नई दिल्ली, 12 सितंबर 2026: राजधानी दिल्ली में आयोजित हो रहे BRICS Summit 2026 को लेकर सुरक्षा व्यवस्था जमीन के साथ-साथ आसमान में भी बेहद सख्त कर दी गई है। विदेशी राष्ट्राध्यक्षों और उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडलों की आवाजाही को देखते हुए दिल्ली के आसपास के हवाई क्षेत्र में विशेष सुरक्षा नियम लागू हैं। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) की ओर से जारी NOTAM (Notice to Air Missions) के तहत 11 से 13 सितंबर तक दिल्ली से 300 किलोमीटर के दायरे में गैर-निर्धारित उड़ानों पर कड़े प्रतिबंध लगाए गए हैं।
इसका सीधा मतलब यह है कि इस अवधि में निजी चार्टर, प्रशिक्षण उड़ान, ड्रोन और कई तरह की गैर-निर्धारित हवाई गतिविधियों को सामान्य रूप से संचालन की अनुमति नहीं होगी। हालांकि, नियमित कमर्शियल एयरलाइन की निर्धारित उड़ानों को प्रतिबंध से छूट दी गई है। BRICS सम्मेलन से जुड़े विशेष विमानों को भी पूर्व अनुमति और निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत उड़ान की इजाजत होगी।
300 किलोमीटर के दायरे में क्यों बढ़ाई गई निगरानी?
BRICS Summit में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन समेत कई शीर्ष विदेशी नेता हिस्सा ले रहे हैं। ऐसे में सुरक्षा एजेंसियों के लिए हवाई क्षेत्र की निगरानी बेहद महत्वपूर्ण हो गई है। दिल्ली में सम्मेलन के दौरान वीवीआईपी मूवमेंट को देखते हुए एयर ट्रैफिक, एयरपोर्ट संचालन और हेलीकॉप्टर गतिविधियों के लिए अलग-अलग सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किए गए हैं।
रिपोर्टों के मुताबिक, 11 सितंबर से 13 सितंबर के बीच सुबह 7 बजे से रात 11 बजे तक 300 किलोमीटर के दायरे में गैर-निर्धारित उड़ानों को रोकने का प्रावधान है। इस दौरान सामान्य शेड्यूल्ड कमर्शियल फ्लाइट्स अपने निर्धारित मार्गों पर चल सकती हैं। हालांकि, उन्हें भी लागू ऊंचाई संबंधी नियमों का पालन करना होगा।
किन उड़ानों को मिलेगी अनुमति?
विशेष सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद सभी उड़ानों पर रोक नहीं लगाई गई है। नियमों के तहत नियमित शेड्यूल्ड एयरलाइन उड़ानों को संचालन की अनुमति है। इसके अलावा BRICS Summit में आने वाले विदेशी मेहमानों और उनके प्रतिनिधिमंडलों के विशेष विमानों को भी अनुमति दी जा सकती है, लेकिन इसके लिए फ्लाइट प्लान और रूट को पहले से मंजूरी हासिल करनी होगी।
भारतीय वायुसेना (IAF), सीमा सुरक्षा बल (BSF) और Aviation Research Centre से संबंधित कुछ उड़ानें भी निर्धारित प्रावधानों के तहत संचालित हो सकती हैं। आपातकालीन या मेडिकल इवैक्युएशन के लिए सेना के हेलीकॉप्टरों को भी छूट दी गई है। राज्य सरकार के ऐसे विमान या हेलीकॉप्टर, जिनमें राज्यपाल या मुख्यमंत्री सवार हों, उनके लिए भी विशेष प्रावधान रखे गए हैं।
सफदरजंग एयरपोर्ट और रोहिणी हेलीपैड पर भी असर
BRICS Summit की सुरक्षा व्यवस्था का असर दिल्ली के प्रमुख हवाई ठिकानों पर भी पड़ा है। सुरक्षा नियमों के तहत सफदरजंग एयरपोर्ट को निर्धारित अवधि में बंद रखने का प्रावधान किया गया है। हालांकि, कुछ अधिकृत IAF, BSF और NSG से जुड़ी हेलीकॉप्टर गतिविधियों के लिए अपवाद रखा गया है।
