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मुरथल के इस ढाबे में रोबोट परोसता है खाना, देखिए नया अंदाज

मुरथल/सोनीपत: हरियाणा का मुरथल लंबे समय से अपने स्वादिष्ट और विशाल पराठों के लिए देशभर में मशहूर है। दिल्ली-एनसीआर से लेकर दूसरे राज्यों तक जाने वाले लोग अक्सर यहां के ढाबों पर रुककर खाने का आनंद लेते हैं। लेकिन अब मुरथल का एक ढाबा अपने पारंपरिक खाने के साथ-साथ आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल को लेकर […]

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  • August 17, 2026 10:59 pm IST, Published 32 minutes ago

मुरथल/सोनीपत: हरियाणा का मुरथल लंबे समय से अपने स्वादिष्ट और विशाल पराठों के लिए देशभर में मशहूर है। दिल्ली-एनसीआर से लेकर दूसरे राज्यों तक जाने वाले लोग अक्सर यहां के ढाबों पर रुककर खाने का आनंद लेते हैं। लेकिन अब मुरथल का एक ढाबा अपने पारंपरिक खाने के साथ-साथ आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल को लेकर भी चर्चा में है। सोशल मीडिया पर सामने आई एक पोस्ट में यहां का ऐसा नजारा दिखाई दे रहा है, जहां ग्राहकों तक खाना पहुंचाने के लिए रोबोटिक सर्विस सिस्टम का इस्तेमाल किया जा रहा है।

वायरल तस्वीरों में एक रोबोटनुमा सर्विंग मशीन नजर आ रही है, जो ट्रे के जरिए ग्राहकों की टेबल तक खाना पहुंचाने के लिए तैयार की गई है। इस आधुनिक व्यवस्था ने खासकर बच्चों और युवाओं का ध्यान अपनी ओर खींचा है। तस्वीर में एक बच्चा भी इस रोबोटिक सिस्टम के साथ खड़ा दिखाई दे रहा है। सोशल मीडिया पर इस तरह की तस्वीरें सामने आने के बाद लोग मुरथल के पारंपरिक ढाबों में बदलते तकनीकी माहौल को लेकर चर्चा कर रहे हैं।

20-20 की रो में लगाई गईं टेबलें

वायरल पोस्ट में बताया गया है कि ढाबे के विशाल परिसर में टेबलों को व्यवस्थित तरीके से लगाया गया है। पोस्ट के अनुसार, करीब 20-20 की रो में लगभग 40 टेबलें मौजूद हैं। इन टेबलों को किचन से जोड़ने के लिए लंबी पटरियां या ट्रैक जैसी व्यवस्था दिखाई देती है। यह व्यवस्था ग्राहकों तक खाना पहुंचाने के पारंपरिक तरीके से बिल्कुल अलग है।

इस सिस्टम की खास बात यह बताई जा रही है कि ग्राहक को खाना ऑर्डर करने के बाद वेटर के आने का इंतजार नहीं करना पड़ता। टेबल पर दिए गए सिस्टम के जरिए ऑर्डर प्रक्रिया पूरी होने के बाद खाना एक निर्धारित ट्रे या रोबोटिक सर्विस यूनिट के माध्यम से संबंधित टेबल तक पहुंचाया जाता है। इससे खाने की सर्विस को तेज और तकनीक आधारित बनाने की कोशिश दिखाई देती है।

हालांकि, वायरल पोस्ट में किए गए सभी तकनीकी दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है। इसलिए इस व्यवस्था को लेकर सामने आ रही जानकारियों को सोशल मीडिया पोस्ट के दावे के तौर पर ही देखना उचित होगा।

बटन दबाते ही टेबल तक पहुंचता है खाना

पोस्ट में दावा किया गया है कि किचन की तरफ से खाना तैयार होने के बाद टेबल नंबर के आधार पर उसे संबंधित स्थान तक पहुंचाया जाता है। ग्राहक की टेबल पर मौजूद बटन दबाने के बाद रोबोटिक सिस्टम ट्रे लेकर वहां पहुंचता है। तस्वीरों में भी ट्रे रखने के लिए रोबोटिक यूनिट पर अलग-अलग प्लेटफॉर्म जैसी व्यवस्था दिखाई देती है।

ऐसी तकनीक का इस्तेमाल रेस्टोरेंट और फूड सर्विस इंडस्ट्री में धीरे-धीरे बढ़ रहा है। इसका उद्देश्य केवल आकर्षण पैदा करना नहीं, बल्कि सर्विस को व्यवस्थित, तेज और कम संपर्क वाला बनाना भी हो सकता है। मुरथल जैसे व्यस्त फूड डेस्टिनेशन में जहां एक समय पर बड़ी संख्या में ग्राहक पहुंचते हैं, वहां इस तरह की तकनीक ग्राहकों के अनुभव को अलग बनाने में मदद कर सकती है।

