• होम
  • देश
  • TMC सांसद नदीमुल हक के कोलकाता, दिल्ली और रांची में ED का छापा

TMC सांसद नदीमुल हक के कोलकाता, दिल्ली और रांची में ED का छापा

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राज्यसभा सांसद नदीमुल हक से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की है। जांच एजेंसी की यह कार्रवाई कोलकाता, दिल्ली और रांची में एक साथ की जा रही है। बताया जा रहा है कि मामला ‘अखबार-ए-मशरिक लिमिटेड’ से जुड़ा है और एजेंसी कथित नकद लेनदेन तथा संदिग्ध फंडिंग के […]

Advertisement
Gauravshali Bharat
Gauravshali Bharat News
  • September 7, 2026 11:02 am IST, Published 2 hours ago

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राज्यसभा सांसद नदीमुल हक से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की है। जांच एजेंसी की यह कार्रवाई कोलकाता, दिल्ली और रांची में एक साथ की जा रही है। बताया जा रहा है कि मामला ‘अखबार-ए-मशरिक लिमिटेड’ से जुड़ा है और एजेंसी कथित नकद लेनदेन तथा संदिग्ध फंडिंग के पहलुओं की जांच कर रही है।

ED की टीमों ने अलग-अलग स्थानों पर पहुंचकर दस्तावेजों और अन्य संभावित साक्ष्यों की पड़ताल शुरू की। जांच एजेंसी की कार्रवाई के दौरान संबंधित परिसरों में मौजूद रिकॉर्ड, वित्तीय दस्तावेज और लेनदेन से जुड़े कागजात खंगाले जा रहे हैं। हालांकि, छापेमारी के दौरान एजेंसी को क्या-क्या हासिल हुआ, इसकी विस्तृत आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

‘अखबार-ए-मशरिक लिमिटेड’ से जुड़े वित्तीय लेनदेन को लेकर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। ED यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कंपनी से जुड़े पैसों का प्रवाह किन माध्यमों से हुआ और कथित नकद लेनदेन की प्रकृति क्या थी। इसके साथ ही एजेंसी संदिग्ध फंडिंग से जुड़े संभावित स्रोतों और लाभार्थियों की जानकारी भी जुटा सकती है। किसी भी जांच एजेंसी की छापेमारी को जांच की प्रक्रिया का हिस्सा माना जाता है। केवल छापेमारी या तलाशी की कार्रवाई के आधार पर किसी व्यक्ति या संस्था को दोषी नहीं माना जा सकता। मामले में जांच पूरी होने और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होगी।

नदीमुल हक तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं और राज्यसभा सांसद के तौर पर संसद में पार्टी का प्रतिनिधित्व करते हैं। उनके ठिकानों पर ED की कार्रवाई के बाद राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। विपक्षी दलों से जुड़े नेताओं के खिलाफ केंद्रीय जांच एजेंसियों की कार्रवाई पहले भी राजनीतिक बहस का विषय रही है।

जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, अलग-अलग शहरों में की गई कार्रवाई का उद्देश्य मामले से संबंधित वित्तीय गतिविधियों की कड़ियों को जोड़ना हो सकता है। दिल्ली, कोलकाता और रांची में तलाशी के जरिए एजेंसी अलग-अलग दस्तावेजों और रिकॉर्ड को एकत्र कर उनकी जांच कर सकती है। इसके बाद वित्तीय लेनदेन की पूरी तस्वीर सामने आने की संभावना है।

ED की कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब राजनीतिक दलों और केंद्रीय जांच एजेंसियों के बीच कार्रवाई को लेकर लगातार बहस होती रही है। ऐसे मामलों में संबंधित एजेंसियां वित्तीय रिकॉर्ड, बैंकिंग लेनदेन और कंपनियों से जुड़े दस्तावेजों की जांच के जरिए यह पता लगाने का प्रयास करती हैं कि धन का इस्तेमाल और हस्तांतरण किस उद्देश्य से हुआ।

फिलहाल इस मामले में जांच जारी है। छापेमारी से जुड़े विस्तृत परिणाम और आगे की कार्रवाई के बारे में ED की आधिकारिक जानकारी का इंतजार है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि एजेंसी को कथित नकद लेनदेन और संदिग्ध फंडिंग को लेकर क्या महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं।

 

Advertisement