नई दिल्ली: कॉन्स्टीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित एक विशेष सम्मान समारोह में सामाजिक और सार्वजनिक जीवन में उल्लेखनीय योगदान देने वाले कई व्यक्तित्वों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान दिव्यांगजनों के अधिकारों और कल्याण के लिए कार्य कर रहे डॉ. अंजनी कुमार को ‘सहजानंद सरस्वती सेवा श्री सम्मान–2026’ प्रदान किया गया। यह सम्मान उन्हें इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के अध्यक्ष, वरिष्ठ पत्रकार और चिंतक राम बहादुर राय ने प्रदान किया।
डॉ. अंजनी कुमार लंबे समय से दिव्यांगजनों से जुड़े मुद्दों पर काम कर रहे हैं। उनके प्रयासों का उद्देश्य दिव्यांगजनों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना और उन्हें सम्मान के साथ समान अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में काम करना रहा है। समारोह में उनके सामाजिक सरोकारों और निरंतर सक्रियता को रेखांकित करते हुए सम्मान प्रदान किया गया।
सम्मान मिलने के बाद डॉ. अंजनी कुमार को सहयोगियों, शुभचिंतकों और परिचितों की ओर से बधाइयां दी गईं। इस अवसर को उनके सामाजिक कार्यों की पहचान के रूप में देखा गया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि समाज के कमजोर और वंचित वर्गों के लिए लगातार काम करने वाले लोगों को सम्मानित करने से सामाजिक सेवा के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार होता है।
इसी समारोह में महान स्वतंत्रता सेनानी और समाजवादी नेता लोकबंधु राजनारायण को मरणोपरांत ‘काशी-रत्न सम्मान 2026’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनके सामाजिक और राजनीतिक योगदान को ध्यान में रखते हुए दिया गया। राजनारायण की ओर से उनके पोते और डॉ. राम मनोहर लोहिया कॉलेज के प्रबंधक सुशील कुमार सिंह ‘तोयज’ ने सम्मान ग्रहण किया।
लोकबंधु राजनारायण भारतीय राजनीति में अपने स्पष्ट विचारों और समाजवादी दृष्टिकोण के लिए जाने जाते रहे हैं। सार्वजनिक जीवन में उन्होंने सामाजिक न्याय और लोकतांत्रिक मूल्यों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। उनके योगदान को याद करते हुए मरणोपरांत दिया गया यह सम्मान उनके सार्वजनिक जीवन की भूमिका को सम्मान देने का माध्यम बना।
समारोह में स्वर्गीय डॉ. रघुनाथ सिंह को भी मरणोपरांत ‘काशी-रत्न सम्मान’ प्रदान किया गया। इसके अलावा पद्मश्री अशोक भगत को भी इसी सम्मान से नवाजा गया। आयोजन के दौरान सम्मानित व्यक्तित्वों के सामाजिक, सांस्कृतिक और सार्वजनिक क्षेत्र में योगदान पर चर्चा की गई। ‘काशी-रत्न सम्मान’ समारोह के साथ ‘स्वरात्मिका संगीत महोत्सव’ का भी आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम स्वर्गीय पं. श्रीधत लाल बहादुर राय की स्मृति में आयोजित किया गया। आयोजन का उद्देश्य सामाजिक और सांस्कृतिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली विभूतियों को याद करना तथा उनके कार्यों को व्यापक समाज तक पहुंचाना रहा।
कार्यक्रम का संयुक्त आयोजन सीसीआरटी, संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली और वाराणसी स्थित स्वरात्मिका फाउंडेशन ट्रस्ट की ओर से किया गया। समारोह में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी कई प्रमुख हस्तियों ने भाग लिया। सम्मान समारोह ने सामाजिक सेवा, सार्वजनिक जीवन और सांस्कृतिक क्षेत्र में योगदान देने वाली विभूतियों को एक मंच पर लाने का काम किया। कार्यक्रम के माध्यम से दिव्यांग कल्याण, सामाजिक सरोकार, सार्वजनिक सेवा और सांस्कृतिक विरासत जैसे विषयों के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाने का संदेश भी सामने आया।