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यीडा में जापानी निवेश का बड़ा धमाका, 10 हजार नौकरियां आएंगी

नई दिल्ली/ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश में जापानी निवेश को लेकर बड़ा औद्योगिक कदम सामने आया है। यूपी-जापान इन्वेस्टमेंट मीट 2026 के दौरान यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण यानी YEIDA क्षेत्र में एस्कॉर्ट्स कुबोटा और मिंडा कॉरपोरेशन की परियोजनाओं को लेकर वर्चुअल ग्राउंड-ब्रेकिंग हुई। इन परियोजनाओं में करीब ₹3,200 करोड़ के आसपास का निवेश प्रस्तावित है […]

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  • September 1, 2026 10:58 pm IST, Published 13 seconds ago

नई दिल्ली/ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश में जापानी निवेश को लेकर बड़ा औद्योगिक कदम सामने आया है। यूपी-जापान इन्वेस्टमेंट मीट 2026 के दौरान यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण यानी YEIDA क्षेत्र में एस्कॉर्ट्स कुबोटा और मिंडा कॉरपोरेशन की परियोजनाओं को लेकर वर्चुअल ग्राउंड-ब्रेकिंग हुई। इन परियोजनाओं में करीब ₹3,200 करोड़ के आसपास का निवेश प्रस्तावित है और इनसे 10 हजार से अधिक रोजगार के अवसर बनने की उम्मीद है।

यह खबर ऐसे समय आई है जब ग्रेटर नोएडा और YEIDA क्षेत्र तेजी से देश के बड़े मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में विकसित हो रहे हैं। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी और औद्योगिक बुनियादी ढांचे के कारण विदेशी कंपनियों की दिलचस्पी लगातार बढ़ रही है।

एस्कॉर्ट्स कुबोटा लगाएगी करीब ₹2,025 करोड़

यूपी-जापान निवेश कार्यक्रम की सबसे बड़ी परियोजनाओं में एस्कॉर्ट्स कुबोटा का प्रस्ताव शामिल है। कंपनी YEIDA के सेक्टर-10 में लगभग ₹2,025 करोड़ के निवेश से विनिर्माण इकाई विकसित करने की योजना पर काम कर रही है। यहां ट्रैक्टर, निर्माण उपकरण और उनसे जुड़े उत्पादों का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है। परियोजना से 3,800 से अधिक रोजगार के अवसर बनने की उम्मीद है।

इस परियोजना का महत्व केवल रोजगार तक सीमित नहीं है। ट्रैक्टर और निर्माण उपकरण जैसे क्षेत्रों में उत्पादन इकाई स्थापित होने से स्थानीय स्तर पर कंपोनेंट सप्लायर, लॉजिस्टिक्स कंपनियां, सर्विस सेंटर और दूसरे सहायक कारोबार भी विकसित हो सकते हैं।

इससे YEIDA के आसपास एक ऐसा औद्योगिक नेटवर्क तैयार होने की संभावना है, जिसमें बड़ी कंपनी के साथ छोटी और मध्यम इकाइयों को भी कारोबार के नए अवसर मिलेंगे।

मिंडा कॉरपोरेशन की दो परियोजनाएं भी अहम

जापानी निवेश से जुड़े औद्योगिक विस्तार में मिंडा कॉरपोरेशन की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। कंपनी YEIDA के सेक्टर-10 और सेक्टर-24 में दो परियोजनाएं विकसित करने का प्रस्ताव लेकर आई है। इन दोनों परियोजनाओं में कुल करीब ₹1,166 करोड़ निवेश प्रस्तावित है।

इन इकाइयों में इग्निशन स्विच-कम-स्टियरिंग लॉक, मेकाट्रॉनिक कंपोनेंट्स, वायरिंग हार्नेस और संबंधित कनेक्शन सिस्टम जैसे ऑटो कंपोनेंट्स का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है। इन दोनों परियोजनाओं से करीब 6,440 रोजगार अवसर बनने की उम्मीद है।

एस्कॉर्ट्स कुबोटा और मिंडा की परियोजनाओं को मिलाकर निवेश का आंकड़ा अलग-अलग रिपोर्टों में करीब ₹3,191 करोड़ से ₹3,195 करोड़ बताया गया है। अंतर परियोजना आंकड़ों के राउंडिंग और रिपोर्टिंग में है, जबकि रोजगार क्षमता 10 हजार से अधिक बताई गई है।

10 हजार से ज्यादा नौकरियों का दावा

इन निवेश परियोजनाओं की सबसे बड़ी खासियत रोजगार है। दोनों कंपनियों की योजनाओं से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से 10 हजार से अधिक रोजगार अवसर पैदा होने की संभावना जताई गई है। मिंडा की परियोजनाओं में करीब 6,440 और एस्कॉर्ट्स कुबोटा परियोजना में 3,800 से अधिक रोजगार की संभावना बताई गई है।

