उत्तर प्रदेश के हाथरस से मथुरा जा रही ट्रेन में शुक्रवार दोपहर एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। ट्रेन के गेट के पास बैठने को लेकर हुए विवाद ने देखते ही देखते हिंसक रूप ले लिया। आरोप है कि विवाद के दौरान अलीगढ़ निवासी एक युवक ने हाथरस के रहने वाले युवक को लात मार दी। लात लगने के बाद युवक चलती ट्रेन से नीचे गिर गया और उसकी दर्दनाक मौत हो गई। घटना के समय मृतक के माता-पिता भी उसी ट्रेन में मौजूद थे।
गेट के पास बैठने को लेकर हुआ विवाद
जानकारी के मुताबिक, हाथरस के गांव रानी का नगला निवासी संजू देवी और उनके पति लक्ष्मी चंद्र अपने बेटों अनुज और जतिन के साथ शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे हाथरस से मथुरा जाने वाली ट्रेन में सवार हुए थे। परिवार ट्रेन में सफर कर रहा था। बताया जा रहा है कि दोपहर करीब दो बजे ट्रेन राया और लक्ष्मी नगर के बीच पहुंची।
इसी दौरान ट्रेन के गेट के पास बैठने को लेकर जतिन की अलीगढ़ निवासी विजेंद्र से कहासुनी हो गई। शुरुआत में मामूली विवाद माना जा रहा यह मामला देखते ही देखते बढ़ गया। आरोप है कि इसी दौरान विजेंद्र ने जतिन को लात मार दी।
लात लगने के बाद जतिन अपना संतुलन खो बैठा और चलती ट्रेन से नीचे गिर गया। घटना के बाद ट्रेन में मौजूद यात्रियों के बीच अफरा-तफरी मच गई। परिवार के लोगों के लिए यह पल बेहद भयावह था, क्योंकि उनकी आंखों के सामने उनका बेटा ट्रेन से नीचे जा गिरा था।
यात्रियों ने चेन खींचकर ट्रेन रुकाई
घटना के बाद ट्रेन में मौजूद यात्रियों ने तत्काल आपात स्थिति को देखते हुए चेन खींच दी। ट्रेन रुकने के बाद जतिन के माता-पिता और अन्य यात्रियों ने उसे संभालने की कोशिश की। परिजनों ने घायल जतिन को अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की।
हालांकि, तब तक उसकी हालत बेहद गंभीर हो चुकी थी। रिपोर्ट के अनुसार, अस्पताल पहुंचने तक जतिन की मौत हो चुकी थी। युवक की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। जिस सफर पर परिवार सामान्य तरीके से निकला था, वही सफर कुछ ही देर में मातम में बदल गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, घटना के बाद ट्रेन में मौजूद यात्री भी काफी देर तक सदमे में रहे। यात्रियों ने आरोपी युवक को पकड़ लिया और घटना की जानकारी संबंधित अधिकारियों को दी।
परिवार के सामने हुआ पूरा घटनाक्रम
इस घटना का सबसे दर्दनाक पहलू यह रहा कि जतिन के माता-पिता उसी ट्रेन में मौजूद थे। परिवार के मुताबिक, जतिन अपने भाई अनुज के साथ सफर कर रहा था। ट्रेन के गेट के पास बैठने को लेकर विवाद होने के बाद स्थिति इतनी बिगड़ गई कि कथित तौर पर उसे लात मार दी गई।
चलती ट्रेन से गिरने के बाद जतिन गंभीर रूप से घायल हुआ। परिजनों और यात्रियों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।
घटना ने एक बार फिर रेलवे यात्रा के दौरान यात्रियों की सुरक्षा और ट्रेन के दरवाजे के पास बैठने या खड़े होने से जुड़े जोखिम को सामने ला दिया है। चलती ट्रेन के गेट पर किसी भी तरह का विवाद या धक्का-मुक्की बेहद खतरनाक साबित हो सकती है।
आरोपी को यात्रियों ने पकड़ा
घटना के बाद यात्रियों में आक्रोश फैल गया। बताया जा रहा है कि यात्रियों और परिवार के लोगों ने आरोपी युवक को पकड़ लिया। बाद में मौके पर पहुंची जीआरपी ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि विवाद की शुरुआत किस बात को लेकर हुई थी और घटना के समय ट्रेन के गेट पर वास्तव में क्या परिस्थितियां थीं। पुलिस प्रत्यक्षदर्शियों से भी जानकारी जुटा सकती है, ताकि घटना की पूरी तस्वीर सामने आ सके।
मामले में आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी।
मामूली कहासुनी ने ले ली युवक की जान
इस घटना ने यात्रियों को भी झकझोर दिया है। ट्रेन में सीट या गेट के पास बैठने जैसी छोटी बात को लेकर शुरू हुआ विवाद इतनी गंभीर घटना में बदल गया कि एक परिवार ने अपना बेटा खो दिया।
रेल यात्रा के दौरान यात्रियों से संयम बरतने और किसी भी विवाद की स्थिति में खुद हिंसा करने के बजाय रेलवे सुरक्षा बल या जीआरपी की मदद लेने की अपील की जाती है। खासकर ट्रेन के दरवाजे के आसपास धक्का-मुक्की या मारपीट जानलेवा हो सकती है।
हाथरस से मथुरा जा रही ट्रेन में हुई यह घटना इसी खतरे की गंभीर तस्वीर पेश करती है। परिवार के सामने बेटे का चलती ट्रेन से गिरना और इसके बाद उसकी मौत ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। घटना के कारणों और विवाद की पूरी स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।