कराईकुडी/तमिलनाडु: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के बीच राजनीतिक हलचल तेज है और सभी दल अपनी-अपनी जीत का दावा कर रहे हैं। इसी क्रम में कांग्रेस सांसद Karti Chidambaram ने भरोसा जताया है कि डीएमके के नेतृत्व वाला सेक्युलर प्रोग्रेसिव अलायंस इस बार चुनाव में शानदार प्रदर्शन करेगा।
चिदंबरम मतदान करने के लिए अपनी पत्नी और बेटी के साथ शिवगंगा जिले के कराईकुडी पहुंचे। मतदान के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि उन्हें अपने संसदीय क्षेत्र शिवगंगा को लेकर खास विश्वास है और गठबंधन को यहां से मजबूत समर्थन मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि तिरुपत्तूर विधानसभा सीट से उम्मीदवार केआर पेरियाकरुप्पन बड़ी जीत दर्ज करेंगे।
तमिलनाडु में इस बार चुनाव बेहद दिलचस्प और प्रतिस्पर्धी माना जा रहा है। यहां मुख्य मुकाबला Dravida Munnetra Kazhagam (DMK) के नेतृत्व वाले गठबंधन और All India Anna Dravida Munnetra Kazhagam (AIADMK) के नेतृत्व वाले गठबंधन के बीच है। इसके अलावा ‘नाम तमिलर काची’ (NTK) और ‘तमिलगा वेट्री कजगम’ (TVK) भी चुनावी मैदान में हैं, जिससे मुकाबला और भी रोचक हो गया है।
कांग्रेस नेता ने खास तौर पर युवाओं से अपील की कि वे लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी करें। उन्होंने कहा कि मतदान केवल अधिकार ही नहीं, बल्कि एक महत्वपूर्ण कर्तव्य भी है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे उम्मीदवारों और उनकी नीतियों को समझकर सही निर्णय लें और बड़ी संख्या में मतदान करें।
चुनाव आयोग की व्यवस्था पर सवाल पूछे जाने पर चिदंबरम ने कहा कि अब तक मतदान प्रक्रिया पूरी तरह शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित रही है। उन्होंने भरोसा जताया कि आगे भी मतदान इसी तरह शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न होगा।

तमिलनाडु की सभी 234 विधानसभा सीटों पर सुबह 7 बजे से मतदान शुरू हो चुका है। इस चुनाव में लगभग 5.73 करोड़ मतदाता 4,023 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करेंगे। मतदान केंद्रों पर सुबह से ही लंबी कतारें देखने को मिलीं, जो लोगों के उत्साह को दर्शाती हैं।
दोपहर 3 बजे तक लगभग 70% मतदान दर्ज किया गया, जो कि एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। उच्च मतदान प्रतिशत से यह साफ है कि जनता इस बार चुनाव को लेकर काफी जागरूक और उत्साहित है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बार मतदाताओं की भागीदारी चुनाव परिणामों को निर्णायक रूप से प्रभावित कर सकती है। सभी राजनीतिक दल लगातार मतदान प्रतिशत और क्षेत्रों के रुझानों पर नजर बनाए हुए हैं।
अब सभी की नजर 4 मई पर टिकी है, जब वोटों की गिनती होगी और यह स्पष्ट हो जाएगा कि तमिलनाडु में अगली सरकार किसकी बनेगी।