IAS सुमिता मिश्रा की कहानी: अफसरशाही के साथ कविता का सफर

चंडीगढ़: हरियाणा की वरिष्ठ आईएएस अधिकारी डॉ. सुमिता मिश्रा इन दिनों प्रशासनिक जिम्मेदारियों के साथ-साथ अपनी साहित्यिक पहचान के लिए भी चर्चा में रहती हैं। सोशल मीडिया पर उनके नाम से मौजूद सत्यापित फेसबुक प्रोफाइल पर बड़ी संख्या में फॉलोअर्स हैं। प्रोफाइल में उन्हें हरियाणा के राजस्व विभाग से जुड़ी वरिष्ठ अधिकारी के साथ स्वास्थ्य, […]

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  • September 11, 2026 7:17 am IST, Published 2 hours ago

चंडीगढ़: हरियाणा की वरिष्ठ आईएएस अधिकारी डॉ. सुमिता मिश्रा इन दिनों प्रशासनिक जिम्मेदारियों के साथ-साथ अपनी साहित्यिक पहचान के लिए भी चर्चा में रहती हैं। सोशल मीडिया पर उनके नाम से मौजूद सत्यापित फेसबुक प्रोफाइल पर बड़ी संख्या में फॉलोअर्स हैं। प्रोफाइल में उन्हें हरियाणा के राजस्व विभाग से जुड़ी वरिष्ठ अधिकारी के साथ स्वास्थ्य, मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च और आयुष से संबंधित जिम्मेदारियों वाली अधिकारी के रूप में प्रस्तुत किया गया है।

डॉ. सुमिता मिश्रा की खासियत यह है कि उनकी पहचान केवल एक वरिष्ठ नौकरशाह तक सीमित नहीं है। प्रशासनिक क्षेत्र में लंबे अनुभव के साथ वह साहित्य और कविता से भी जुड़ी रही हैं। चंडीगढ़ लिटरेरी सोसाइटी के अनुसार, वह संस्था की फाउंडर चेयरपर्सन हैं और साहित्य, कला एवं संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए सक्रिय रही हैं।

1990 बैच की अधिकारी, कई अहम जिम्मेदारियां

डॉ. सुमिता मिश्रा 1990 बैच की आईएएस अधिकारी हैं। हरियाणा सरकार के प्रशासनिक रिकॉर्ड में उनका नाम वरिष्ठ अधिकारियों में शामिल है। जनवरी 2026 में हरियाणा सरकार के बड़े प्रशासनिक फेरबदल के दौरान उन्हें वित्तीय आयुक्त राजस्व यानी Financial Commissioner Revenue की नियमित जिम्मेदारी दी गई। इसके साथ ही उन्हें स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च तथा आयुष विभागों का अतिरिक्त मुख्य सचिव भी बनाया गया।

Financial Commissioner Revenue का पद हरियाणा की नौकरशाही में बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। राजस्व से जुड़े प्रशासन, भूमि व्यवस्था और आपदा प्रबंधन जैसे विषयों में इस स्तर की जिम्मेदारी सीधे आम नागरिकों और सरकारी व्यवस्था से जुड़ती है।

हरियाणा सरकार के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की वेबसाइट पर भी डॉ. सुमिता मिश्रा को Financial Commissioner Revenue और Additional Chief Secretary के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।

स्वास्थ्य क्षेत्र में भी बड़ी भूमिका

डॉ. सुमिता मिश्रा की जिम्मेदारियों का एक बड़ा हिस्सा हरियाणा के स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ा है। स्वास्थ्य विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर उन्हें Additional Chief Secretary के रूप में दर्ज किया गया है।

हाल के महीनों में स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर उनके नेतृत्व में विभागीय स्तर पर काम हुआ है। मई 2026 में हरियाणा सरकार ने अवैध भ्रूण लिंग जांच और लिंग चयन के खिलाफ कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए। इस अभियान में डॉ. मिश्रा ने जिला स्वास्थ्य अधिकारियों को निगरानी, जांच और जागरूकता बढ़ाने के निर्देश दिए थे।

जून 2026 में उन्होंने उत्तर प्रदेश के साथ मिलकर अवैध लिंग जांच नेटवर्क के खिलाफ अंतरराज्यीय कार्रवाई को मजबूत करने की पहल भी की। इसका उद्देश्य PC&PNDT कानून के प्रभावी पालन के साथ-साथ जन्म के समय लिंगानुपात में सुधार करना था।

स्वास्थ्य क्षेत्र में मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने की दिशा में भी हरियाणा सरकार की योजनाओं की समीक्षा उनके स्तर पर हुई है। राज्य में नए मेडिकल कॉलेज, एमआरआई और कैथ लैब जैसी सुविधाओं को बढ़ाने की दिशा में काम चल रहा है।

