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अरुणाचल में ठेकों के कथित पक्षपाती आवंटन पर सुप्रीम कोर्ट सख्त

CBI से मांगी नई स्टेटस रिपोर्ट नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने अरुणाचल प्रदेश में मुख्यमंत्री पेमा खांडू के परिवार के सदस्यों से कथित रूप से जुड़े फर्मों को सरकारी ठेके दिए जाने में पक्षपात के आरोपों की जांच को लेकर सीबीआई से नई स्थिति रिपोर्ट मांगी है। अदालत ने सीबीआई को प्रारंभिक जांच की मौजूदा […]

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  • August 25, 2026 8:40 am IST, Published 29 minutes ago

CBI से मांगी नई स्टेटस रिपोर्ट

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने अरुणाचल प्रदेश में मुख्यमंत्री पेमा खांडू के परिवार के सदस्यों से कथित रूप से जुड़े फर्मों को सरकारी ठेके दिए जाने में पक्षपात के आरोपों की जांच को लेकर सीबीआई से नई स्थिति रिपोर्ट मांगी है। अदालत ने सीबीआई को प्रारंभिक जांच की मौजूदा स्थिति से अवगत कराने का निर्देश दिया है।

यह मामला सरकारी ठेकों के कथित पक्षपाती आवंटन से जुड़ा है। सुप्रीम कोर्ट ने इससे पहले सीबीआई को मामले में प्रारंभिक जांच करने का निर्देश दिया था।

राज्य ने कहा- सीबीआई को सभी रिकॉर्ड सौंपे

सोमवार को सुनवाई के दौरान अरुणाचल प्रदेश सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि उसने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए सीबीआई को जरूरी रिकॉर्ड और दस्तावेज उपलब्ध करा दिए हैं।

राज्य की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पीठ से कहा कि राज्य को मामले से जुड़े तथ्यों को रिकॉर्ड पर रखने के लिए कुछ और समय चाहिए।

उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के 3 अगस्त के आदेश के तहत अरुणाचल प्रदेश के मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव (गृह) अदालत में मौजूद थे। मेहता ने कहा कि राज्य यह स्पष्ट करने में सक्षम होगा कि अदालत के निर्देशों का पूरी तरह पालन किया गया है और जांच एजेंसी को सभी जरूरी दस्तावेज उपलब्ध करा दिए गए हैं।

CBI की पिछली रिपोर्ट में उठे थे सवाल

पिछले महीने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल अपनी स्थिति रिपोर्ट में सीबीआई ने आरोप लगाया था कि अरुणाचल प्रदेश सरकार अदालत के निर्देश के अनुसार रिकॉर्ड उपलब्ध कराने में सहयोग नहीं कर रही है।

सोमवार की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने इसके विपरीत दावा किया कि संबंधित दस्तावेज जांच एजेंसी को सौंप दिए गए हैं। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई से यह पुष्टि करने को कहा कि उसे ये दस्तावेज प्राप्त हुए हैं या नहीं।

राज्य को दो सप्ताह का समय

पीठ ने अरुणाचल प्रदेश सरकार को अपना पक्ष रिकॉर्ड पर रखने के लिए दो सप्ताह का समय दिया है। अदालत ने साथ ही सीबीआई से मामले की प्रारंभिक जांच की ताजा स्थिति रिपोर्ट पेश करने को कहा है।

सुप्रीम कोर्ट ने इससे पहले 6 अप्रैल को सीबीआई को ठेकों के कथित पक्षपाती आवंटन के आरोपों की प्रारंभिक जांच दर्ज करने का निर्देश दिया था।

प्रशांत भूषण ने उठाया सवाल

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता एनजीओ की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने सवाल उठाया कि क्या सीबीआई की प्रारंभिक जांच के दौरान जुटाई गई सामग्री नियमित मामला दर्ज करने के लिए पर्याप्त नहीं है।

इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि प्रारंभिक जांच में जुटाए गए तथ्यों और आगे की कार्रवाई के बारे में फैसला सीबीआई को करना है

अलग याचिका पर भी सुनवाई को तैयार कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले से जुड़े एक अन्य मुद्दे पर दायर अलग याचिका पर भी सुनवाई करने पर सहमति जताई है। अदालत ने तुषार मेहता से सरकार से आवश्यक निर्देश लेने और जरूरत पड़ने पर जवाबी हलफनामा दाखिल करने को कहा है।

फिलहाल सुप्रीम कोर्ट की नजर सीबीआई की नई स्थिति रिपोर्ट और राज्य सरकार की ओर से रिकॉर्ड पर रखे जाने वाले तथ्यों पर है। इसके बाद अदालत मामले में आगे की दिशा तय करेगी।

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