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मुख्यमंत्री विजय ने परंदूर एयरपोर्ट परियोजना रद्द कर चुनावी वादा निभाया

चेन्नई: तमिलनाडु में प्रस्तावित परंदूर एयरपोर्ट परियोजना को लेकर चल रहा लंबे समय का विवाद फिलहाल थमता नजर आ रहा है। मुख्यमंत्री विजय ने विधानसभा में बड़ा ऐलान करते हुए परंदूर में प्रस्तावित नए हवाई अड्डे की योजना को वापस लेने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार जनता से किए गए वादे […]

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  • August 24, 2026 1:00 pm IST, Published 2 hours ago

चेन्नई: तमिलनाडु में प्रस्तावित परंदूर एयरपोर्ट परियोजना को लेकर चल रहा लंबे समय का विवाद फिलहाल थमता नजर आ रहा है। मुख्यमंत्री विजय ने विधानसभा में बड़ा ऐलान करते हुए परंदूर में प्रस्तावित नए हवाई अड्डे की योजना को वापस लेने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार जनता से किए गए वादे के अनुरूप परियोजना को रद्द कर रही है और एयरपोर्ट के निर्माण से जुड़े सभी कदम वापस लिए जाएंगे।

परंदूर एयरपोर्ट परियोजना को मंजूरी मिलने के बाद से ही इसके खिलाफ स्थानीय स्तर पर विरोध देखने को मिल रहा था। प्रस्तावित परियोजना को लेकर प्रभावित होने वाले क्षेत्रों के लोगों ने लंबे समय तक आंदोलन किया। उनका कहना था कि एयरपोर्ट निर्माण से उनकी जमीन, आजीविका और स्थानीय पर्यावरण पर असर पड़ सकता है। विरोध के चलते यह मुद्दा लगातार राजनीतिक बहस का हिस्सा बना रहा।

विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री विजय भी इस परियोजना के विरोध में आवाज उठाते रहे थे। चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने जनता से वादा किया था कि उनकी पार्टी को सत्ता मिलने पर परंदूर एयरपोर्ट परियोजना को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। अब सरकार बनने के बाद विधानसभा के भीतर परियोजना वापस लेने की घोषणा को इसी चुनावी वादे को पूरा करने के कदम के तौर पर देखा जा रहा है।

विधानसभा में मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि सरकार परंदूर में प्रस्तावित एयरपोर्ट स्थापित करने की प्रक्रिया से जुड़े सभी कदम वापस ले रही है। उन्होंने परियोजना के विरोध में आंदोलन कर रहे लोगों के साथ खड़े होने की बात भी दोहराई। मुख्यमंत्री के अनुसार, जनता से किया गया वादा सरकार के लिए महत्वपूर्ण है और इसी के तहत परियोजना को रद्द करने का फैसला लिया गया है।

सरकार के इस निर्णय के बाद परियोजना का विरोध कर रहे स्थानीय लोगों के बीच राहत की स्थिति बनने की उम्मीद है। लंबे समय से चल रहे आंदोलन का मुख्य मुद्दा अब समाप्त होता दिखाई दे रहा है। हालांकि, राज्य के लिए नए एयरपोर्ट की जरूरत और उसके वैकल्पिक स्थान को लेकर चर्चा आगे भी जारी रह सकती है।

परंदूर परियोजना को लेकर विपक्ष ने सरकार के फैसले पर सवाल उठाना शुरू कर दिया है। डीएमके नेता थंगम थेन्नारासु ने एयरपोर्ट को तमिलनाडु के आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया। उनका तर्क है कि आधुनिक परिवहन और हवाई संपर्क राज्य की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाते हैं। ऐसे में किसी बड़े एयरपोर्ट प्रोजेक्ट को पूरी तरह रद्द करने के बजाय वैकल्पिक समाधान तलाशने की जरूरत हो सकती है।

तमिलनाडु जैसे औद्योगिक और आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण राज्य में विमानन क्षेत्र की भूमिका लगातार बढ़ रही है। बड़े शहरों, औद्योगिक क्षेत्रों और कारोबारी केंद्रों के बीच बेहतर हवाई संपर्क से निवेश और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिल सकता है। इसलिए परंदूर परियोजना रद्द होने के बाद सरकार के सामने भविष्य की हवाई कनेक्टिविटी को लेकर नई योजना तैयार करने की चुनौती भी रहेगी।

परंदूर एयरपोर्ट को लेकर स्थानीय विरोध और विकास की आवश्यकता के बीच लंबे समय से टकराव की स्थिति बनी हुई थी। सरकार के ताजा फैसले ने फिलहाल इस विवाद को एक दिशा दे दी है, लेकिन राज्य में नए एयरपोर्ट की जरूरत का मुद्दा पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है।

अब निगाह इस बात पर होगी कि तमिलनाडु सरकार भविष्य में हवाई अड्डे की जरूरत को पूरा करने के लिए किस वैकल्पिक योजना पर काम करती है। सरकार के सामने एक तरफ जनता की आपत्तियों और स्थानीय हितों को ध्यान में रखने की जिम्मेदारी है, तो दूसरी ओर राज्य की बढ़ती आर्थिक गतिविधियों के लिए मजबूत हवाई बुनियादी ढांचा विकसित करने की जरूरत भी है।

मुख्यमंत्री विजय के फैसले को उनके चुनावी वादे की पूर्ति के रूप में देखा जा रहा है। वहीं विपक्ष की आपत्तियों के बाद आने वाले दिनों में एयरपोर्ट के वैकल्पिक विकल्प और तमिलनाडु की विमानन नीति को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो सकती है।

 

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