पुरी। भारत की पारंपरिक रसोई में कई ऐसे पेय मौजूद हैं जो स्वाद और सेहत दोनों का बेहतरीन संतुलन पेश करते हैं। ऐसा ही एक खास पेय है Tanka Torani, जो ओडिशा में बेहद लोकप्रिय है।
यह पारंपरिक ड्रिंक खासतौर पर गर्मियों में शरीर को ठंडक पहुंचाने के लिए पिया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इसे Jagannath Temple में महाप्रसाद के रूप में भी परोसा जाता है, जिससे इसकी सांस्कृतिक अहमियत और बढ़ जाती है।
टंका तोरानी को बनाने की प्रक्रिया बेहद सरल लेकिन दिलचस्प है। इसमें एक दिन पुराने पके चावल को पानी में डालकर रातभर रखा जाता है, जिससे उसमें हल्का फर्मेंटेशन हो जाता है। अगले दिन इसमें दही मिलाकर इसे अच्छी तरह मसल लिया जाता है।
इसके स्वाद को खास बनाने के लिए इसमें अदरक, करी पत्ते, हरी मिर्च, नींबू, धनिया पत्ता, भुना जीरा पाउडर और काला नमक मिलाया जाता है। तैयार होने के बाद इसका स्वाद हल्का खट्टा और मसालेदार होता है, जो गर्मी में तुरंत ताजगी देता है।
सेहत के लिहाज से भी यह पेय बेहद फायदेमंद माना जाता है। यह एक प्राकृतिक प्रोबायोटिक ड्रिंक है, जो पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है और पेट से जुड़ी समस्याओं को कम करने में मदद करता है।
आज के दौर में जहां लोग पैकेज्ड ड्रिंक्स की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं, वहीं टंका तोरानी जैसे पारंपरिक पेय हमें हमारी जड़ों से जोड़ते हैं। यह पूरी तरह प्राकृतिक, सस्ता और सेहतमंद विकल्प है, जिसे हर घर में आसानी से तैयार किया जा सकता है।