नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने देश के शैक्षणिक संस्थानों के आसपास 500 मीटर के दायरे को ‘नशामुक्त क्षेत्र’ घोषित करने का प्रस्ताव रखा है। इस प्रस्ताव के लागू होने पर स्कूल, कॉलेज और अन्य शिक्षण संस्थानों के आधा किलोमीटर के दायरे में तंबाकू, गुटका, शराब और किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थों की बिक्री प्रतिबंधित की जा सकती है।
यह प्रस्ताव ‘नशीले पदार्थों के नियंत्रण पर विजन डॉक्यूमेंट (2026-2029)’ के तहत तैयार किया गया है, जिसका उद्देश्य युवाओं को नशे की लत से बचाना और शिक्षण संस्थानों में सुरक्षित एवं स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराना है।
सरकार ने केंद्र से वित्तीय सहायता प्राप्त करने वाले उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्रों की सहमति से नशा परीक्षण (Drug Screening Test) शुरू करने का भी प्रस्ताव रखा है। यह परीक्षण छात्र कल्याण कार्यक्रम का हिस्सा होगा और पूरी तरह स्वैच्छिक (Consent-Based) होगा।
गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने संसद में बताया कि यह तीन वर्षीय रोडमैप रोकथाम आधारित शिक्षा (Preventive Education), जागरूकता अभियान, काउंसिलिंग और सामुदायिक भागीदारी पर केंद्रित है। इसका उद्देश्य छात्रों के लिए नशामुक्त और सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण तैयार करना है।
उन्होंने कहा कि छात्रों के लिए प्रस्तावित स्क्रीनिंग टेस्ट भी इसी व्यापक योजना का हिस्सा है, जिससे नशे की समस्या की समय रहते पहचान और रोकथाम की जा सके।
केंद्र का यह प्रस्ताव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत संकल्प अभियान के लिए नशामुक्त युवा’ अभियान के अनुरूप है। हाल ही में प्रधानमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एक करोड़ से अधिक युवाओं को संबोधित करते हुए कहा था कि भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के लिए युवाओं का नशे और अन्य व्यसनों से दूर रहना बेहद जरूरी है।
उन्होंने युवाओं से अपनी ऊर्जा, प्रतिभा और क्षमता को देश निर्माण में लगाने का आह्वान किया था।
गृह राज्य मंत्री ने संसद में यह भी बताया कि सरकार अवैध नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए लगातार कार्रवाई कर रही है। वर्ष 2025 में समुद्री मार्गों से 390.803 किलोग्राम मादक पदार्थ जब्त किए गए, जिनमें एम्फेटामाइन, गांजा, हशीश ऑयल और चरस शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB), अन्य प्रवर्तन एजेंसियां और राज्य पुलिस एनडीपीएस अधिनियम, 1985 के तहत नशे के कारोबार के खिलाफ लगातार अभियान चला रही हैं।