बरहड़वा/साहिबगंज। किसानों को आधुनिक कृषि यंत्र उपलब्ध कराने और खेती के काम को आसान बनाने के लिए कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग की ओर से कृषि उपकरण बैंक स्थापित किए जाएंगे। यह सुविधा केंद्र प्रायोजित प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (पीएम-आरकेवीवाई) के तहत सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन (एसएमएएम) योजना के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी।
योजना का उद्देश्य छोटे और सीमांत किसानों को आधुनिक कृषि मशीनरी उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें महंगे ट्रैक्टर और अन्य कृषि उपकरण अलग-अलग खरीदने की जरूरत न पड़े। समूह के किसान सामूहिक रूप से इन मशीनों का इस्तेमाल कर सकेंगे।
कृषि उपकरण बैंक स्थापित करने के लिए कुल 10 लाख रुपये का पैकेज निर्धारित किया गया है। इस पर 80 प्रतिशत यानी अधिकतम 8 लाख रुपये तक अनुदान दिया जाएगा।
स्वयं सहायता समूह, लैम्प्स/पैक्स, विलेज ऑर्गनाइजेशन, क्लस्टर फेडरेशन, कृषक उत्पादक संगठन (एफपीओ) और जल उपयोग समितियां कृषि उपकरण बैंक स्थापित कर सकती हैं।
कृषि यंत्रों के इस्तेमाल से जुताई, बुआई, कटाई और अन्य कृषि कार्य समय पर पूरे करने में मदद मिलेगी। इससे मजदूरों पर निर्भरता कम होने के साथ खेती की लागत और समय में भी बचत होने की उम्मीद है।
साहिबगंज जिले में कृषि उपकरण बैंक योजना के तहत कुल 14 समूहों को लाभ देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इनमें टीएसपी मद के सात और ओएसपी मद के सात समूह शामिल हैं।
योजना का लाभ लेने वाले समूह में कम से कम 10 से 12 सदस्य होना जरूरी है। समूह के कम से कम एक सदस्य के पास ट्रैक्टर या हल्के मोटर वाहन चलाने का वैध लाइसेंस होना चाहिए। वहीं, कम से कम 10 एकड़ खेती योग्य भूमि वाले समूहों को प्राथमिकता दी जाएगी।
इच्छुक समूहों को योजना से संबंधित जानकारी और आवेदन के लिए भूमि संरक्षण कार्यालय से संपर्क करना होगा।
कृषि उपकरण बैंक के पैकेज में करीब 35 प्रकार के कृषि यंत्र शामिल किए गए हैं। इनमें चार पहिया और दो पहिया ट्रैक्टर, पावर हैरो, क्रॉप रीपर, रिजर, हाइड्रोलिक ट्रॉली, गाइडर, राइस ट्रांसप्लांटर, पावर वीडर, पावर टिलर, पैडी थ्रेशर, केज व्हील, कल्टीवेटर, मल्टीक्रॉप थ्रेशर और रोटावेटर शामिल हैं।
इसके अलावा मिनी राइस मिल, मिनी दाल मिल, सीड ड्रिल, पावर ऑपरेटेड विनोवर समेत अन्य कृषि उपकरण भी पैकेज में शामिल किए गए हैं।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में राज्य योजना के तहत छोटे कृषि उपकरण बैंक स्थापित करने के लिए किसानों और किसान समूहों से आवेदन मांगे गए हैं। साहिबगंज जिले को छोटे कृषि उपकरण बैंक की स्थापना के लिए छह और व्यक्तिगत प्रगतिशील किसानों के लिए 11 अतिरिक्त भौतिक लक्ष्य मिले हैं।
महिला स्वयं सहायता समूह, महिला सखी मंडल, कृषक समूह, लैम्प्स/पैक्स और प्रगतिशील किसान इस योजना का लाभ उठा सकते हैं।
छोटे कृषि उपकरण बैंक के लिए 6.25 लाख रुपये तक के उपकरण पैकेज पर 80 प्रतिशत यानी अधिकतम 5 लाख रुपये तक अनुदान दिया जाएगा। इसमें मिनी ट्रैक्टर, पावर टिलर, राइस ट्रांसप्लांटर, रीपर, राइस मिल और रोटावेटर समेत करीब 20 प्रकार के कृषि यंत्र शामिल हैं।
योजना के तहत व्यक्तिगत प्रगतिशील किसान भी अनुदान का लाभ ले सकते हैं। दो लाख रुपये तक के कृषि उपकरणों की खरीद पर किसान को अधिकतम 1.60 लाख रुपये तक का अनुदान दिया जाएगा। इसके लिए किसान के पास कम से कम दो एकड़ कृषि भूमि होना आवश्यक है।
विभाग का मानना है कि कृषि उपकरण बैंकों के माध्यम से किसानों को आधुनिक मशीनरी सामूहिक रूप से उपलब्ध होगी। इससे खेती में मशीनीकरण को बढ़ावा मिलेगा और छोटे किसानों के लिए कृषि कार्य अधिक सुविधाजनक और कम खर्चीला हो सकेगा।