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चीन में ‘बावी’ तूफान का कहर, 20 लाख लोग सुरक्षित निकाले

बीजिंग: चीन के पूर्वी तटीय इलाकों में शक्तिशाली ‘बावी’ (Bavi) तूफान ने भारी तबाही मचानी शुरू कर दी है। तूफान के तट से टकराने के बाद कई प्रांतों में मूसलाधार बारिश, तेज हवाएं और बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। खराब मौसम को देखते हुए चीनी प्रशासन ने बड़े पैमाने पर राहत एवं बचाव अभियान […]

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  • July 13, 2026 1:00 am IST, Published 45 seconds ago

बीजिंग: चीन के पूर्वी तटीय इलाकों में शक्तिशाली ‘बावी’ (Bavi) तूफान ने भारी तबाही मचानी शुरू कर दी है। तूफान के तट से टकराने के बाद कई प्रांतों में मूसलाधार बारिश, तेज हवाएं और बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। खराब मौसम को देखते हुए चीनी प्रशासन ने बड़े पैमाने पर राहत एवं बचाव अभियान चलाया है। सरकारी अधिकारियों के अनुसार अब तक 20 लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है, ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि से बचा जा सके।

तूफान के कारण कई शहरों में जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। सड़कों पर पानी भर गया है, कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित हुई है और सार्वजनिक परिवहन सेवाओं पर भी असर पड़ा है। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और लोगों से घरों में रहने तथा अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील कर रहा है।

मौसम विभाग के अनुसार ‘बावी’ तूफान के प्रभाव से कई इलाकों में अगले 24 से 48 घंटों तक भारी से अत्यधिक भारी वर्षा होने की संभावना है। कुछ क्षेत्रों में तेज हवाओं की गति 100 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक दर्ज की गई है। समुद्री तटीय इलाकों में ऊंची लहरें उठने के कारण मछुआरों और जहाजों को समुद्र में न जाने की चेतावनी जारी की गई है।

तूफान के चलते हजारों घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। कई स्थानों पर पेड़ उखड़ गए हैं और बिजली के खंभे गिरने से विद्युत आपूर्ति बाधित हुई है। स्थानीय प्रशासन की टीमें लगातार क्षतिग्रस्त क्षेत्रों में राहत कार्य में जुटी हुई हैं।

चीनी सरकार ने आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री भेजनी शुरू कर दी है। प्रभावित लोगों के लिए अस्थायी राहत शिविर बनाए गए हैं, जहां भोजन, पीने का पानी, दवाइयों और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी अलर्ट मोड पर हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

रेल और हवाई सेवाओं पर भी तूफान का असर देखने को मिला है। कई उड़ानों को रद्द किया गया है जबकि अनेक ट्रेनों का संचालन अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। प्रशासन ने यात्रियों से यात्रा शुरू करने से पहले आधिकारिक सूचना की जांच करने की सलाह दी है।

विशेषज्ञों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण एशियाई देशों में चक्रवाती तूफानों की तीव्रता और आवृत्ति दोनों बढ़ती जा रही हैं। समुद्र के बढ़ते तापमान के कारण ऐसे तूफान अधिक शक्तिशाली बन रहे हैं, जिससे तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए खतरा लगातार बढ़ रहा है।

स्थानीय प्रशासन ने स्कूलों, कॉलेजों और कई सरकारी कार्यालयों को अस्थायी रूप से बंद रखने का फैसला लिया है। निर्माण कार्यों पर भी रोक लगा दी गई है ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना न हो। आपदा प्रबंधन एजेंसियां चौबीसों घंटे राहत एवं बचाव कार्य में लगी हुई हैं।

सोशल मीडिया पर तूफान और बाढ़ की कई तस्वीरें एवं वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिनमें तेज बहाव, ऊंची लहरें और जलमग्न सड़कें दिखाई दे रही हैं। हालांकि अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों से बचें और केवल आधिकारिक स्रोतों से जारी जानकारी पर ही भरोसा करें।

प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए अतिरिक्त बसों और आपातकालीन वाहनों की व्यवस्था की है। राहत दल नावों और अन्य संसाधनों की मदद से फंसे लोगों को बाहर निकाल रहे हैं। अस्पतालों को भी आपात स्थिति के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।

मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में भी कई इलाकों में भारी बारिश जारी रह सकती है। इसलिए लोगों को सतर्क रहने, प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और किसी भी आपात स्थिति में हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करने की सलाह दी गई है।

फिलहाल सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि समय रहते बड़े पैमाने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया, जिससे संभावित जनहानि को काफी हद तक रोका जा सका। हालांकि प्रशासन का मानना है कि मौसम सामान्य होने के बाद ही वास्तविक नुकसान का सही आकलन किया जा सकेगा।

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