नई दिल्ली: उत्तर भारत के कई राज्यों में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। हिमालयी क्षेत्रों में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के असर से दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान समेत कई राज्यों में अगले तीन दिनों तक तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
मौसम विभाग के अनुसार जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कई इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं और हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने की आशंका है। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश में 31 मई को तेज बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है।
राजस्थान के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में 31 मई से 3 जून तक आंधी, बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है। पंजाब, हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर में भी मौसम बिगड़ने की संभावना बनी हुई है। कई स्थानों पर ओले गिरने की भी आशंका जताई गई है।
इस बीच भारतीय मौसम विभाग ने मानसून को लेकर दूसरा पूर्वानुमान भी जारी किया है। विभाग के महानिदेशक डॉ. एम. मोहपात्रा ने बताया कि जून से सितंबर तक दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान देश में सामान्य से कम बारिश होने का अनुमान है। इस साल मानसूनी वर्षा लॉन्ग पीरियड एवरेज के लगभग 90 प्रतिशत रहने की संभावना जताई गई है।
पूर्वानुमान के मुताबिक उत्तर-पश्चिम भारत, मध्य भारत और दक्षिण प्रायद्वीपीय क्षेत्रों में औसत से कम बारिश हो सकती है, जबकि पूर्वोत्तर भारत में सामान्य वर्षा रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने बताया कि सुपर अल-नीनो जैसी परिस्थितियां मानसून को प्रभावित कर सकती हैं।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि बदलते मौसम के बीच किसानों और आम लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। तेज हवाओं और बिजली गिरने की घटनाओं को देखते हुए लोगों को खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है।