना रजिस्ट्रेशन वाले यात्री अपनी यात्रा को फिलहाल टाल दें।

चेकपॉइंट्स पर रोके जाएंगे यात्री

प्रशासन के अनुसार, यदि कोई तीर्थयात्री बिना वैध रजिस्ट्रेशन के बालटाल या पहलगाम रूट से आगे बढ़ने की कोशिश करेगा, तो उसे सुरक्षा चेकपॉइंट्स पर रोक दिया जाएगा। उन्हें 9 जुलाई के बाद ही आगे बढ़ने की अनुमति मिलेगी। जम्मू डिविजनल कमिश्नर रमेश कुमार ने बताया कि रविवार से केवल उन यात्रियों को कश्मीर की ओर जाने दिया जाएगा, जिनका रजिस्ट्रेशन हो चुका है।

भीड़ को नियंत्रित करने के लिए टोकन सिस्टम

प्रशासन ने भारी भीड़ को संभालने के लिए वेटिंग में चल रहे यात्रियों को लगभग 12,000 टोकन बांटे हैं। यह टोकन सिस्टम यात्रियों को उनकी निर्धारित तारीख पर वापस आने की सुविधा देगा। प्रशासन ने पहले से रजिस्टर्ड यात्रियों के लिए RFID कार्ड वितरण केंद्र भी बनाए हैं। ‘तत्काल रजिस्ट्रेशन’ की सुविधा केवल तभी दी जा रही है, जब डेली कोटे में कुछ स्थान शेष बचते हैं।

यात्रा के आंकड़े और सुरक्षा

  • प्रस्थान: यात्रा शुरू होने के बाद से अब तक 3 दिनों में 13,000 से अधिक रजिस्टर्ड यात्री बेस कैंप से बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए रवाना हो चुके हैं।

  • जत्थे: अब तक कुल 4 जत्थे रवाना किए जा चुके हैं, जिनमें पहले जत्थे में 4,822, दूसरे में 3,865 और शनिवार को तीसरे जत्थे में 4,812 यात्री शामिल थे।

  • सुरक्षा और सावधानी: यात्रा मार्ग (बालटाल और पहलगाम) पर भौगोलिक कठिनाइयों, ग्लेशियर और मौसम को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत प्रतिदिन जाने वाले यात्रियों की संख्या सीमित रखी गई है। सुरक्षा बल और माउंटेन रेस्क्यू टीम (MRT) यात्रियों की मदद के लिए लगातार तैनात हैं।

यह यात्रा 3 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त तक (57 दिनों तक) चलेगी।

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