लखनऊ/गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश में 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र की महिलाओं के लिए रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा शुरू होने के बाद स्मार्ट कार्ड को लेकर भी चर्चा तेज है। वायरल पोस्ट में दावा किया गया है कि इस सुविधा के लिए 118 रुपये का स्मार्ट कार्ड बनाया जाएगा, जिसकी वैधता पांच साल होगी। हालांकि, मौजूदा व्यवस्था में लाभार्थी महिलाओं को स्मार्ट कार्ड का इंतजार किए बिना वैध पहचान पत्र के आधार पर भी मुफ्त यात्रा की सुविधा दी जा रही है।
उत्तर प्रदेश सरकार ने ‘लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति यात्रा योजना’ के तहत 60 वर्ष और उससे अधिक उम्र की महिलाओं को राज्य सड़क परिवहन निगम यानी UPSRTC की साधारण बसों में निशुल्क यात्रा की सुविधा दी है। कैबिनेट के फैसले के बाद योजना को लागू किया गया और 26 अगस्त को इसका औपचारिक शुभारंभ भी किया गया।
60 साल की उम्र पूरी होते ही मिलेगा लाभ
इस योजना का सबसे बड़ा फायदा प्रदेश की उन महिलाओं को मिलेगा जिनकी उम्र 60 वर्ष या उससे अधिक है। सरकार के अनुसार पात्र महिलाओं को UPSRTC की सामान्य बसों में यात्रा के दौरान किराया नहीं देना होगा। शुरुआती व्यवस्था में आधार कार्ड या वोटर आईडी जैसे वैध पहचान पत्र के जरिए उम्र का सत्यापन किया जा सकता है। बस कंडक्टर इलेक्ट्रॉनिक टिकटिंग मशीन यानी ETIM से जीरो-फेयर टिकट जारी कर सकता है।
इसका मतलब यह है कि पात्र महिलाओं को योजना का लाभ लेने के लिए तत्काल स्मार्ट कार्ड बनवाना अनिवार्य नहीं है। 28 अगस्त को सामने आई जानकारी के मुताबिक, स्मार्ट कार्ड उपलब्ध होने तक आधार या वोटर आईडी दिखाकर भी मुफ्त यात्रा की सुविधा ली जा सकती है।
118 रुपये वाला स्मार्ट कार्ड क्या है?
योजना की शुरुआती तैयारियों में लाभार्थी महिलाओं के लिए विशेष स्मार्ट कार्ड जारी करने की बात सामने आई थी। रिपोर्टों के मुताबिक स्मार्ट कार्ड की कीमत 100 रुपये और उस पर 18 प्रतिशत GST मिलाकर कुल 118 रुपये बताई गई है। कार्ड की वैधता पांच वर्ष रहने की जानकारी दी गई है।
रिपोर्ट के अनुसार कार्ड के लिए बस अड्डे के काउंटर पर आवेदन करने की व्यवस्था प्रस्तावित है। इसके लिए आधार कार्ड की स्वप्रमाणित प्रति और आवेदन पत्र जमा करना पड़ सकता है। ऑनलाइन आवेदन की सुविधा भी प्रस्तावित बताई गई है, जिसके जरिए शुल्क जमा करने के बाद निर्धारित बस स्टेशन से कार्ड प्राप्त किया जा सकता है। हालांकि, स्मार्ट कार्ड बनाने की विस्तृत प्रक्रिया और अंतिम नियमों के संबंध में परिवहन निगम की ओर से पूरी कार्ययोजना जारी किया जाना महत्वपूर्ण रहेगा।
रोजाना हजारों महिलाओं को होगा फायदा
सरकारी आंकड़ों के आधार पर इस योजना का दायरा काफी बड़ा है। उपलब्ध रिपोर्टों में 2011 की जनगणना और मार्च 2022 में किए गए बस यात्री सर्वे के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया गया है कि रोडवेज बसों में प्रतिदिन 60 वर्ष से अधिक उम्र की औसतन 88,438 महिला यात्री सफर करती हैं।
सरकार के मुताबिक इस योजना से बुजुर्ग महिलाओं को रोजमर्रा के आवागमन में आर्थिक राहत मिलेगी। खासतौर पर इलाज, रिश्तेदारों से मिलने, धार्मिक स्थलों की यात्रा या अन्य जरूरी कामों के लिए बस से आने-जाने वाली महिलाओं के लिए यह सुविधा महत्वपूर्ण हो सकती है।
सरकार पर हर महीने करोड़ों का खर्च
मुफ्त बस यात्रा की इस योजना का वित्तीय भार भी सरकार उठाएगी। कैबिनेट के फैसले से संबंधित रिपोर्टों के अनुसार योजना पर सरकार को हर महीने करीब 22.55 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च आने का अनुमान है। सालाना स्तर पर यह राशि काफी बड़ी है, लेकिन सरकार ने इसे वरिष्ठ महिलाओं की सुविधा और सामाजिक कल्याण से जुड़ी पहल के तौर पर लागू किया है।
योजना के तहत लाभार्थी महिलाओं की पहचान को आसान बनाने के लिए स्मार्ट कार्ड की व्यवस्था की जा रही है। इससे परिवहन निगम को पात्र यात्रियों की पहचान और मुफ्त यात्रा का रिकॉर्ड रखने में सुविधा मिलने की उम्मीद है।
अभी स्मार्ट कार्ड के लिए इंतजार जरूरी नहीं
यहां एक महत्वपूर्ण बात यह है कि सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट देखकर यह न समझें कि बिना 118 रुपये का स्मार्ट कार्ड बनवाए मुफ्त यात्रा नहीं की जा सकती। उपलब्ध ताजा जानकारी के मुताबिक फिलहाल 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र की पात्र महिलाएं आधार कार्ड या वोटर आईडी के जरिए अपनी उम्र साबित कर मुफ्त यात्रा कर सकती हैं।
इसलिए जिन महिलाओं ने अभी स्मार्ट कार्ड नहीं बनवाया है, उन्हें केवल कार्ड के अभाव में योजना का लाभ छोड़ने की जरूरत नहीं है। यात्रा से पहले अपने साथ वैध पहचान पत्र रखना जरूरी होगा, ताकि उम्र का सत्यापन किया जा सके।
किन बसों में मिलेगी सुविधा?
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक यह सुविधा UPSRTC की साधारण बसों में लागू है। रिपोर्टों में UPSRTC द्वारा संचालित और अनुबंधित साधारण बसों को भी योजना में शामिल किए जाने की बात कही गई है। हालांकि विशेष श्रेणी की बसों और अन्य सेवाओं के संबंध में अंतिम नियमों के लिए परिवहन निगम की आधिकारिक गाइडलाइन देखना जरूरी होगा।
कुल मिलाकर, 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र की महिलाओं के लिए यूपी रोडवेज में मुफ्त यात्रा का फैसला बड़ी राहत के तौर पर सामने आया है। 118 रुपये के स्मार्ट कार्ड और पांच साल की वैधता की जानकारी योजना की तैयारियों से जुड़ी रिपोर्टों में सामने आई है, जबकि वर्तमान में आधार या वोटर आईडी के आधार पर भी पात्र महिलाओं को जीरो-फेयर टिकट देकर यात्रा की सुविधा दी जा रही है।
नोट: 118 रुपये और पांच साल की वैधता वाली स्मार्ट कार्ड व्यवस्था के बारे में अंतिम प्रक्रिया परिवहन निगम की विस्तृत कार्ययोजना/आधिकारिक निर्देशों के अनुसार ही मानी जानी चाहिए।