मुख्यमंत्री ने कहा कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि ये दल पहले अयोध्या और राम मंदिर के मुद्दे पर अलग रुख अपनाते थे, जबकि अब जनता की भावनाओं को देखते हुए अपना राजनीतिक रुख बदल रहे हैं। उन्होंने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि राजनीतिक परिस्थितियों के अनुसार रंग बदलने की कोशिश जनता अच्छी तरह समझती है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है और इस विषय पर राजनीति करने के बजाय श्रद्धा और सम्मान का भाव होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस को अयोध्या के मुद्दे पर बोलने का नैतिक अधिकार नहीं है, क्योंकि उसके राजनीतिक इतिहास में इस विषय को लेकर अलग दृष्टिकोण रहा है।
मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी पर कानून-व्यवस्था को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों के दौरान प्रदेश में अपराध और अराजकता का माहौल था, जबकि वर्तमान सरकार अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि आज उत्तर प्रदेश में कानून का राज स्थापित हुआ है और आम नागरिक खुद को पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
अपने संबोधन में योगी आदित्यनाथ ने यह भी आरोप लगाया कि पूर्व की सरकारों में विकास योजनाओं और सरकारी संसाधनों के उपयोग में प्राथमिकताएं अलग थीं, जबकि वर्तमान सरकार धार्मिक स्थलों के विकास, बुनियादी ढांचे के विस्तार और जनकल्याणकारी योजनाओं पर समान रूप से काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष अयोध्या के नाम पर भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन जनता तथ्यों से परिचित है और विकास तथा सुशासन के आधार पर अपना निर्णय लेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रदेश की जनता भविष्य में भी उन राजनीतिक दलों का समर्थन करेगी जो विकास, सुरक्षा और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को प्राथमिकता देते हैं।
मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में अयोध्या और कानून-व्यवस्था का मुद्दा एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गया है। आने वाले समय में इन बयानों पर विपक्ष की प्रतिक्रिया भी राजनीतिक माहौल को और गर्मा सकती है।