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कोटा में हाईटेंशन करंट हादसा, 40 से अधिक लोग चपेट में

कोटा (राजस्थान): राजस्थान के कोटा शहर के अनंतपुरा क्षेत्र में रविवार को एक बड़ा बिजली हादसा सामने आया। हाईटेंशन टावर से करंट फैलने के कारण 40 से अधिक लोग इसकी चपेट में आ गए। हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार घटना इतनी अचानक हुई कि लोगों को […]

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  • July 6, 2026 8:30 pm IST, Published 2 hours ago

कोटा (राजस्थान): राजस्थान के कोटा शहर के अनंतपुरा क्षेत्र में रविवार को एक बड़ा बिजली हादसा सामने आया। हाईटेंशन टावर से करंट फैलने के कारण 40 से अधिक लोग इसकी चपेट में आ गए। हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार घटना इतनी अचानक हुई कि लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। कई लोग सड़क पर ही गिर पड़े, जबकि आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल घायलों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।

जानकारी के अनुसार, हाईटेंशन लाइन में अचानक तकनीकी खराबी आने के बाद करंट आसपास के क्षेत्र में फैल गया। इससे कई लोग बिजली के झटके की चपेट में आ गए। हादसे के समय आसपास बड़ी संख्या में स्थानीय निवासी और राहगीर मौजूद थे। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और बिजली विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई। एंबुलेंस के माध्यम से घायलों को विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि करंट फैलते ही इलाके में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। कई लोगों को हल्की चोटें आईं, जबकि कुछ लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है। चिकित्सकों की टीम घायलों का उपचार कर रही है और उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

बताया जा रहा है कि हादसे के कारण आसपास के 50 से अधिक घरों की बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई। सुरक्षा के मद्देनजर बिजली विभाग ने तत्काल संबंधित क्षेत्र की बिजली काट दी ताकि कोई और दुर्घटना न हो। इसके बाद विभाग के तकनीकी कर्मचारियों ने लाइन की जांच शुरू की और खराबी दूर करने का कार्य प्रारंभ किया।

घटना के बाद जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने घायलों के समुचित इलाज के निर्देश दिए हैं। साथ ही बिजली विभाग से हादसे के कारणों की विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में बिजली व्यवस्था को लेकर पहले भी कई बार शिकायतें की गई थीं। उनका आरोप है कि हाईटेंशन लाइन और बिजली के उपकरणों का समय पर रखरखाव नहीं होने के कारण इस तरह की घटनाएं होने की आशंका बनी रहती है। लोगों ने बिजली विभाग से नियमित निरीक्षण और सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन कराने की मांग की है।

बिजली विभाग के अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में तकनीकी खराबी की संभावना सामने आई है। हालांकि हादसे की वास्तविक वजह विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। विभाग ने लोगों से अपील की है कि जब तक मरम्मत का कार्य पूरा नहीं हो जाता, तब तक प्रभावित क्षेत्र में बिजली के खंभों, तारों और अन्य विद्युत उपकरणों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें।

विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून के दौरान बिजली लाइनों और हाईटेंशन टावरों की नियमित जांच बेहद आवश्यक होती है। बारिश, नमी और तेज हवाओं के कारण बिजली उपकरणों में तकनीकी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। ऐसे में समय रहते रखरखाव और सुरक्षा उपाय अपनाकर बड़े हादसों को रोका जा सकता है।

फिलहाल पुलिस और प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटे हैं। घायलों का इलाज जारी है और प्रभावित इलाके में स्थिति सामान्य बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है। वहीं, बिजली विभाग की टीम युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य में लगी हुई है ताकि जल्द से जल्द क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बहाल की जा सके।

इस घटना ने एक बार फिर विद्युत सुरक्षा व्यवस्था और हाईटेंशन लाइनों के नियमित रखरखाव की आवश्यकता को उजागर किया है। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि जांच पूरी होने के बाद हादसे के वास्तविक कारण सामने आएंगे और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएंगे।

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