नई दिल्ली: अमर शहीद शिवराम हरि राजगुरु की जयंती के अवसर पर कांग्रेस सेवादल के मुख्य संगठक श्रीनिवास बी.वी. के नेतृत्व में सेवादल के कार्यकर्ताओं ने शहीदी पार्क पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। राजधानी में भारी बारिश के बावजूद सेवादल के साथी शहीद राजगुरु को नमन करने पहुंचे और उनके देश के प्रति समर्पण को याद किया।
कार्यकर्ताओं ने शहीद राजगुरु के स्मारक पर पुष्प अर्पित कर उनके बलिदान को श्रद्धापूर्वक याद किया। इस दौरान देश की स्वतंत्रता के लिए राजगुरु और उनके साथियों द्वारा किए गए संघर्ष को स्मरण किया गया। सेवादल पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने कहा कि राजगुरु का जीवन युवाओं के लिए साहस, त्याग और राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देता है।
शिवराम हरि राजगुरु भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के उन क्रांतिकारियों में शामिल थे, जिन्होंने देश को ब्रिटिश शासन से मुक्त कराने के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। उनका नाम शहीद भगत सिंह और सुखदेव के साथ स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में विशेष सम्मान के साथ लिया जाता है। राजगुरु ने कम उम्र में ही देश की आजादी के आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई और क्रांतिकारी गतिविधियों से जुड़े।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस सेवादल के कार्यकर्ताओं ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों का योगदान केवल इतिहास का हिस्सा नहीं है, बल्कि वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी है। उन्होंने कहा कि देश की आजादी के लिए जिन लोगों ने अपना सर्वस्व न्योछावर किया, उनके विचारों और संघर्ष को नई पीढ़ी तक पहुंचाना समाज की जिम्मेदारी है।

भारी बारिश के बीच आयोजित कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं की मौजूदगी ने शहीदों के प्रति सम्मान और प्रतिबद्धता को प्रदर्शित किया। बारिश के बावजूद कार्यकर्ता शहीदी पार्क पहुंचे और निर्धारित कार्यक्रम के तहत राजगुरु को श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस दौरान देशभक्ति और राष्ट्रसेवा की भावना के साथ शहीदों के योगदान को याद किया गया।
कांग्रेस सेवादल लंबे समय से स्वतंत्रता आंदोलन के नायकों और राष्ट्रीय महत्व के अवसरों पर कार्यक्रम आयोजित करता रहा है। राजगुरु की जयंती के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम भी इसी क्रम का हिस्सा रहा। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास को समझना और उसके नायकों के योगदान को याद रखना जरूरी है, ताकि युवा पीढ़ी देश के लोकतांत्रिक मूल्यों और स्वतंत्रता के महत्व को बेहतर तरीके से समझ सके।
शहीद राजगुरु का जीवन त्याग और निर्भीकता का उदाहरण माना जाता है। उन्होंने देश की स्वतंत्रता को अपने व्यक्तिगत जीवन से ऊपर रखा। उनके बलिदान ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौर में युवाओं के बीच देश के लिए समर्पण की भावना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कार्यक्रम के अंत में सेवादल के साथियों ने शहीद राजगुरु के आदर्शों को याद करते हुए राष्ट्रहित और जनसेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। कार्यकर्ताओं ने कहा कि शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी, जब उनके त्याग और संघर्ष से प्रेरणा लेकर समाज में एकता, भाईचारे और सेवा की भावना को मजबूत किया जाए।
भारी बारिश के बीच शहीदी पार्क पहुंचकर श्रद्धांजलि देने का यह कार्यक्रम शहीद राजगुरु के प्रति सम्मान और उनके बलिदान की स्मृति को जीवित रखने का संदेश देता नजर आया। कार्यक्रम के माध्यम से स्वतंत्रता संग्राम के इस महान क्रांतिकारी को नमन करते हुए उनके योगदान को याद किया गया।