• होम
  • पंजाब
  • पंजाब कांग्रेस में संगठनात्मक मंथन तेज, अनुशासन पर सख्त संदेश

पंजाब कांग्रेस में संगठनात्मक मंथन तेज, अनुशासन पर सख्त संदेश

चंडीगढ़: पंजाब कांग्रेस में संगठन को मजबूत करने और आगामी राजनीतिक रणनीति को लेकर गतिविधियां तेज हो गई हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वारिंग ने बताया कि पार्टी की प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) की अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें संगठन से जुड़े वरिष्ठ पदाधिकारियों, कार्यकारी अध्यक्षों, कोषाध्यक्ष और महासचिवों ने हिस्सा लिया। इसके […]

Advertisement
Gauravshali Bharat
Gauravshali Bharat News
  • July 7, 2026 1:32 pm IST, Published 2 hours ago

चंडीगढ़: पंजाब कांग्रेस में संगठन को मजबूत करने और आगामी राजनीतिक रणनीति को लेकर गतिविधियां तेज हो गई हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वारिंग ने बताया कि पार्टी की प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) की अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें संगठन से जुड़े वरिष्ठ पदाधिकारियों, कार्यकारी अध्यक्षों, कोषाध्यक्ष और महासचिवों ने हिस्सा लिया। इसके बाद जिला अध्यक्षों के साथ भी अलग से बैठक प्रस्तावित की गई, ताकि संगठनात्मक ढांचे को और प्रभावी बनाया जा सके।

राजा वारिंग ने कहा कि पार्टी का फोकस जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करने और सभी पदाधिकारियों के साथ समन्वय बढ़ाने पर है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वरिष्ठ नेता चरणजीत सिंह चन्नी फिलहाल एक-दो दिनों के लिए राज्य से बाहर हैं। उन्होंने बताया कि भूपेश बघेल ने चन्नी से बातचीत की थी और इस संबंध में स्थिति पहले ही सार्वजनिक रूप से स्पष्ट की जा चुकी है।

उन्होंने यह भी बताया कि पार्टी के दो चेयरमैन नेतृत्व से मुलाकात कर चुके हैं, जबकि दो अन्य नेताओं ने जल्द ही सुखजिंदर सिंह रंधावा और चरणजीत सिंह चन्नी से मिलने की बात कही है। वारिंग के अनुसार, फिलहाल संगठनात्मक संवाद सीमित स्तर पर जारी है और किसी अन्य नेता को बैठक के लिए आमंत्रित नहीं किया गया है।

पार्टी नेता मदन लाल जलालपुर को जारी कारण बताओ नोटिस के संबंध में पूछे गए सवाल पर राजा वारिंग ने कहा कि कांग्रेस में अनुशासन सर्वोपरि है। उन्होंने कहा कि यदि कोई नेता पार्टी हाईकमान के खिलाफ सार्वजनिक बयान देता है या संगठनात्मक मर्यादा का पालन नहीं करता, तो पार्टी की अनुशासनात्मक प्रक्रिया के तहत उसे नोटिस जारी किया जाता है।

उन्होंने कहा कि संबंधित नेता को अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर दिया जाएगा। स्पष्टीकरण मिलने के बाद पार्टी नेतृत्व नियमों और संगठनात्मक प्रक्रिया के अनुसार उचित निर्णय लेगा।

पंजाब कांग्रेस इस समय संगठनात्मक एकजुटता पर विशेष ध्यान दे रही है। आगामी राजनीतिक चुनौतियों को देखते हुए पार्टी नेतृत्व आंतरिक अनुशासन, संवाद और संगठनात्मक मजबूती को प्राथमिकता दे रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में प्रदेश कांग्रेस के भीतर कई महत्वपूर्ण संगठनात्मक फैसले सामने आ सकते हैं।

Advertisement