अगर परियोजनाएं तय समय के अनुसार जमीन पर उतरती हैं, तो इंजीनियरिंग, तकनीकी काम, मशीन ऑपरेशन, उत्पादन, गुणवत्ता नियंत्रण, लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन जैसे क्षेत्रों में रोजगार बढ़ सकते हैं।

इसके साथ ही अप्रत्यक्ष रोजगार का दायरा भी बड़ा हो सकता है। औद्योगिक इकाइयों के आसपास ट्रांसपोर्ट, वेयरहाउसिंग, मेंटेनेंस, सिक्योरिटी, फूड सर्विस और अन्य सेवाओं की मांग बढ़ने की संभावना रहती है।

YEIDA में बनेगी 500 एकड़ की ‘जापानी सिटी’

उत्तर प्रदेश सरकार जापानी कंपनियों के लिए केवल अलग-अलग फैक्ट्रियां स्थापित करने तक सीमित नहीं रहना चाहती। इसके लिए YEIDA क्षेत्र में करीब 500 एकड़ में प्रस्तावित ‘जापानी सिटी’ की योजना भी सामने रखी गई है।

इसका उद्देश्य जापानी कंपनियों, उनके सप्लायर और सहायक उद्योगों को एक ही औद्योगिक इकोसिस्टम में जगह देना है। इससे कंपनियों के बीच सप्लाई चेन और तकनीकी सहयोग को आसान बनाने की कोशिश होगी।

हालांकि जापानी सिटी अभी एक प्रस्तावित पहल है। इसके वास्तविक रूप लेने के लिए जमीन, इंफ्रास्ट्रक्चर, नीतिगत समर्थन और कंपनियों की भागीदारी जैसे कई चरण पूरे करने होंगे।

जापान के साथ बढ़ता औद्योगिक रिश्ता

यूपी-जापान इन्वेस्टमेंट मीट 2026 में 200 से अधिक जापानी उद्योगपतियों, सीईओ, कारोबारी प्रतिनिधियों और नीति-निर्माताओं की भागीदारी का कार्यक्रम रखा गया था। बैठक का उद्देश्य निवेश के साथ-साथ तकनीकी सहयोग और रोजगार के अवसर बढ़ाना था।

एस्कॉर्ट्स कुबोटा, मिंडा, जे‍ट्रो, टोशिबा इंडिया, होंडा ट्रेडिंग, डाइकिन, सुमितोमो और पैनासोनिक जैसी कंपनियों से जुड़े प्रतिनिधियों की भागीदारी ने भी उत्तर प्रदेश में जापानी कारोबार की बढ़ती रुचि को रेखांकित किया।

ग्रेटर नोएडा के लिए क्यों अहम है यह निवेश?

YEIDA क्षेत्र पहले से ही दिल्ली-एनसीआर के बड़े औद्योगिक विस्तार का हिस्सा बन चुका है। एक्सप्रेसवे नेटवर्क और प्रस्तावित एयरपोर्ट के कारण यहां माल ढुलाई, निर्यात और घरेलू बाजार तक पहुंच आसान होने की उम्मीद है।

जापानी कंपनियों का निवेश बढ़ने से क्षेत्र में आधुनिक मैन्युफैक्चरिंग तकनीक, ऑटो कंपोनेंट उत्पादन और कौशल आधारित नौकरियों को बढ़ावा मिल सकता है। साथ ही स्थानीय उद्योगों को वैश्विक सप्लाई चेन से जुड़ने का अवसर मिल सकता है।

उत्तर प्रदेश सरकार लंबे समय से राज्य को बड़े विनिर्माण और निवेश केंद्र के रूप में विकसित करने पर जोर दे रही है। जापान के साथ बढ़ता औद्योगिक सहयोग इस रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बनता दिखाई दे रहा है।

निष्कर्ष

कुल मिलाकर, YEIDA में एस्कॉर्ट्स कुबोटा और मिंडा कॉरपोरेशन की परियोजनाएं उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विस्तार के लिए अहम मानी जा रही हैं। करीब ₹3,200 करोड़ का प्रस्तावित निवेश और 10 हजार से ज्यादा रोजगार की संभावित क्षमता इस क्षेत्र को नई गति दे सकती है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि इन परियोजनाओं का निर्माण कितनी तेजी से पूरा होता है और प्रस्तावित निवेश वास्तविक उत्पादन एवं रोजगार में कब बदलता है।

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