राजा वारिंग ने कहा कि पार्टी का फोकस जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करने और सभी पदाधिकारियों के साथ समन्वय बढ़ाने पर है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वरिष्ठ नेता चरणजीत सिंह चन्नी फिलहाल एक-दो दिनों के लिए राज्य से बाहर हैं। उन्होंने बताया कि भूपेश बघेल ने चन्नी से बातचीत की थी और इस संबंध में स्थिति पहले ही सार्वजनिक रूप से स्पष्ट की जा चुकी है।
उन्होंने यह भी बताया कि पार्टी के दो चेयरमैन नेतृत्व से मुलाकात कर चुके हैं, जबकि दो अन्य नेताओं ने जल्द ही सुखजिंदर सिंह रंधावा और चरणजीत सिंह चन्नी से मिलने की बात कही है। वारिंग के अनुसार, फिलहाल संगठनात्मक संवाद सीमित स्तर पर जारी है और किसी अन्य नेता को बैठक के लिए आमंत्रित नहीं किया गया है।
पार्टी नेता मदन लाल जलालपुर को जारी कारण बताओ नोटिस के संबंध में पूछे गए सवाल पर राजा वारिंग ने कहा कि कांग्रेस में अनुशासन सर्वोपरि है। उन्होंने कहा कि यदि कोई नेता पार्टी हाईकमान के खिलाफ सार्वजनिक बयान देता है या संगठनात्मक मर्यादा का पालन नहीं करता, तो पार्टी की अनुशासनात्मक प्रक्रिया के तहत उसे नोटिस जारी किया जाता है।
उन्होंने कहा कि संबंधित नेता को अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर दिया जाएगा। स्पष्टीकरण मिलने के बाद पार्टी नेतृत्व नियमों और संगठनात्मक प्रक्रिया के अनुसार उचित निर्णय लेगा।
पंजाब कांग्रेस इस समय संगठनात्मक एकजुटता पर विशेष ध्यान दे रही है। आगामी राजनीतिक चुनौतियों को देखते हुए पार्टी नेतृत्व आंतरिक अनुशासन, संवाद और संगठनात्मक मजबूती को प्राथमिकता दे रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में प्रदेश कांग्रेस के भीतर कई महत्वपूर्ण संगठनात्मक फैसले सामने आ सकते हैं।