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बेल्जियम पीएम ने ट्रंप और चीन की व्यापार नीतियों पर साधा निशाना

नई दिल्ली: भारत दौरे पर आए बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर ने वैश्विक व्यापार व्यवस्था और बदलती आर्थिक नीतियों को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने किसी देश का नाम लिए बिना मनमाने टैरिफ, संरक्षणवाद और बाजार में जानबूझकर असंतुलन पैदा करने वाली नीतियों की आलोचना की। उनके बयान को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप […]

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  • September 5, 2026 5:30 pm IST, Published 50 minutes ago

नई दिल्ली: भारत दौरे पर आए बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर ने वैश्विक व्यापार व्यवस्था और बदलती आर्थिक नीतियों को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने किसी देश का नाम लिए बिना मनमाने टैरिफ, संरक्षणवाद और बाजार में जानबूझकर असंतुलन पैदा करने वाली नीतियों की आलोचना की। उनके बयान को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीति और चीन की व्यापार रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।

दिल्ली के जियो कन्वेंशन सेंटर में भारत और यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) से जुड़ी उच्चस्तरीय चर्चा के दौरान डी वेवर ने वैश्विक व्यापार के मौजूदा माहौल पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि दुनिया में ऐसे लोगों और देशों की संख्या बढ़ रही है, जो व्यापार में बाधाएं खड़ी करने, बाजारों को सीमित करने और आयात पर शुल्क लगाने की वकालत कर रहे हैं।

बेल्जियम के प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से उन नीतियों पर सवाल उठाया, जिनमें फैसले लगातार बदलते रहते हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कोई सरकार एक दिन फैसला लेती है, कुछ समय बाद उसे वापस ले लेती है और फिर दोबारा उसी नीति को लागू कर देती है। उनके इस बयान पर कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने प्रतिक्रिया दी और तालियां बजाईं। डी वेवर ने इसके बाद संकेत दिया कि उन्हें पता है कि उनके बयान का इशारा किन देशों की ओर है। हालांकि उन्होंने किसी का नाम लेने से परहेज किया। उनका कहना था कि आर्थिक फैसलों में स्थिरता और स्पष्टता जरूरी है। यदि व्यापार नीतियां बिना ठोस आर्थिक आधार के राजनीतिक या रणनीतिक उद्देश्यों के लिए बार-बार बदली जाती हैं, तो इससे वैश्विक व्यापार व्यवस्था पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।

उनके बयान का एक दूसरा हिस्सा चीन की व्यापार नीति की ओर संकेत करता नजर आया। बेल्जियम के प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ देश केवल टैरिफ या व्यापार प्रतिबंधों का इस्तेमाल नहीं करते, बल्कि व्यवस्थित तरीके से बाजार की परिस्थितियों को प्रभावित करने की कोशिश करते हैं। उनके मुताबिक, ऐसी रणनीति के जरिए व्यापारिक साझेदारों पर आर्थिक दबाव बनाया जा सकता है।

डी वेवर ने चेतावनी दी कि किसी देश को आर्थिक रूप से दूसरे देश पर अत्यधिक निर्भर बनाने की कोशिश लंबे समय में गंभीर समस्या पैदा कर सकती है। उन्होंने इसे वैश्विक आर्थिक संबंधों और देशों की स्वतंत्र निर्णय क्षमता के लिए चुनौती बताया। उनके मुताबिक, जब आर्थिक निर्भरता को रणनीतिक दबाव के साधन के रूप में इस्तेमाल किया जाता है, तो इसका असर केवल कारोबार तक सीमित नहीं रहता।

बेल्जियम के प्रधानमंत्री ने संरक्षणवाद और अनुचित प्रतिस्पर्धा को वैश्विक अर्थव्यवस्था के सामने मौजूद दो बड़ी चुनौतियों के रूप में पेश किया। उन्होंने कहा कि इन दोनों प्रवृत्तियों से आर्थिक स्थिरता प्रभावित होती है और देशों के बीच संबंधों पर भी दबाव बढ़ता है।

भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते से जुड़ी चर्चा के बीच आया डी वेवर का यह बयान खास महत्व रखता है। भारत और यूरोपीय संघ लंबे समय से व्यापार और निवेश संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में काम कर रहे हैं। ऐसे समय में बेल्जियम के प्रधानमंत्री का खुला बाजार, स्थिर व्यापार नीति और निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा पर जोर वैश्विक व्यापार के मौजूदा माहौल को लेकर यूरोपीय चिंताओं को सामने रखता है।

डी वेवर की टिप्पणियों से यह संकेत भी मिलता है कि व्यापार अब केवल आर्थिक गतिविधि नहीं रह गया है। टैरिफ, बाजार तक पहुंच और आपूर्ति श्रृंखला जैसे मुद्दे तेजी से भू-राजनीतिक रणनीति का हिस्सा बन रहे हैं। ऐसे में बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच व्यापारिक फैसलों का असर दूसरे देशों की अर्थव्यवस्था और वैश्विक स्थिरता पर भी पड़ सकता है।

भारत यात्रा के दौरान दिए गए इस बयान में बेल्जियम के प्रधानमंत्री ने किसी विशेष देश को सीधे निशाना नहीं बनाया, लेकिन उनके संकेतों ने अमेरिका और चीन की व्यापार नीतियों को लेकर चर्चा जरूर तेज कर दी है। उनका मुख्य संदेश यही रहा कि वैश्विक व्यापार व्यवस्था को मनमाने फैसलों और अनुचित प्रतिस्पर्धा के बजाय स्थिरता, पारदर्शिता और निष्पक्ष नियमों पर आधारित होना चाहिए।

 

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