रायपुर: छत्तीसगढ़ में चर्चित सीजीपीएससी भर्ती घोटाले की जांच अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) की पूछताछ तक पहुंच गई है। मामले में ईडी ने 16 से अधिक लोगों को नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया है। इनमें भर्ती परीक्षा की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों के साथ कुछ प्रॉपर्टी डीलरों के नाम भी शामिल बताए जा रहे हैं। फिलहाल कारोबारी उत्कर्ष चंद्राकर से एजेंसी की पूछताछ जारी है।
जांच के दौरान ईडी ने भर्ती प्रक्रिया में कथित आर्थिक लेनदेन और अभ्यर्थियों को नौकरी दिलाने के नाम पर रकम मांगे जाने से जुड़े पहलुओं पर अपना ध्यान केंद्रित किया है। एजेंसी के अनुसार, सीजीपीएससी की तैयारी कर रहे युवाओं को कथित तौर पर प्रभावशाली लोगों से संपर्क कराने और चयन का भरोसा दिलाने की कोशिश की गई थी।
ईडी के दावे के मुताबिक, विकास चंद्राकर ने पीएससी परीक्षा की तैयारी कर रहे करीब दो दर्जन युवाओं की मुलाकात उत्कर्ष चंद्राकर से कराई थी। आरोप है कि इन अभ्यर्थियों से सरकारी नौकरी में चयन कराने के नाम पर 50 से 60 लाख रुपये तक की रकम मांगी गई। जांच एजेंसी अब इस कथित लेनदेन से जुड़े लोगों और पैसों के प्रवाह की जानकारी जुटाने में लगी है। जांच में यह भी सामने आने का दावा किया गया है कि सात अभ्यर्थियों से करीब तीन करोड़ रुपये लिए गए। ईडी इस पूरे मामले में यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित तौर पर रकम किसके जरिए ली गई, उसका इस्तेमाल कहां हुआ और भर्ती प्रक्रिया में इसका कोई प्रभाव पड़ा या नहीं।
ईडी के मुताबिक, डॉक्टर विकास चंद्राकर अपनी बहन का चयन कराने के प्रयास में था। इसी दौरान डॉक्टर के रिश्तेदार अंकित के जरिए उसकी मुलाकात अनिल चंद्राकर से हुई। इसके बाद अनिल ने कथित तौर पर उसकी मुलाकात उत्कर्ष चंद्राकर से कराई। एजेंसी का दावा है कि उत्कर्ष ने खुद को तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पीए केके चंद्रवंशी का रिश्तेदार और तत्कालीन ओएसडी चेतन बोरघरिया का करीबी बताया था।
ईडी के अनुसार, इसी प्रभाव का हवाला देते हुए अभ्यर्थियों को चयन कराने का भरोसा दिलाया गया। इसके बाद परीक्षा की तैयारी कर रहे कई युवाओं को उत्कर्ष से मिलवाया गया। अब एजेंसी पूछताछ के जरिए यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस नेटवर्क में कितने लोग शामिल थे और कथित तौर पर नौकरी दिलाने के नाम पर कितनी रकम जुटाई गई।मामले में सुषमा अग्रवाल का बयान भी जांच का हिस्सा बताया जा रहा है। उन्होंने भी उत्कर्ष चंद्राकर के खिलाफ अपना बयान दर्ज कराया है। ईडी अलग-अलग लोगों से पूछताछ कर उनके बयानों और उपलब्ध साक्ष्यों के बीच संबंधों की जांच कर रही है।
जांच के दौरान एक अन्य महत्वपूर्ण बिंदु बार नवापारा स्थित एक रिसॉर्ट से जुड़ा है। ईडी के अनुसार, करीब 29 अभ्यर्थियों को परीक्षा की तैयारी के बहाने वहां ले जाया गया था। अब जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन युवाओं को रिसॉर्ट में क्यों ले जाया गया और वहां उनके साथ क्या गतिविधियां हुईं। सीजीपीएससी भर्ती घोटाले को लेकर पहले से ही छत्तीसगढ़ में राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर चर्चा होती रही है। अब ईडी की पूछताछ के बाद मामले का आर्थिक पहलू भी जांच के केंद्र में आ गया है। एजेंसी नोटिस भेजे गए लोगों से पूछताछ कर कथित पैसों के लेनदेन, अभ्यर्थियों के संपर्क और भर्ती प्रक्रिया से जुड़े संभावित नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है।
फिलहाल उत्कर्ष चंद्राकर समेत अन्य लोगों से पूछताछ जारी है। आने वाले दिनों में जांच के दौरान सामने आने वाले बयान और साक्ष्य यह तय करने में महत्वपूर्ण होंगे कि कथित भर्ती घोटाले में रकम के लेनदेन और अभ्यर्थियों से जुड़े आरोपों की वास्तविक कड़ियां क्या हैं।