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अतीक के फाइनेंसर समेत तीन पर केस, कुर्क जमीन से अवैध निर्माण ढहाया

प्रयागराज: माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ से जुड़ी संपत्तियों पर प्रशासन की कार्रवाई के बावजूद एक बार फिर कुर्क जमीन पर कथित कब्जे का मामला सामने आया है। प्रयागराज के एयरपोर्ट थाना क्षेत्र में गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्क की गई अशरफ की जमीन पर अवैध निर्माण कर कब्जा करने और उसे बेचने […]

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  • August 24, 2026 4:00 pm IST, Published 2 hours ago

प्रयागराज: माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ से जुड़ी संपत्तियों पर प्रशासन की कार्रवाई के बावजूद एक बार फिर कुर्क जमीन पर कथित कब्जे का मामला सामने आया है। प्रयागराज के एयरपोर्ट थाना क्षेत्र में गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्क की गई अशरफ की जमीन पर अवैध निर्माण कर कब्जा करने और उसे बेचने की तैयारी करने के आरोप में तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

राजस्व विभाग की ओर से दी गई शिकायत के आधार पर जिन लोगों के खिलाफ केस दर्ज हुआ है, उनमें मोहम्मद मुस्लिम, उसके भाई नसरत और आफताब अहमद के नाम शामिल हैं। आरोप है कि कुर्क की गई जमीन पर इन लोगों ने कथित तौर पर कब्जा कर बाउंड्रीवॉल का निर्माण करा दिया था। जानकारी मिलने के बाद पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर निर्माण को हटाया।

बताया गया है कि संबंधित जमीन को करीब दो वर्ष पहले गैंगस्टर एक्ट की धारा 14(1) के तहत कुर्क किया गया था। कुर्की के बाद संपत्ति की निगरानी और प्रशासनिक देखरेख की जिम्मेदारी तय की गई थी। इसके बावजूद जमीन पर निर्माण किए जाने की जानकारी सामने आने के बाद प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। अधिकारियों को शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच की गई। इसके बाद पुलिस और राजस्व विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जमीन पर बने कथित अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया।

अधिकारियों का कहना है कि कुर्क संपत्ति पर किसी भी तरह के अनधिकृत निर्माण या कब्जे को स्वीकार नहीं किया जाएगा। रविवार देर रात राजस्व लेखपाल मनीष कुमार की तहरीर पर एयरपोर्ट थाने में तीनों आरोपियों के खिलाफ सार्वजनिक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम सहित संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस अब आरोपों की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि निर्माण कब कराया गया तथा इसके पीछे किन लोगों की भूमिका थी।

मोहम्मद मुस्लिम का नाम इससे पहले भी अतीक अहमद से जुड़े मामलों में सामने आता रहा है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार वह खुल्दाबाद थाने का हिस्ट्रीशीटर बताया जाता है और उसके खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। वर्तमान में उसके लखनऊ में रहने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, मौजूदा मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।

इस घटना ने कुर्क संपत्तियों की निगरानी व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। गैंगस्टर एक्ट के तहत किसी संपत्ति को कुर्क करने के बाद उसके संरक्षण और उपयोग पर प्रशासनिक नियंत्रण रहता है। ऐसे में यदि कुर्क जमीन पर बिना अनुमति निर्माण हुआ है तो यह निगरानी व्यवस्था की गंभीर कमी का संकेत माना जा सकता है। पुलिस और प्रशासन अब इस पहलू की भी जांच कर सकते हैं।

बताया जा रहा है कि पहले भी अतीक अहमद से जुड़े लोगों पर कुर्क संपत्तियों में कथित कब्जे और निर्माण के आरोप लग चुके हैं। ऐसे मामलों में पुलिस कार्रवाई और जांच की प्रगति को लेकर भी सवाल उठते रहे हैं। मौजूदा मामले के बाद प्रशासन के सामने कुर्क संपत्तियों की निगरानी को और प्रभावी बनाने की चुनौती है।

इससे पहले एयरपोर्ट थाना क्षेत्र में कुर्क जमीन पर अवैध कब्जे के एक अन्य मामले में तत्कालीन थाना प्रभारी के खिलाफ भी कार्रवाई किए जाने की जानकारी सामने आई थी। अब नए मामले में तीन लोगों के खिलाफ FIR दर्ज होने के बाद पुलिस की जांच महत्वपूर्ण हो गई है।

फिलहाल प्रशासन ने संबंधित जमीन से कथित अवैध निर्माण हटाकर संपत्ति को दोबारा अपने नियंत्रण में ले लिया है। पुलिस आरोपों, जमीन के रिकॉर्ड, कुर्की से जुड़े दस्तावेजों और निर्माण की परिस्थितियों की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि जमीन पर कब्जे और उसे बेचने की कथित तैयारी में कौन-कौन लोग शामिल थे।

 

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