तमिलनाडु एक्सप्रेस में मिले 18 टुकड़े, चेन्नई में खुला राज

चेन्नई/आगरा। तमिलनाडु एक्सप्रेस के जनरल कोच से मिले महिला के शव के टुकड़ों की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, वैसे-वैसे इस सनसनीखेज हत्याकांड की कड़ियां चेन्नई के गुडुवांचेरी तक पहुंच गईं। 5 अगस्त को आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर ट्रेन से बरामद लाल ट्रॉली बैग में मानव अवशेष मिलने के बाद शुरू हुई जांच में मृतका […]

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  • August 27, 2026 8:00 pm IST, Published 2 hours ago

चेन्नई/आगरा। तमिलनाडु एक्सप्रेस के जनरल कोच से मिले महिला के शव के टुकड़ों की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, वैसे-वैसे इस सनसनीखेज हत्याकांड की कड़ियां चेन्नई के गुडुवांचेरी तक पहुंच गईं। 5 अगस्त को आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर ट्रेन से बरामद लाल ट्रॉली बैग में मानव अवशेष मिलने के बाद शुरू हुई जांच में मृतका की पहचान 38 वर्षीय हयातुन निशा के रूप में हुई है। पुलिस जांच के मुताबिक, महिला की हत्या चेन्नई में किए जाने की आशंका है और शव को कई हिस्सों में बांटकर अलग-अलग स्थानों पर ठिकाने लगाने की कोशिश की गई।

मामले में मणिकउद्दीन लश्कर और भगवती माझी के नाम प्रमुख संदिग्धों के तौर पर सामने आए हैं। दोनों फिलहाल पुलिस की पकड़ से बाहर बताए जा रहे हैं। पुलिस सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल कॉल डिटेल और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।

आगरा कैंट स्टेशन पर ट्रॉली बैग से मिले थे शव के टुकड़े

इस मामले की शुरुआत 5 अगस्त की सुबह आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर हुई। तमिलनाडु एक्सप्रेस के एक जनरल कोच में लाल रंग का ट्रॉली बैग मिला था। बैग से दुर्गंध आने के बाद जब उसे खोला गया तो पुलिस को महिला के शव के टुकड़े मिले। जांच के दौरान इनकी संख्या करीब 18 बताई गई।

शुरुआत में यह मामला आगरा में दर्ज हुआ, लेकिन पोस्टमार्टम, फोरेंसिक जांच और आगे मिले सुरागों के आधार पर जांच का रुख चेन्नई की ओर हो गया। पुलिस ने यह पता लगाने की कोशिश शुरू की कि महिला कौन थी, उसकी हत्या कहां हुई और शव के हिस्सों को ट्रेन तक कौन लेकर पहुंचा था।

38 वर्षीय हयातुन निशा की हुई पहचान

पुलिस के अनुसार, मृतका की पहचान ओडिशा के जगतसिंहपुर की रहने वाली 38 वर्षीय हयातुन निशा पत्नी जहूर खान के रूप में हुई। वह चेन्नई के तांबरम क्षेत्र स्थित विजय वस्त्र में काम करती थी।

जांच में सामने आया कि हयातुन निशा गुडुवांचेरी के मसूथी स्ट्रीट इलाके में एक किराए के मकान से जुड़ी हुई थी। इसी मकान तक पहुंचने के बाद पुलिस को मामले में अहम सुराग मिलने शुरू हुए। मृतका के परिवार से जुड़े लोगों से भी जानकारी जुटाई गई।

बेटे की गुमशुदगी शिकायत से जांच को मिली नई दिशा

मामले में उस समय नया मोड़ आया जब हयातुन निशा के 19 वर्षीय बेटे यूसुफ खान ने 21 अगस्त को अपनी मां के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई। वह मां को तलाशते हुए गुडुवांचेरी स्थित मकान पहुंचा था, लेकिन वहां हयातुन नहीं मिलीं।

गुमशुदगी की शिकायत और पहले से चल रही शव की पहचान संबंधी जांच को जोड़ने के बाद पुलिस ने उस मकान पर विशेष ध्यान दिया। इसके बाद तलाशी के दौरान पुलिस को ऐसे साक्ष्य मिलने की जानकारी सामने आई, जिनसे इस हत्याकांड की कड़ी मजबूत हुई।

किराए के मकान से मिला अहम सुराग

पुलिस ने गुडुवांचेरी स्थित किराए के मकान की तलाशी ली। रिपोर्टों के अनुसार, वहां एक बड़े बर्तन से मानव अवशेष और महिला का कटा हुआ सिर बरामद होने की जानकारी सामने आई। पुलिस ने बरामद सामग्री को फोरेंसिक जांच के लिए सुरक्षित किया।

जांच एजेंसियों को आशंका है कि हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने की कोशिश की गई। कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि शव के कुछ हिस्सों को सब्जी और मैदा के साथ पकाने का प्रयास किया गया था। हालांकि, इस पूरे पहलू की आधिकारिक जांच और फोरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर ही अंतिम निष्कर्ष सामने आएगा।

350 से ज्यादा CCTV फुटेज खंगालने का दावा

जांच को आगे बढ़ाने में सीसीटीवी फुटेज की अहम भूमिका बताई जा रही है। रिपोर्टों के मुताबिक पुलिस ने करीब 350 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज के जरिए संदिग्धों की गतिविधियों और ट्रॉली बैग को ट्रेन तक पहुंचाने की कड़ी जोड़ने की कोशिश की गई।

जांच में मणिकउद्दीन लश्कर और भगवती माझी के नाम प्रमुख संदिग्धों के तौर पर सामने आए हैं। दोनों के संबंध में पुलिस ने डिजिटल और तकनीकी साक्ष्य जुटाने शुरू किए हैं।

रिश्तों और पैसों के विवाद का एंगल भी जांच में

मामले की वजह को लेकर अभी पुलिस ने अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया है। कुछ रिपोर्टों में रिश्तों से जुड़े विवाद का एंगल सामने आया है, जबकि पैसों के लेन-देन की संभावना की भी जांच किए जाने की बात कही गई है।

बताया गया है कि मणिकउद्दीन लश्कर और भगवती माझी एक साथ रहते थे। पुलिस को संदेह है कि हयातुन निशा और संदिग्धों के बीच किसी विवाद के बाद यह वारदात हुई हो सकती है। हालांकि, यह अभी जांच का हिस्सा है और आरोपियों की गिरफ्तारी तथा पूछताछ के बाद ही हत्या की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।

आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस

फिलहाल पुलिस दोनों प्रमुख संदिग्धों की तलाश कर रही है। जांच टीम मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड, डिजिटल गतिविधियों, सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों को जोड़कर घटनाक्रम तैयार करने में लगी है।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि हयातुन निशा की हत्या किस वजह से की गई, हत्या के बाद शव को टुकड़ों में बांटने की योजना कैसे बनाई गई और उसे तमिलनाडु एक्सप्रेस के जरिए आगरा तक कैसे पहुंचाया गया। इन सवालों के जवाब आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही पूरी तरह सामने आने की उम्मीद है।

आगरा कैंट स्टेशन पर मिले शव के टुकड़ों से शुरू हुई यह जांच अब चेन्नई के गुडुवांचेरी स्थित उस मकान तक पहुंच चुकी है, जहां से पुलिस को महत्वपूर्ण साक्ष्य मिलने की बात कही गई है। पुलिस की अगली कार्रवाई और फोरेंसिक जांच रिपोर्ट इस सनसनीखेज मामले की पूरी तस्वीर साफ करने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

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