चेन्नई: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर देश ही नहीं बल्कि विदेशों में बसे तमिल समुदाय के बीच भी जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। इस बार बड़ी संख्या में प्रवासी तमिल मतदाता (NRI Voters) अपने मताधिकार का उपयोग करने के लिए भारत लौट रहे हैं, जो चुनावी भागीदारी के बढ़ते महत्व को दर्शाता है।
पिछले कुछ दिनों में चेन्नई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर यात्रियों की आवाजाही में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। खाड़ी देशों, दक्षिण-पूर्व एशिया, यूरोप और अमेरिका से बड़ी संख्या में एनआरआई और प्रवासी भारतीय तमिलनाडु पहुंच रहे हैं। एयरपोर्ट अधिकारियों के अनुसार, चुनावी अवधि के दौरान यह संख्या और बढ़ने की संभावना है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि विदेशों में रहने वाले लोग भी राज्य की राजनीति और भविष्य को लेकर गंभीर हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह ट्रेंड दर्शाता है कि अब प्रवासी भारतीय भी राज्य के विकास, नीतियों और शासन में अपनी भूमिका निभाना चाहते हैं। तमिलनाडु जैसे राजनीतिक रूप से सक्रिय राज्य में हर वोट की अहमियत होती है, और यही वजह है कि विदेशों में बसे तमिल मतदाता भी सक्रिय रूप से चुनावी प्रक्रिया में हिस्सा लेने के लिए प्रेरित हो रहे हैं।

विदेशों में सक्रिय तमिल संगठनों ने भी इस बढ़ती भागीदारी की पुष्टि की है। उनका कहना है कि इस बार चुनाव को लेकर जागरूकता पहले से कहीं अधिक है। सोशल मीडिया, डिजिटल कैंपेन और समुदाय-आधारित जागरूकता कार्यक्रमों के जरिए लोगों को मतदान के महत्व के बारे में लगातार जानकारी दी जा रही है।
चुनाव आयोग भी मतदाताओं को अधिक से अधिक संख्या में मतदान के लिए प्रेरित कर रहा है। प्रशासन की ओर से मतदान प्रक्रिया को सुचारु और सुविधाजनक बनाने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं, ताकि दूर-दराज से आने वाले मतदाताओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
कुल मिलाकर, तमिलनाडु चुनाव 2026 में प्रवासी तमिल मतदाताओं की सक्रिय भागीदारी लोकतंत्र की मजबूती का संकेत है। यह रुझान दर्शाता है कि लोग भले ही दुनिया के किसी भी कोने में रह रहे हों, लेकिन अपने राज्य और देश के भविष्य को लेकर उनकी जिम्मेदारी और जुड़ाव बरकरार है।