• होम
  • दिल्ली/NCR
  • मौसम अलर्ट: 22 राज्यों में बारिश, पहाड़ों में लैंडस्लाइड

मौसम अलर्ट: 22 राज्यों में बारिश, पहाड़ों में लैंडस्लाइड

नई दिल्ली, 7 सितंबर 2026। देश के कई हिस्सों में मानसून की सक्रियता के बीच मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलता दिखाई दे रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक आज और आने वाले दिनों में कई राज्यों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है। […]

Advertisement
Gauravshali Bharat
Gauravshali Bharat News
  • September 7, 2026 10:00 am IST, Published 1 hour ago

नई दिल्ली, 7 सितंबर 2026। देश के कई हिस्सों में मानसून की सक्रियता के बीच मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलता दिखाई दे रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक आज और आने वाले दिनों में कई राज्यों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है। खास तौर पर उत्तराखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश को लेकर चेतावनी जारी की गई है।

पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन और सड़क बाधित होने का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में पहाड़ों की यात्रा करने वाले लोगों को मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की सलाह पर नजर रखने की जरूरत है। वहीं मैदानी क्षेत्रों में बारिश के दौरान जलभराव, यातायात प्रभावित होने और बिजली गिरने जैसी घटनाओं को लेकर भी सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।

उत्तराखंड में भारी बारिश का अलर्ट

उत्तराखंड में मौसम का असर सबसे ज्यादा देखने को मिल सकता है। IMD के 7 सितंबर के पूर्वानुमान के अनुसार राज्य में आज भारी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना है। 8 और 9 सितंबर को भी गरज-चमक तथा तेज बारिश का दौर जारी रह सकता है। इसके बाद 10 से 13 सितंबर के बीच भी भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

राज्य के कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना को देखते हुए पहाड़ी सड़कों पर विशेष सावधानी जरूरी है। बारिश के दौरान चट्टानों से मलबा गिरने, सड़कें बंद होने और नदियों-नालों का जलस्तर बढ़ने जैसी स्थिति सामने आ सकती है। प्रशासन और स्थानीय एजेंसियां संवेदनशील इलाकों पर नजर रख रही हैं।

पूर्वी उत्तर प्रदेश में लगातार बारिश की संभावना

उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में भी बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है। IMD के ताजा अपडेट में 7, 8 और 9 सितंबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

बारिश के कारण निचले इलाकों में पानी भरने और स्थानीय यातायात प्रभावित होने की संभावना बनी रह सकती है। लोगों को जलभराव वाले रास्तों से गुजरने से बचने और मौसम संबंधी चेतावनियों को गंभीरता से लेने की सलाह दी जाती है।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए 7 सितंबर को कोई भारी बारिश की चेतावनी नहीं दी गई है। इससे संकेत मिलता है कि पूरे प्रदेश में मौसम का प्रभाव एक जैसा नहीं रहेगा और अलग-अलग क्षेत्रों में बारिश की तीव्रता अलग हो सकती है।

दिल्ली-NCR के लिए क्या है अपडेट?

दिल्ली और हरियाणा के लिए 7 सितंबर के IMD अपडेट में फिलहाल कोई चेतावनी नहीं दिखाई गई है। इससे राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश का तत्काल अलर्ट नहीं है। हालांकि मानसून के दौरान स्थानीय स्तर पर अचानक बारिश और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है, इसलिए मौसम के ताजा अपडेट पर नजर रखना जरूरी है।

दिल्ली-NCR में पिछले दिनों हुई बारिश के बाद कई इलाकों में जलभराव और यातायात की समस्या देखने को मिली थी। ऐसे में अगर अचानक तेज बारिश होती है तो सड़क यातायात पर उसका असर पड़ सकता है।

राजस्थान में भी मौसम ने बदला रुख

राजस्थान के पूर्वी हिस्से में 7 सितंबर को गरज-चमक और तेज हवाओं से जुड़ी मौसम गतिविधि की संभावना जताई गई है। हालांकि पश्चिमी राजस्थान के लिए फिलहाल कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है।

पूर्वी राजस्थान में स्थानीय स्तर पर आंधी, बिजली चमकने और बारिश की स्थिति बन सकती है। ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों तथा खुले स्थानों पर काम करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

पूर्वोत्तर में भी बारिश का दौर

असम और मेघालय समेत पूर्वोत्तर के कुछ हिस्सों में भी भारी बारिश और गरज-चमक की संभावना बनी हुई है। IMD के अनुसार असम और मेघालय में 7 से 12 सितंबर तक अलग-अलग दिनों में भारी बारिश और आंधी-तूफान जैसी स्थिति की संभावना है।

पूर्वोत्तर राज्यों में लगातार बारिश की वजह से पहाड़ी और नदी क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर जलभराव तथा भूस्खलन जैसी परिस्थितियां पैदा हो सकती हैं। यात्रियों को सड़क की स्थिति और स्थानीय प्रशासन की सलाह के अनुसार ही यात्रा करने की सलाह दी जाती है।

देश के कई हिस्सों में सक्रिय रहेगा मानसून

IMD के अखिल भारतीय मौसम पूर्वानुमान में 7 सितंबर से अगले कुछ दिनों के दौरान देश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश और गरज-चमक की गतिविधि जारी रहने का अनुमान है। पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र के साथ पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।

मौसम विभाग के अनुसार मानसून ट्रफ और अन्य मौसमी प्रणालियों के प्रभाव से अलग-अलग क्षेत्रों में बारिश का वितरण बदल सकता है। इसलिए किसी एक राज्य में बारिश कम होने का अर्थ यह नहीं है कि आसपास के क्षेत्रों में भी मौसम पूरी तरह सामान्य रहेगा।

तेज हवा और बिजली गिरने से रहें सावधान

बारिश के साथ गरज-चमक के दौरान बिजली गिरने का खतरा बढ़ जाता है। विशेषज्ञों की सामान्य सलाह है कि आंधी या बिजली चमकने के समय खुले मैदान, पेड़, बिजली के खंभों और पानी के स्रोतों से दूरी बनाए रखें। घर के अंदर रहना अपेक्षाकृत सुरक्षित विकल्प होता है।

वाहन चालकों को भी तेज बारिश में गति कम रखने, फिसलन भरी सड़कों पर सावधानी बरतने और पानी से भरे रास्तों में वाहन ले जाने से बचने की जरूरत है।

लोगों के लिए जरूरी सावधानियां

पहाड़ी क्षेत्रों में रहने या यात्रा करने वाले लोग बारिश के दौरान नदियों, नालों और संवेदनशील ढलानों के पास जाने से बचें। सड़क पर मलबा या पानी दिखाई देने पर आगे बढ़ने के बजाय स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।

मैदानी इलाकों में जलभराव वाले अंडरपास और निचले रास्तों से बचना बेहतर रहेगा। बिजली चमकने के दौरान खुले स्थानों पर खड़े होने से भी बचना चाहिए।

फिलहाल मौसम की तस्वीर अलग-अलग राज्यों में अलग है। इसलिए सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे सामान्य संदेशों के बजाय IMD और स्थानीय प्रशासन की ताजा चेतावनी को प्राथमिकता देना जरूरी है। मौसम विभाग की आधिकारिक चेतावनी में 7 सितंबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के लिए बारिश संबंधी चेतावनी दर्ज है, जबकि दिल्ली-हरियाणा और पश्चिमी राजस्थान के लिए उसी दिन कोई चेतावनी नहीं है।

नोट: मौसम तेजी से बदल सकता है। यात्रा से पहले अपने क्षेत्र का नवीनतम स्थानीय मौसम अपडेट जरूर जांचें।

Advertisement