• होम
  • महाराष्ट्र
  • बंगाल में विद्या भारती के स्कूलों पर राउत का सवाल, सरकार क्यों विफल?

बंगाल में विद्या भारती के स्कूलों पर राउत का सवाल, सरकार क्यों विफल?

मुंबई: शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत ने पश्चिम बंगाल में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़ी शिक्षा संस्था विद्या भारती के माध्यम से 1,000 स्कूल खोले जाने की चर्चा पर सवाल उठाए हैं। राउत ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था चलाना सरकारों की जिम्मेदारी है और यदि सरकारी शिक्षा व्यवस्था में कमियां हैं तो उन्हें दूर करने […]

Advertisement
Gauravshali Bharat
Gauravshali Bharat News
  • September 5, 2026 1:38 pm IST, Published 34 minutes ago

मुंबई: शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत ने पश्चिम बंगाल में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़ी शिक्षा संस्था विद्या भारती के माध्यम से 1,000 स्कूल खोले जाने की चर्चा पर सवाल उठाए हैं। राउत ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था चलाना सरकारों की जिम्मेदारी है और यदि सरकारी शिक्षा व्यवस्था में कमियां हैं तो उन्हें दूर करने के बजाय किसी संगठन को समानांतर शिक्षा प्रणाली शुरू करने की अनुमति देना उचित नहीं है।

संजय राउत ने इस मुद्दे पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर RSS स्कूल खोलने जा रही है तो इन संस्थानों में शिक्षकों की व्यवस्था किस तरह की जाएगी। उन्होंने यह भी पूछा कि जब देश में केंद्र और राज्य सरकारें शिक्षा के क्षेत्र में काम कर रही हैं, तब अलग से किसी संगठन द्वारा बड़े स्तर पर स्कूल खोलने की जरूरत क्यों पड़ रही है।

राउत के बयान का मुख्य केंद्र शिक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी को लेकर रहा। उन्होंने कहा कि स्कूल खोलना और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करना सरकार का दायित्व है। उनके मुताबिक, केंद्र और राज्य सरकारों के पास शिक्षा के लिए संस्थागत ढांचा, संसाधन और प्रशासनिक व्यवस्था मौजूद है। ऐसे में शिक्षा के क्षेत्र में सरकार की भूमिका को लेकर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।शिवसेना (UBT) नेता ने यह भी सवाल उठाया कि क्या पश्चिम बंगाल में राज्य सरकार स्कूल नहीं चला रही है। उन्होंने कहा कि यदि सरकारी शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह विफल हो चुकी है, तभी यह सवाल उठ सकता है कि कोई संगठन अपनी अलग पाठ्यक्रम व्यवस्था और शिक्षा प्रणाली शुरू करने की दिशा में क्यों बढ़ रहा है।

राउत ने RSS के स्कूल खोलने के प्रस्ताव को केवल स्कूलों की संख्या से जुड़ा विषय नहीं माना, बल्कि इसे शिक्षा नीति और सरकार की जिम्मेदारी से जोड़कर देखा। उन्होंने सवाल किया कि क्या किसी स्वयंसेवी या सामाजिक संगठन को सरकारी शिक्षा व्यवस्था के समानांतर अपनी शिक्षा प्रणाली विकसित करनी चाहिए। विद्या भारती लंबे समय से शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय संस्था है और RSS से वैचारिक रूप से जुड़ी मानी जाती है। इसके माध्यम से देश के अलग-अलग हिस्सों में शैक्षणिक संस्थानों के संचालन की गतिविधियां होती रही हैं। पश्चिम बंगाल में बड़ी संख्या में स्कूल स्थापित करने की चर्चा के बाद यह मुद्दा राजनीतिक बहस का हिस्सा बन गया है।

संजय राउत ने अपने बयान के जरिए केंद्र और राज्य सरकारों की शिक्षा नीति पर भी निशाना साधा। उनका तर्क है कि अगर सरकारी स्कूलों और शिक्षा व्यवस्था में पर्याप्त सुधार की जरूरत है तो सरकारों को उस दिशा में काम करना चाहिए। शिक्षा के क्षेत्र में मौजूद समस्याओं का समाधान सरकार की जिम्मेदारी है, न कि उसके समानांतर कोई दूसरी व्यवस्था खड़ी करना। इस मुद्दे पर राउत का बयान ऐसे समय आया है जब शिक्षा और पाठ्यक्रम को लेकर देश में पहले से ही राजनीतिक और वैचारिक बहस चलती रही है। अलग-अलग संगठनों द्वारा संचालित शैक्षणिक संस्थानों में पढ़ाए जाने वाले विषयों और शिक्षा के स्वरूप को लेकर भी समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं।

राउत ने अंत में दोहराया कि स्कूलों का संचालन और व्यापक शिक्षा व्यवस्था सरकार के दायरे में आनी चाहिए। उन्होंने कहा कि RSS का काम स्कूल खोलना नहीं, बल्कि शिक्षा से जुड़ी जिम्मेदारी केंद्र और राज्य सरकारों की है। उनके बयान ने पश्चिम बंगाल में प्रस्तावित स्कूलों को लेकर राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है।

Advertisement