आशीष सूद के अनुसार, नरेला में प्रस्तावित हाई-सिक्योरिटी जेल राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि बढ़ती आबादी और बदलती सुरक्षा आवश्यकताओं को देखते हुए अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस इस जेल का निर्माण भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर किया जा रहा है।
उन्होंने पर्यावरण संरक्षण का उल्लेख करते हुए कहा कि दिल्ली के “फेफड़े” माने जाने वाले रिज क्षेत्र को संरक्षित करने के लिए सरकार ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। उनके अनुसार, करीब 5,000 हेक्टेयर भूमि को आधिकारिक रूप से अधिसूचित (नोटिफाई) किया गया है। उन्होंने दावा किया कि यह प्रक्रिया तीन दशकों से अधिक समय से लंबित थी, जिसे वर्तमान सरकार ने पूरा किया है।
मंत्री ने कहा कि रिज क्षेत्र राजधानी के पर्यावरणीय संतुलन, हरित आवरण और जैव विविधता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस क्षेत्र को कानूनी संरक्षण मिलने से अतिक्रमण पर रोक लगाने, हरित क्षेत्र को सुरक्षित रखने और पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
आशीष सूद ने यह भी कहा कि इस पहल की केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सराहना की है। उनके अनुसार, केंद्र और दिल्ली सरकार के बीच समन्वय के साथ राजधानी के विकास, सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है।
राजधानी में सुरक्षा अवसंरचना के विस्तार और हरित क्षेत्रों के संरक्षण जैसे मुद्दे आने वाले समय में दिल्ली की विकास नीति के महत्वपूर्ण हिस्से बने रहेंगे। यदि ये परियोजनाएं तय समय पर पूरी होती हैं, तो उनका असर सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ पर्यावरणीय संतुलन पर भी देखने को मिल सकता है।