राजस्थान विधानसभा में यूसीसी विधेयक पेश

कांग्रेस ने किया बहिष्कार; विवाह, विरासत और लिव-इन संबंधों के लिए समान नियम का प्रस्ताव जयपुर। राजस्थान विधानसभा में शुक्रवार को हंगामे और नारेबाजी के बीच समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक पेश किया गया। विधेयक पेश होने के बाद कांग्रेस विधायकों ने सदन की कार्यवाही का बहिष्कार किया। इसके बाद विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के […]

Advertisement
Gauravshali Bharat
Gauravshali Bharat News
  • August 22, 2026 9:10 am IST, Published 26 minutes ago

कांग्रेस ने किया बहिष्कार; विवाह, विरासत और लिव-इन संबंधों के लिए समान नियम का प्रस्ताव

जयपुर। राजस्थान विधानसभा में शुक्रवार को हंगामे और नारेबाजी के बीच समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक पेश किया गया। विधेयक पेश होने के बाद कांग्रेस विधायकों ने सदन की कार्यवाही का बहिष्कार किया। इसके बाद विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई।

संसदीय कार्यमंत्री जोगाराम पटेल ने 309 पन्नों और 403 धाराओं वाले इस विधेयक को सदन में पेश किया। प्रस्तावित कानून में सभी धर्मों के नागरिकों के लिए विवाह, तलाक, संपत्ति और विरासत से जुड़े मामलों में समान कानूनी व्यवस्था लागू करने का प्रावधान किया गया है।

बहुविवाह पर रोक का प्रावधान

विधेयक में बहुविवाह पर रोक लगाने का प्रस्ताव है। इसके तहत यदि किसी व्यक्ति का जीवनसाथी जीवित है, तो वह दूसरा विवाह नहीं कर सकेगा। विवाह के लिए पुरुष की न्यूनतम आयु 21 वर्ष और महिला की न्यूनतम आयु 18 वर्ष निर्धारित की गई है।

विवाह का पंजीकरण भी अनिवार्य किया गया है। विवाह के 60 दिनों के भीतर पंजीकरण नहीं कराने पर 10 हजार रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान प्रस्तावित है। विधेयक के अनुसार विवाह धार्मिक या मान्य प्रथागत रीति-रिवाजों के अनुसार किया जा सकेगा, लेकिन उसका पंजीकरण कराना जरूरी होगा।

लिव-इन संबंधों का भी पंजीकरण जरूरी

यूसीसी विधेयक में लिव-इन-रिलेशनशिप को लेकर भी प्रावधान किए गए हैं। ऐसे संबंधों का पंजीकरण अनिवार्य करने का प्रस्ताव है। साथ ही लिव-इन संबंध से जन्म लेने वाले बच्चों को दंपति की वैध संतान माना जाएगा।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में पिछले सप्ताह हुई मंत्रिमंडल की बैठक में इस विधेयक को मंजूरी दी गई थी। इसके बाद इसे विधानसभा में पेश किया गया।

मुस्लिम संगठनों ने किया विरोध

विधेयक के विधानसभा में पेश होने से पहले और बाद में मुस्लिम संगठनों ने इसका विरोध किया। जयपुर में मुस्लिम समाज के लोगों ने धर्मसभा आयोजित कर प्रस्तावित कानून पर आपत्ति जताई। इसके बाद प्रदर्शनकारी विधानसभा की ओर कूच करने निकले, लेकिन पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोक दिया।

प्रदर्शनकारियों ने राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपकर विधेयक पर अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं। जयपुर के मोतीडूंगरी स्थित मुस्लिम मुसाफिर खाने में आयोजित धर्मसभा में वक्ताओं ने प्रस्तावित यूसीसी को लेकर कई सवाल उठाए।

राजस्थान में यूसीसी विधेयक पेश होने के बाद अब इस पर विधानसभा में आगे की प्रक्रिया और बहस महत्वपूर्ण होगी। विधेयक के प्रावधान लागू होने से विवाह, तलाक, संपत्ति, विरासत और लिव-इन संबंधों से जुड़े मौजूदा कानूनी प्रावधानों में बदलाव की संभावना है।

Advertisement