उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार की कैबिनेट बैठक में मंगलवार को 18 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इन फैसलों में छात्राओं के लिए नई स्कूटी योजना, शिक्षा क्षेत्र को प्रोत्साहन, आधारभूत ढांचे के विकास और सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने जैसे कई अहम निर्णय शामिल हैं। सरकार का कहना है कि इन योजनाओं का उद्देश्य शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और प्रदेश के समग्र विकास को गति देना है।
कैबिनेट ने ‘रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना’ को मंजूरी दी है। इस योजना के तहत उच्च शिक्षण संस्थानों की टॉप 5 प्रतिशत मेधावी छात्राओं* को सरकार स्कूटी उपलब्ध कराएगी। इसके अलावा *दिव्यांगजन छात्राओं, निराश्रित छात्राओं और शहीदों की बेटियों* को भी इस योजना का लाभ दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे छात्राओं की उच्च शिक्षा तक पहुंच आसान होगी और उन्हें आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी।
उच्च शिक्षा और शोध को बढ़ावा देने के लिए भी कैबिनेट ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। विभिन्न महाविद्यालयों में शोधपीठ (Research Chair) की स्थापना के लिए अनुदान दिया जाएगा। वहीं, विश्वविद्यालय स्तर पर शोध और अकादमिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के लिए *एक करोड़ रुपये तक का अनुदान* देने का भी फैसला किया गया है।
महिला शिक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से वाराणसी में महिला छात्रावास के निर्माण को भी मंजूरी मिली है। इससे दूरदराज़ की छात्राओं को सुरक्षित आवास की सुविधा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में सरकार ने 333 किलोमीटर लंबे छह लेन विंध्य एक्सप्रेस-वे के निर्माण को भी मंजूरी दी है। इस परियोजना को 36 महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। एक्सप्रेस-वे के बनने से प्रदेश के कई जिलों के बीच संपर्क बेहतर होगा और व्यापार, उद्योग तथा पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने के लिए कैबिनेट ने करीब 400 करोड़ रुपये की लागत से 220 नई बसें खरीदने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी है। इससे प्रदेश के विभिन्न रूटों पर परिवहन सेवाओं में सुधार होगा और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।
योगी सरकार के इन फैसलों को शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, परिवहन और आधारभूत संरचना के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आने वाले समय में इन योजनाओं के क्रियान्वयन से प्रदेश के विभिन्न वर्गों को सीधे लाभ मिलने की उम्मीद है।