जमशेदपुर: झारखंड के जमशेदपुर में सीएनजी भरने के दौरान हुए दर्दनाक हादसे ने पेट्रोल पंपों पर सुरक्षा इंतजामों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गोलमुरी थाना क्षेत्र में हावड़ा ब्रिज के पास स्थित एक भारत पेट्रोलियम पंप पर सीएनजी रिफ्यूलिंग के दौरान अचानक हाई-प्रेशर पाइप फट गया। तेज आवाज के साथ पाइप और नोजल का हिस्सा अलग होकर पास में मौजूद पंप कर्मचारी से जा टकराया। हादसे में कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गया और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना का सीसीटीवी वीडियो सामने आने के बाद मामला सोशल मीडिया पर भी चर्चा में है।
सीएनजी भरते समय अचानक हुआ हादसा
रिपोर्टों के अनुसार, घटना उस समय हुई जब एक वाहन में सीएनजी भरी जा रही थी। रिफ्यूलिंग प्रक्रिया के दौरान पाइप अचानक तेज दबाव के साथ फट गया। देखते ही देखते पाइप का नोजल अलग हुआ और कर्मचारी के सिर पर जा लगा। घटना इतनी अचानक हुई कि वहां मौजूद लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला।
पाइप फटने के बाद सीएनजी का रिसाव भी शुरू हो गया। गैस के फैलने की आशंका से पेट्रोल पंप पर अफरा-तफरी मच गई। मौजूद कर्मचारी और ग्राहक सुरक्षा के लिए इधर-उधर भागने लगे। कुछ लोग अपने वाहन तक मौके पर छोड़कर सुरक्षित स्थान की ओर चले गए।
सिर पर गंभीर चोट लगने से बिगड़ी हालत
हादसे में पंप कर्मचारी तुषार खामरी/कुमार गंभीर रूप से घायल हुए। सहकर्मियों ने उन्हें तत्काल इलाज के लिए टाटा मेन हॉस्पिटल पहुंचाया। हालांकि उनकी हालत बेहद गंभीर थी और उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। उपलब्ध रिपोर्टों में उनकी उम्र 24 वर्ष बताई गई है।
हादसे की जानकारी मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची। वहीं गैस रिसाव को नियंत्रित करने के लिए तकनीकी टीम को बुलाया गया। रिपोर्टों के मुताबिक, तकनीकी टीम ने काफी प्रयास के बाद रिसाव पर काबू पाया। इस दौरान पंप परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी आवश्यक कार्रवाई की गई।
सीसीटीवी में कैद हुआ पूरा घटनाक्रम
इस घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जिसमें रिफ्यूलिंग के दौरान अचानक पाइप के फटने और उसके बाद वहां मौजूद लोगों में मची अफरा-तफरी दिखाई देती है। वायरल हो रहे वीडियो ने हादसे की भयावहता को लेकर लोगों का ध्यान खींचा है।
हालांकि सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो के साथ कई तरह के दावे भी किए जा रहे हैं। ऐसे में किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले आधिकारिक जांच के नतीजों का इंतजार करना जरूरी है। उपलब्ध समाचार रिपोर्टों के अनुसार, हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।
पाइप फटने की वजह की जांच शुरू
हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर सीएनजी रिफ्यूलिंग के दौरान पाइप क्यों फटा। प्रारंभिक रिपोर्टों में गैस के दबाव और रिफ्यूलिंग पाइप के अचानक फटने की बात सामने आई है, लेकिन दुर्घटना के वास्तविक तकनीकी कारण की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
रिपोर्ट के अनुसार, पेट्रोलियम एंड एक्सप्लोसिव्स सेफ्टी ऑर्गनाइजेशन (PESO) की टीम ने सीएनजी सिस्टम, पाइप और सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण शुरू किया। घटना के बाद पंप को सील किए जाने की भी जानकारी सामने आई है।
यह जांच इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि सीएनजी अत्यधिक दबाव में स्टोर और ट्रांसफर की जाती है। रिफ्यूलिंग सिस्टम में पाइप, नोजल, कनेक्टर और अन्य उपकरणों की स्थिति सीधे सुरक्षा से जुड़ी होती है। किसी भी हिस्से में खराबी या रखरखाव की कमी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है।
हादसे के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
जमशेदपुर की इस घटना ने पेट्रोल पंपों पर सीएनजी भरने के दौरान अपनाए जाने वाले सुरक्षा प्रोटोकॉल को लेकर बहस तेज कर दी है। विशेषज्ञों के मुताबिक, सीएनजी स्टेशन पर उपकरणों की नियमित जांच, हाई-प्रेशर पाइप की समय-समय पर स्थिति की समीक्षा और कर्मचारियों को सुरक्षा प्रशिक्षण देना बेहद जरूरी है।
रिफ्यूलिंग के दौरान कर्मचारियों को यह सुनिश्चित करना होता है कि कनेक्शन सही तरीके से लगा हो और सिस्टम में किसी तरह की असामान्यता नजर आने पर तुरंत प्रक्रिया रोकी जाए। इसके अलावा आपात स्थिति में गैस आपूर्ति बंद करने की व्यवस्था भी सुचारु रहना जरूरी है।
हालांकि इस विशेष मामले में सुरक्षा मानकों का उल्लंघन हुआ था या नहीं, इसकी पुष्टि जांच रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी। इसलिए किसी व्यक्ति या संस्था पर सीधे तौर पर लापरवाही का आरोप लगाना अभी उचित नहीं होगा।
परिवार को मुआवजे पर बनी सहमति
हादसे में कर्मचारी की मौत के बाद परिवार के लिए आर्थिक सहायता को लेकर भी चर्चा हुई। रिपोर्टों के मुताबिक, पंप प्रबंधन और मृतक के परिजनों के बीच 10 लाख रुपये के मुआवजे पर सहमति बनी। इसके अलावा GAIL की ओर से भी सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिए जाने की जानकारी सामने आई है।
यह घटना केवल एक कर्मचारी की मौत तक सीमित नहीं है, बल्कि सीएनजी रिफ्यूलिंग स्टेशनों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल छोड़ गई है। जांच एजेंसियों की रिपोर्ट से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि पाइप किस वजह से फटा और भविष्य में इस तरह के हादसों को रोकने के लिए क्या कदम जरूरी होंगे।
फिलहाल जमशेदपुर का यह हादसा पेट्रोल पंपों पर काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने और हाई-प्रेशर गैस उपकरणों की नियमित तकनीकी जांच की जरूरत को रेखांकित करता है।
नोट: यह खबर उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों और साझा किए गए वीडियो/चित्र में दिखाई दे रही जानकारी के आधार पर स्वतंत्र शब्दों में तैयार की गई है। दुर्घटना के तकनीकी कारणों से जुड़े अंतिम निष्कर्ष आधिकारिक जांच के बाद ही स्पष्ट होंगे।