नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को निशाना बनाकर ठगी करने वाले कथित फर्जी एयरलाइन जॉब रैकेट का खुलासा किया है। पुलिस ने इस मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि गिरोह के सदस्य एयरलाइन में नौकरी दिलाने का झांसा देकर युवाओं से पैसे लेते थे और बाद में उन्हें नकली जॉब ऑफर लेटर जारी कर देते थे।
पुलिस के अनुसार, गिरोह नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को आकर्षक एयरलाइन नौकरी का भरोसा देता था। इसके लिए आरोपियों की ओर से अलग-अलग पदों और नियुक्ति की प्रक्रिया से संबंधित जानकारी दी जाती थी, ताकि उम्मीदवारों को प्रस्ताव वास्तविक लगे। भरोसा कायम करने के बाद उनसे कथित तौर पर सात हजार से दस हजार रुपये तक की रकम वसूली जाती थी।
ठगी का शिकार हुए युवाओं को यह विश्वास दिलाया जाता था कि पैसे देने के बाद उनकी नौकरी की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। आरोप है कि रकम लेने के बाद गिरोह के सदस्य उम्मीदवारों को नकली नियुक्ति या जॉब ऑफर लेटर उपलब्ध कराते थे। जब पीड़ितों को दस्तावेजों की वास्तविकता पर संदेह होता या वे नौकरी ज्वाइन करने की कोशिश करते, तब उन्हें ठगी का पता चलता।
मामले की जानकारी पुलिस तक पहुंचने के बाद जांच शुरू की गई। पुलिस ने शिकायतों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कथित नेटवर्क की गतिविधियों का पता लगाने का प्रयास किया। जांच के दौरान गिरोह से जुड़े लोगों की पहचान की गई और कार्रवाई करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि गिरोह ने कितने लोगों को अपना शिकार बनाया और अब तक कितनी रकम की ठगी की गई। साथ ही, पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि फर्जी नौकरी के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले दस्तावेज और ऑफर लेटर कहां तैयार किए जाते थे।
जांच एजेंसियां गिरोह के संभावित बैंक खातों, डिजिटल लेनदेन और संपर्क सूत्रों की भी पड़ताल कर सकती हैं। इससे यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि ठगी से हासिल रकम कहां भेजी जाती थी और इस नेटवर्क में गिरफ्तार आरोपियों के अलावा कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था या नहीं।
नौकरी के नाम पर होने वाली साइबर और ऑनलाइन ठगी के मामलों में अक्सर बेरोजगार युवाओं को आसान और आकर्षक रोजगार का लालच दिया जाता है। एयरलाइन, रेलवे, सरकारी विभाग और बड़ी निजी कंपनियों में नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जी विज्ञापन और दस्तावेजों का इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे मामलों में उम्मीदवारों से पहले रजिस्ट्रेशन, सिक्योरिटी, ट्रेनिंग या अन्य शुल्क के नाम पर रकम मांगी जा सकती है।
दिल्ली पुलिस की कार्रवाई के बाद युवाओं के लिए यह जरूरी है कि वे किसी भी नौकरी के प्रस्ताव को स्वीकार करने से पहले संबंधित कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट और भर्ती प्रक्रिया की जांच करें। किसी एजेंट या अनजान व्यक्ति के निजी खाते में पैसे जमा करने से पहले उसकी विश्वसनीयता सुनिश्चित करना भी महत्वपूर्ण है।
फर्जी ऑफर लेटर और नियुक्ति पत्र इस तरह के गिरोहों का एक प्रमुख हथकंडा हो सकते हैं। दस्तावेज पर कंपनी का नाम, लोगो या अधिकारियों के हस्ताक्षर होने मात्र से उसकी वास्तविकता साबित नहीं होती। नौकरी से संबंधित जानकारी की पुष्टि कंपनी के आधिकारिक संपर्क माध्यम से करना सुरक्षित तरीका माना जाता है।
फिलहाल दिल्ली पुलिस की जांच जारी है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर गिरोह के काम करने के तरीके और उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में लगी है कि कितने युवाओं से संपर्क किया गया और कितने लोग इस कथित रैकेट के शिकार बने।
यह कार्रवाई नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए भी एक महत्वपूर्ण चेतावनी है कि किसी भी आकर्षक जॉब ऑफर पर तुरंत भरोसा न करें। भर्ती प्रक्रिया, कंपनी की पहचान और भुगतान से जुड़े नियमों की आधिकारिक तौर पर पुष्टि करने के बाद ही कोई कदम उठाना चाहिए।