काठमांडू: नेपाल सरकार के नए डिजाइन वाले 1 रुपये के सिक्के को लेकर राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है। नए सिक्के में पहले दिखाए गए विवादित राजनीतिक नक्शे की जगह एक बौद्ध मठ का चित्र शामिल किया गया है। इस बदलाव के बाद नेपाल के राजनीतिक दलों के बीच तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।
पूर्व में जारी विवादित नक्शे में लिंपियाधुरा, कालापानी और लिपुलेख को नेपाल का हिस्सा दिखाया गया था। इन क्षेत्रों को लेकर भारत और नेपाल के बीच लंबे समय से सीमा विवाद बना हुआ है। भारत ने पहले भी ऐसे नक्शे पर अपनी आपत्ति दर्ज कराई थी।
नए सिक्के के डिजाइन को लेकर नेपाल के कुछ नेताओं ने सरकार की आलोचना की है। उनका कहना है कि विवादित नक्शे को हटाना देश की क्षेत्रीय दावेदारी से जुड़ा संवेदनशील विषय है। वहीं नेपाल सरकार की ओर से कहा गया है कि सिक्कों के नए डिजाइन का उद्देश्य उनका आकार, वजन और निर्माण सामग्री में बदलाव करना है।
नेपाल राष्ट्र बैंक के अनुसार, नए 1 और 2 रुपये के सिक्कों का वजन कम किया जाएगा और इन्हें स्टील से तैयार किया जाएगा। एक रुपये के सिक्के पर नया डिज़ाइन अपनाया गया है, जबकि दो रुपये के सिक्के पर मौजूदा राष्ट्रीय नक्शा बरकरार रहेगा।
भारत और नेपाल के बीच लिपुलेख, कालापानी और लिंपियाधुरा को लेकर सीमा विवाद 1816 की सुगौली संधि की अलग-अलग व्याख्याओं से जुड़ा है। दोनों देश इस मुद्दे पर अपने-अपने ऐतिहासिक और भौगोलिक दावे रखते हैं और समय-समय पर कूटनीतिक स्तर पर बातचीत भी होती रही है।