QR Code और हाई-स्पीड इंटरनेट का भी दावा

वायरल पोस्ट में यह भी दावा किया गया है कि ढाबे में ग्राहकों के लिए क्यूआर कोड आधारित सुविधा और हाई-स्पीड इंटरनेट जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। इससे साफ है कि पारंपरिक ढाबा संस्कृति के साथ डिजिटल सुविधाओं को जोड़ने पर भी जोर दिया जा रहा है।

आज के दौर में ग्राहक सिर्फ स्वाद ही नहीं, बल्कि अनुभव को भी महत्व देते हैं। खासकर युवा ग्राहक ऐसी जगहों को पसंद करते हैं जहां उन्हें खाने के साथ कुछ नया देखने और अनुभव करने को मिले। रोबोट से खाना पहुंचाने जैसी व्यवस्था इसी बदलते ग्राहक अनुभव का हिस्सा मानी जा सकती है।

मुरथल में पराठों का आकर्षण अब भी कायम

तकनीक कितनी भी आधुनिक क्यों न हो जाए, मुरथल की पहचान आज भी उसके पराठों से जुड़ी हुई है। सोनीपत जिले का मुरथल दिल्ली और उत्तर भारत के प्रमुख फूड स्टॉप में गिना जाता है। यहां सड़क यात्रियों और पर्यटकों की बड़ी संख्या रुकती है। खासकर बड़े आकार के भरवां पराठे यहां आने वाले लोगों के बीच काफी लोकप्रिय हैं।

मुरथल के ढाबों में आलू, प्याज, गोभी, मूली, पनीर और कई तरह की सब्जियों से बने पराठे मिलते हैं। इनके साथ दही, मक्खन, अचार और दूसरी चीजें परोसी जाती हैं। इसी वजह से दिल्ली से चंडीगढ़ या उत्तर भारत के दूसरे हिस्सों की ओर जाने वाले यात्रियों के लिए मुरथल लंबे समय से पसंदीदा पड़ाव बना हुआ है।

बड़े पराठों से लेकर हाईटेक सर्विस तक बदलाव

मुरथल की खासियत यह है कि यहां की ढाबा संस्कृति समय के साथ बदल रही है। पहले जहां ग्राहकों का मुख्य आकर्षण खाना और पारंपरिक माहौल होता था, वहीं अब ढाबे आधुनिक सजावट, डिजिटल ऑर्डरिंग, इंटरनेट सुविधा और तकनीकी सर्विस जैसे प्रयोग भी अपना रहे हैं।

रोबोटिक सर्विस इसी बदलाव का एक उदाहरण दिखाई देती है। हालांकि, किसी भी वायरल तस्वीर या पोस्ट को देखकर यह मान लेना सही नहीं होगा कि मुरथल के सभी ढाबों में ऐसी सुविधा उपलब्ध है। यह व्यवस्था जिस खास ढाबे की तस्वीरों में दिखाई दे रही है, उसे उसी प्रतिष्ठान की विशेष सर्विस के रूप में देखा जाना चाहिए।

बच्चों और युवाओं को आकर्षित कर रहा नया अनुभव

रोबोटिक सर्विस का सबसे बड़ा फायदा ग्राहकों के लिए इसका मनोरंजन और नया अनुभव हो सकता है। खासकर बच्चे जब किसी ढाबे में इंसानों की जगह रोबोट को खाना पहुंचाते देखते हैं, तो उनके लिए यह किसी आकर्षण से कम नहीं होता। यही वजह है कि ऐसी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से लोगों का ध्यान खींचते हैं।

मुरथल जैसे लोकप्रिय फूड हब में इस तरह के प्रयोग ढाबों को सिर्फ खाने की जगह नहीं, बल्कि एक अनुभव आधारित डेस्टिनेशन बनाने की दिशा में भी संकेत देते हैं। आने वाले समय में यदि तकनीक और पारंपरिक खानपान का यह मेल सफल रहता है, तो दूसरे फूड आउटलेट भी ऐसे प्रयोग अपना सकते हैं।

सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय

फिलहाल रोबोट से खाना परोसने वाली तस्वीरों ने सोशल मीडिया पर मुरथल की पुरानी पहचान को एक नया तकनीकी रंग दे दिया है। एक तरफ लोग यहां के पारंपरिक पराठों की चर्चा करते हैं, तो दूसरी तरफ रोबोटिक सर्विस को देखकर नई पीढ़ी के ग्राहक उत्साहित नजर आ रहे हैं।

कुल मिलाकर मुरथल में स्वाद और तकनीक का यह मेल लोगों के लिए नया अनुभव बनता दिखाई दे रहा है। हालांकि वायरल पोस्ट में किए गए तकनीकी दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन तस्वीरें यह जरूर दिखाती हैं कि पारंपरिक ढाबा संस्कृति भी अब आधुनिक तकनीक के साथ कदम मिलाने की कोशिश कर रही है।

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