अरविंद केजरीवाल ने गोवा में E20 पेट्रोल को लेकर बड़ा राजनीतिक ऐलान किया है। गोवा में आयोजित टाउनहॉल कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि अगर 2027 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी सत्ता से बाहर होती है और आम आदमी पार्टी की सरकार बनती है, तो नई सरकार बनने के पांच दिनों के भीतर राज्य में E20 पेट्रोल की बिक्री पर रोक लगाने की कोशिश की जाएगी। केजरीवाल ने इस मुद्दे को आम लोगों और वाहन मालिकों से जोड़ते हुए इसे चुनावी बहस का अहम विषय बनाने के संकेत दिए।
केजरीवाल के मुताबिक, 2027 के विधानसभा चुनाव के नतीजे 10 मार्च को घोषित होने की स्थिति में उनकी सरकार बनने पर 15 मार्च तक E20 पेट्रोल की बिक्री रोकने का फैसला लिया जाएगा। उन्होंने इस समयसीमा को लेकर अपनी प्रतिबद्धता जताते हुए कहा कि सरकार बनने के बाद इस दिशा में तुरंत कदम उठाया जाएगा।
E20 पेट्रोल में पेट्रोल के साथ 20 प्रतिशत तक एथेनॉल मिलाया जाता है। केंद्र सरकार लंबे समय से पेट्रोल में एथेनॉल की मात्रा बढ़ाने की नीति पर काम कर रही है। इसके पीछे कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता घटाने, घरेलू स्तर पर एथेनॉल के इस्तेमाल को बढ़ावा देने और ईंधन से होने वाले प्रदूषण को कम करने जैसे उद्देश्य बताए जाते हैं।
हालांकि E20 को लेकर देश में बहस भी जारी है। कुछ वाहन मालिकों का कहना है कि एथेनॉल की अधिक मात्रा वाले पेट्रोल से पुराने वाहनों के माइलेज और इंजन से जुड़ी दिक्कतें सामने आ सकती हैं। खासतौर पर पुराने मॉडल के वाहनों को लेकर लोगों के बीच चिंता देखी गई है। दूसरी तरफ सरकार और तेल क्षेत्र से जुड़े पक्षों का कहना है कि E20 के इस्तेमाल को लेकर वाहनों और ईंधन की गुणवत्ता से संबंधित मानकों को ध्यान में रखा गया है।
केजरीवाल ने इससे पहले भी E20 पेट्रोल के मुद्दे पर सरकार की नीति पर सवाल उठाए हैं। उनका तर्क है कि वाहन मालिकों को अपनी जरूरत और वाहन की क्षमता के हिसाब से ईंधन चुनने का विकल्प मिलना चाहिए। AAP इस मुद्दे को उपभोक्ताओं की जेब और वाहन के रखरखाव से जोड़कर जनता के बीच ले जाने की तैयारी में दिखाई दे रही है।
गोवा में 2027 का विधानसभा चुनाव अभी दूर है, लेकिन राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। ऐसे में E20 पेट्रोल पर केजरीवाल का यह ऐलान आने वाले चुनाव में ईंधन नीति को एक प्रमुख मुद्दा बनाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, राज्य में E20 की बिक्री पर वास्तव में रोक लगेगी या नहीं, यह 2027 के चुनाव परिणाम और उसके बाद बनने वाली सरकार के फैसले पर निर्भर करेगा।