नोएडा: दिल्ली-एनसीआर में रहने वाले लाखों यात्रियों के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) नोएडा रोडवेज डिपो को इंटर स्टेट बस टर्मिनल (ISBT) के रूप में विकसित करने की तैयारी कर रहा है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद नोएडा से देश के कई राज्यों के लिए 24 घंटे बस सेवाएं उपलब्ध होंगी। इससे खासकर उन लोगों को बड़ी सुविधा मिलेगी जो नौकरी, शिक्षा, व्यापार या अन्य कारणों से नियमित रूप से दूसरे राज्यों की यात्रा करते हैं।
वर्तमान समय में नोएडा और ग्रेटर नोएडा में रहने वाले लाखों लोग उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, राजस्थान, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और दिल्ली सहित अन्य राज्यों की यात्रा के लिए अक्सर दिल्ली के कश्मीरी गेट ISBT या आनंद विहार ISBT पर निर्भर रहते हैं। इसके कारण यात्रियों को अतिरिक्त समय और खर्च दोनों का सामना करना पड़ता है। नए ISBT के संचालन से यह समस्या काफी हद तक समाप्त हो जाएगी।
यात्रियों को मिलेगा बड़ा लाभ
नोएडा डिपो को ISBT में बदलने का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए पहले दिल्ली जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। वे सीधे नोएडा से ही विभिन्न राज्यों के लिए बस पकड़ सकेंगे। इससे समय की बचत होगी और यात्रा अधिक सुविधाजनक बनेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि दिल्ली-एनसीआर में बढ़ती आबादी और लगातार बढ़ रहे ट्रैफिक को देखते हुए यह परियोजना बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। नोएडा में रहने वाले लाखों प्रवासी नागरिकों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।
24 घंटे संचालित होंगी बस सेवाएं
योजना के अनुसार ISBT बनने के बाद दिन और रात दोनों समय बसों का संचालन किया जाएगा। यात्रियों को देर रात या तड़के यात्रा करने में भी कोई परेशानी नहीं होगी। इससे लंबी दूरी की यात्रा करने वाले लोगों को काफी राहत मिलेगी।
उत्तर प्रदेश रोडवेज की कोशिश है कि प्रमुख शहरों और राज्यों के लिए नियमित और समयबद्ध बस सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। इसके लिए आधुनिक सुविधाओं से लैस बस टर्मिनल विकसित करने की योजना बनाई जा रही है।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा नया ISBT
प्रस्तावित ISBT में यात्रियों की सुविधा के लिए आधुनिक इंतजाम किए जाएंगे। इनमें डिजिटल सूचना प्रणाली, आरामदायक प्रतीक्षालय, टिकट काउंटर, ऑनलाइन टिकट सुविधा, स्वच्छ शौचालय, पेयजल व्यवस्था, फूड कोर्ट, पार्किंग, सीसीटीवी निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था जैसी सुविधाएं शामिल हो सकती हैं।
इसके अलावा दिव्यांग यात्रियों के लिए विशेष सुविधाएं और बेहतर यातायात प्रबंधन की भी व्यवस्था किए जाने की संभावना है।
कई राज्यों के लिए सीधे बस संचालन
नई व्यवस्था लागू होने के बाद उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों के अलावा दिल्ली, हरियाणा, उत्तराखंड, राजस्थान, पंजाब और अन्य राज्यों के प्रमुख शहरों के लिए सीधी बस सेवाएं शुरू किए जाने की योजना है। इससे यात्रियों को बार-बार बस बदलने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
त्योहारी सीजन, गर्मी की छुट्टियों और अन्य विशेष अवसरों पर अतिरिक्त बसों का संचालन भी आसान हो जाएगा, जिससे यात्रियों को आरक्षण और सीटों की कमी जैसी समस्याओं से राहत मिल सकती है।
दिल्ली के ट्रैफिक पर भी पड़ेगा असर
परिवहन विशेषज्ञों का मानना है कि नोएडा में ISBT विकसित होने से दिल्ली के प्रमुख बस अड्डों पर यात्रियों का दबाव कम होगा। इससे ट्रैफिक जाम की समस्या में भी कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में तेजी से बढ़ती आबादी को देखते हुए यह परियोजना भविष्य की परिवहन जरूरतों को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
रोजगार और व्यापार को मिलेगा बढ़ावा
ISBT बनने के बाद आसपास के क्षेत्रों में होटल, रेस्टोरेंट, टैक्सी सेवा, ई-रिक्शा, दुकानों और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों में तेजी आने की संभावना है। इससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
इसके अलावा बेहतर परिवहन व्यवस्था से निवेश और औद्योगिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। नोएडा पहले से ही आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स और औद्योगिक क्षेत्र का प्रमुख केंद्र है। ऐसे में मजबूत परिवहन नेटवर्क इस क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
यात्रियों की लंबे समय से थी मांग
नोएडा और ग्रेटर नोएडा के निवासी लंबे समय से इंटर स्टेट बस टर्मिनल की मांग कर रहे थे। अब इस दिशा में पहल होने से लोगों में उत्साह देखा जा रहा है। यदि योजना तय समय पर पूरी होती है तो लाखों यात्रियों को प्रतिदिन इसका लाभ मिलेगा।
नोएडा रोडवेज डिपो को ISBT के रूप में विकसित करने की योजना दिल्ली-एनसीआर की परिवहन व्यवस्था में बड़ा बदलाव ला सकती है। इससे यात्रियों का समय बचेगा, यात्रा आसान होगी और कई राज्यों के लिए सीधी बस सेवाएं उपलब्ध होंगी। आधुनिक सुविधाओं से लैस यह बस टर्मिनल नोएडा को राष्ट्रीय परिवहन नेटवर्क से और अधिक मजबूती से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है। यात्रियों को अब इस परियोजना के जल्द धरातल पर उतरने का इंतजार है।