वहीं, रोहिणी हेलीपैड को पूरी तरह बंद रखने की जानकारी सामने आई है। अन्य ऐसी उड़ानें जो निर्धारित छूट की श्रेणी में नहीं आतीं, उन्हें संचालन से पहले गृह मंत्रालय से सुरक्षा मंजूरी लेनी होगी।
आसमान में ऊंचाई को लेकर भी खास नियम
सुरक्षा व्यवस्था केवल टेक-ऑफ और लैंडिंग तक सीमित नहीं है। दिल्ली के आसपास से गुजरने वाली निर्धारित उड़ानों के लिए भी ऊंचाई संबंधी नियम लागू किए गए हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, दिल्ली से 200 किलोमीटर की दूरी तक पहुंचते समय उड़ान भरने वाला विमान Flight Level 290 (FL290) तक पहुंच जाना चाहिए। इसी तरह उतरने वाले विमानों को भी 200 किलोमीटर या उससे अधिक दूरी पर पहुंचने के बाद FL290 से नीचे उतरने की अनुमति होगी।
इस व्यवस्था का उद्देश्य वीवीआईपी विमानों के संचालन के दौरान हवाई क्षेत्र में किसी भी तरह के संभावित सुरक्षा जोखिम को कम करना है। सुरक्षा एजेंसियां एयर ट्रैफिक कंट्रोल के साथ लगातार समन्वय कर रही हैं।
क्या आम यात्रियों की फ्लाइट पर असर पड़ेगा?
आम यात्रियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि नियमित शेड्यूल्ड कमर्शियल फ्लाइट्स पर सामान्य रूप से प्रतिबंध नहीं लगाया गया है। यानी दिल्ली एयरपोर्ट से आने-जाने वाली निर्धारित एयरलाइन सेवाएं जारी रहेंगी। हालांकि, BRICS Summit के दौरान वीवीआईपी विमानों की आवाजाही और सुरक्षा प्रोटोकॉल के कारण कुछ समय के लिए परिचालन में बदलाव या देरी की स्थिति बन सकती है।
यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपनी एयरलाइन से फ्लाइट का ताजा स्टेटस जरूर जांचें और एयरपोर्ट पहुंचने के लिए अतिरिक्त समय रखें। दिल्ली में सम्मेलन के चलते सड़क यातायात पर भी व्यापक प्रतिबंध और डायवर्जन लागू किए गए हैं। एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों के लिए मेट्रो को सुविधाजनक विकल्प के रूप में सुझाया गया है।
ड्रोन और छोटे विमानों पर खास नजर
BRICS Summit जैसे हाई-प्रोफाइल अंतरराष्ट्रीय आयोजन में ड्रोन सुरक्षा सबसे संवेदनशील विषयों में से एक है। दिल्ली और आसपास के इलाकों में अनधिकृत ड्रोन तथा अन्य मानवरहित हवाई उपकरणों को लेकर सख्ती बढ़ाई गई है। सात उत्तरी राज्यों में फ्लाइंग ट्रेनिंग संगठनों की गतिविधियों पर भी इस अवधि में रोक लगाए जाने की जानकारी सामने आई है।
सुरक्षा एजेंसियां एंटी-ड्रोन सिस्टम और निगरानी तंत्र के जरिए संभावित हवाई खतरे पर नजर रख रही हैं। दिल्ली में सम्मेलन के दौरान जमीन पर भी NSG, SWAT और अन्य सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाई गई है।
13 सितंबर तक लागू रहेंगे विशेष सुरक्षा नियम
BRICS Summit के मद्देनजर लागू ये विशेष हवाई सुरक्षा उपाय 13 सितंबर 2026 तक प्रभावी रहने वाले हैं। प्रतिबंधों का उद्देश्य आम हवाई यातायात को रोकना नहीं, बल्कि विदेशी राष्ट्राध्यक्षों और प्रतिनिधिमंडलों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना है।
BRICS Summit के दौरान दिल्ली में सड़क, होटल, कार्यक्रम स्थलों और हवाई क्षेत्र—सभी जगह सुरक्षा का बहुस्तरीय इंतजाम किया गया है। ऐसे में राजधानी के आसमान में लागू 300 किलोमीटर के दायरे वाले प्रतिबंध को सुरक्षा व्यवस्था की अहम कड़ी माना जा रहा है।