राजस्व व्यवस्था में डिजिटल बदलाव पर जोर

राजस्व विभाग की जिम्मेदारी संभालने के दौरान डॉ. सुमिता मिश्रा का जोर डिजिटल और नागरिक-केंद्रित प्रशासन पर भी दिखाई देता है। हरियाणा में पेपरलेस प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन व्यवस्था को सभी 23 जिलों तक लागू किए जाने की जानकारी सामने आई है।

जून 2026 में प्रकाशित उनके लेख के मुताबिक, पेपरलेस रजिस्ट्रेशन व्यवस्था के बाद रजिस्ट्रेशन और म्यूटेशन के बीच लंबे समय से मौजूद अंतर को कम करने की दिशा में भी काम हुआ। लेख में लाखों रजिस्ट्रेशन और पुराने म्यूटेशन मामलों के निपटारे का उल्लेख किया गया है।

यह पहल इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि जमीन और संपत्ति से जुड़े मामलों में आम नागरिकों को लंबे समय तक कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। डिजिटल व्यवस्था का उद्देश्य प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और समयबद्ध बनाना है।

प्रशासन के साथ साहित्य और कविता से भी जुड़ाव

डॉ. सुमिता मिश्रा की सार्वजनिक पहचान का एक दिलचस्प पहलू उनका साहित्यिक पक्ष है। वह कविता लिखती रही हैं और हिंदी-उर्दू साहित्य से उनका जुड़ाव रहा है। 2013 की एक रिपोर्ट में उनकी कविता संग्रह ‘जरा सी धूप’ का उल्लेख मिलता है। इस संग्रह में उनकी लिखी 75 कविताएं शामिल थीं।

चंडीगढ़ लिटरेरी सोसाइटी की जानकारी के मुताबिक, डॉ. मिश्रा ने साहित्य, कला और संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संस्था के साथ महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। संस्था के मंच से लेखकों, कवियों, कलाकारों और साहित्य से जुड़े लोगों को जोड़ने का काम किया गया है।

यही वजह है कि उनकी सोशल मीडिया पहचान भी पारंपरिक नौकरशाही प्रोफाइल से अलग नजर आती है। उनके प्रोफाइल में प्रशासनिक जिम्मेदारियों के साथ साहित्यिक रुचि और कविता से जुड़ा परिचय भी दिखाई देता है।

आपदा प्रबंधन में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी

राजस्व विभाग के साथ डॉ. मिश्रा के पास आपदा प्रबंधन से जुड़ी जिम्मेदारी भी है। अगस्त 2026 में उन्होंने हरियाणा के सभी प्रशासनिक विभागों को विकास परियोजनाओं की योजना, क्रियान्वयन और बजट में आपदा जोखिम कम करने के उपायों को शामिल करने के निर्देश दिए।

इसका मकसद आपदा आने के बाद राहत और बचाव तक सीमित रहने के बजाय पहले से तैयारी और जोखिम कम करने की व्यवस्था को सरकारी योजनाओं का हिस्सा बनाना है।

सोशल मीडिया पर भी दिखती है सक्रियता

डॉ. सुमिता मिश्रा की सोशल मीडिया मौजूदगी भी लोगों का ध्यान खींचती है। तस्वीर में दिखाई देने वाले फेसबुक प्रोफाइल पर करीब 1 मिलियन फॉलोअर्स प्रदर्शित हो रहे हैं और प्रोफाइल सत्यापित है। उनके परिचय में आईएएस अधिकारी होने के साथ-साथ कविता और चंडीगढ़ से जुड़ी साहित्यिक पहचान भी दिखाई देती है।

हालांकि सोशल मीडिया प्रोफाइल पर प्रदर्शित फॉलोअर्स की संख्या समय के साथ बदल सकती है, लेकिन इससे यह जरूर संकेत मिलता है कि उनकी सार्वजनिक पहचान केवल सरकारी कार्यालयों तक सीमित नहीं है।

प्रशासन और साहित्य का अनोखा मेल

डॉ. सुमिता मिश्रा की कहानी इसलिए भी दिलचस्प है क्योंकि एक ओर वह हरियाणा की महत्वपूर्ण प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभाल रही हैं, वहीं दूसरी ओर साहित्य और कविता के क्षेत्र से भी उनका जुड़ाव बना हुआ है। राजस्व, स्वास्थ्य, मेडिकल एजुकेशन, आयुष और आपदा प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों की जिम्मेदारियों के बीच उनका साहित्यिक पक्ष उन्हें अन्य वरिष्ठ नौकरशाहों से अलग पहचान देता है।

नोट: यह प्रोफाइल उपलब्ध सरकारी रिकॉर्ड, विश्वसनीय मीडिया रिपोर्टों और साझा किए गए सोशल मीडिया प्रोफाइल की जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। सोशल मीडिया पर दिखाई देने वाले फॉलोअर्स और प्रोफाइल विवरण समय के साथ बदल सकते हैं।

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