नई दिल्लीः राहुल गांधी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के आरोपों से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को अहम अंतरिम आदेश दिया। शीर्ष अदालत ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI), प्रवर्तन निदेशालय (ED) और अन्य संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे इस मामले में फिलहाल इलाहाबाद हाई कोर्ट के समक्ष कोई रिपोर्ट दाखिल न करें। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट से मामले की अगली सुनवाई को भी टालने को कहा है।
यह मामला कर्नाटक निवासी और भाजपा कार्यकर्ता एस. विग्नेश शिशिर की ओर से लगाए गए उन आरोपों से जुड़ा है, जिनमें राहुल गांधी की संपत्तियों को उनकी ज्ञात आय के स्रोतों के अनुपात में अधिक होने का दावा किया गया है। इसी शिकायत के आधार पर इलाहाबाद हाई कोर्ट ने केंद्रीय एजेंसियों को आरोपों की जांच और सत्यापन करने तथा मामले की प्रगति से अदालत को अवगत कराने के निर्देश दिए थे। राहुल गांधी ने हाई कोर्ट के इन निर्देशों को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।
इलाहाबाद हाई कोर्ट में इस मामले की अगली सुनवाई 20 अगस्त को प्रस्तावित थी। सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि अब हाई कोर्ट इस सुनवाई को आगे के आदेश तक स्थगित रखे। इसका मतलब है कि फिलहाल मामले की कार्यवाही हाई कोर्ट के स्तर पर आगे नहीं बढ़ेगी और एजेंसियों की रिपोर्ट भी वहां पेश नहीं की जाएगी। सुप्रीम कोर्ट अब राहुल गांधी की चुनौती पर आगे सुनवाई करेगा।
दूसरी ओर, केंद्र सरकार की तरफ से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस.वी. राजू ने अदालत को बताया कि CBI फिलहाल शिकायत में लगाए गए आरोपों का सत्यापन कर रही है। उनका कहना था कि एजेंसी ने अभी कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की है और शिकायत में लगाए गए आरोप गंभीर होने के कारण उनका परीक्षण किया जा रहा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि जांच के दौरान किसी संज्ञेय अपराध के संकेत मिलते हैं तो आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों को लेकर भी सवाल उठाए। अदालत ने संकेत दिया कि यदि किसी न्यायालय की ओर से किसी व्यक्ति के खिलाफ जांच से संबंधित विशेष निर्देश दिए जाते हैं तो संबंधित पक्ष को सुनने के सिद्धांत पर भी विचार किया जाना चाहिए। इसी पहलू के कारण शीर्ष अदालत ने हाई कोर्ट की प्रक्रिया की समीक्षा करने की आवश्यकता महसूस की।
राहुल गांधी ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के समक्ष अलग से कार्यवाही को इलाहाबाद हाई कोर्ट से दिल्ली हाई कोर्ट स्थानांतरित करने की मांग भी की है। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट का ताजा आदेश मामले के अंतिम गुण-दोष पर फैसला नहीं है। अदालत ने केवल हाई कोर्ट की आगे की कार्यवाही और CBI-ED की रिपोर्ट दाखिल करने पर अंतरिम रोक लगाई है। अब मामले की अगली दिशा सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई से तय होगी ।