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चांदनी चौक में 56 ज्वेलरी दुकानें सील, अंदर करोड़ों का माल

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के सबसे बड़े सर्राफा बाजारों में शामिल चांदनी चौक के कूचा महाजनी इलाके में दिल्ली नगर निगम (MCD) की कार्रवाई से हड़कंप मच गया है। यहां ज्वेलरी और बुलियन कारोबार से जुड़ी कम से कम 56 दुकानों को सील किए जाने की खबर सामने आई है। कार्रवाई के बाद व्यापारियों की […]

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  • September 12, 2026 9:46 pm IST, Published 2 hours ago

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के सबसे बड़े सर्राफा बाजारों में शामिल चांदनी चौक के कूचा महाजनी इलाके में दिल्ली नगर निगम (MCD) की कार्रवाई से हड़कंप मच गया है। यहां ज्वेलरी और बुलियन कारोबार से जुड़ी कम से कम 56 दुकानों को सील किए जाने की खबर सामने आई है। कार्रवाई के बाद व्यापारियों की चिंता इसलिए बढ़ गई है क्योंकि उनके मुताबिक दुकानों के अंदर करोड़ों रुपये कीमत के सोने-चांदी के आभूषण और अन्य कीमती सामान बंद हैं।

हालांकि, रिपोर्टों में दुकानों की संख्या को लेकर थोड़ा अंतर है। व्यापारियों और कुछ मीडिया रिपोर्टों में संख्या 56 बताई गई है, जबकि MCD की कार्रवाई से जुड़ी कुछ रिपोर्टों में 54 इकाइयों का उल्लेख किया गया है। ऐसे में आधिकारिक संख्या को लेकर स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।

कूचा महाजनी में अचानक पहुंची टीम

जानकारी के मुताबिक, गुरुवार को करीब 11:30 बजे MCD की टीम पुलिस के साथ कूचा महाजनी पहुंची। व्यापारियों का आरोप है कि कई दुकानों पर नोटिस चस्पा करने के बाद कार्रवाई की गई और कई प्रतिष्ठानों को एक साथ सील कर दिया गया। कारोबारियों ने दावा किया कि उन्हें कार्रवाई के बारे में पर्याप्त पूर्व सूचना नहीं दी गई थी।

कार्रवाई के बाद बाजार में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। व्यापारियों का कहना है कि कई दुकानों में ग्राहकों के आभूषण, तैयार माल, सोना-चांदी और बुलियन रखा हुआ था। दुकानें बंद होने के कारण वे इन सामानों तक पहुंच नहीं बना पा रहे हैं।

करोड़ों का सोना-चांदी अंदर बंद होने का दावा

व्यापारियों के अनुसार सील की गई दुकानों के भीतर बड़ी मात्रा में कीमती सामान मौजूद है। इनमें सोने-चांदी के आभूषण और बुलियन शामिल हैं। कारोबारियों का कहना है कि इस स्टॉक की कीमत करोड़ों रुपये में हो सकती है।

सबसे बड़ी चिंता यह है कि कारोबारियों को अपना माल निकालने का मौका नहीं मिल पाया। कई दुकानदारों ने कहा कि उनके महत्वपूर्ण कारोबारी दस्तावेज और अन्य सामान भी दुकानों के भीतर रह गए हैं। इससे कारोबारियों के सामने सुरक्षा, ग्राहकों के ऑर्डर और भुगतान से जुड़े सवाल खड़े हो गए हैं।

MCD ने क्यों की सीलिंग की कार्रवाई?

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, कार्रवाई का मुख्य कारण बेसमेंट के कथित अनधिकृत व्यावसायिक इस्तेमाल से जुड़ा है। MCD की ओर से जिन नियमों का हवाला दिया गया है, उनमें Master Plan of Delhi-2021 और Unified Building Bye-Laws 2016 शामिल हैं।

रिपोर्टों के मुताबिक, संबंधित परिसरों के बेसमेंट में व्यावसायिक गतिविधियां संचालित किए जाने को लेकर कार्रवाई की गई। कुछ मामलों में फायर और अन्य जरूरी वैधानिक मंजूरियों को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। MCD ने कथित तौर पर दिल्ली नगर निगम अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत सीलिंग की कार्रवाई की।

व्यापारियों ने नोटिस को लेकर उठाए सवाल

कार्रवाई के बाद व्यापारियों ने नोटिस को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। कुछ कारोबारियों का दावा है कि दुकानों पर लगाए गए नोटिस पुराने या बैकडेटेड हैं। एक रिपोर्ट में व्यापारियों द्वारा साझा किए गए नोटिस की तारीख 12 मई 2026 बताई गई है।

व्यापारियों का कहना है कि यदि उन्हें पहले से स्पष्ट और प्रभावी सूचना मिलती तो वे अपने कीमती सामान को सुरक्षित स्थान पर ले जा सकते थे। उनका आरोप है कि अचानक सीलिंग की वजह से बड़ी मात्रा में व्यापारिक स्टॉक दुकानों के भीतर फंस गया है।

सत्य निकेतन हादसे के बाद बढ़ी सख्ती

चांदनी चौक में हुई यह कार्रवाई दिल्ली में अवैध और खतरनाक निर्माण के खिलाफ चल रहे अभियान के बीच हुई है। हाल ही में सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना में सात लोगों की मौत के बाद दिल्ली में भवन सुरक्षा और अनधिकृत निर्माण को लेकर प्रशासन की सक्रियता बढ़ी है।

इसी अभियान के तहत MCD अवैध निर्माण, खतरनाक इमारतों और नियमों के विपरीत व्यावसायिक इस्तेमाल वाले परिसरों पर कार्रवाई कर रहा है। चांदनी चौक जैसे बेहद व्यस्त और पुराने बाजार में हुई सीलिंग को इसी व्यापक कार्रवाई से जोड़कर देखा जा रहा है।

कारोबारियों के सामने अब क्या विकल्प?

सीलिंग के बाद कारोबारियों की प्राथमिकता फिलहाल अपने कीमती सामान को सुरक्षित तरीके से बाहर निकलवाना है। व्यापारिक संगठनों की ओर से अधिकारियों से संपर्क किए जाने की बात सामने आई है। कारोबारियों की मांग है कि उन्हें दुकानों के अंदर रखे सोने-चांदी और अन्य जरूरी सामान को निकालने का अवसर दिया जाए।

वहीं, प्रशासनिक कार्रवाई का अगला चरण संबंधित संपत्तियों के इस्तेमाल और दस्तावेजों की स्थिति पर निर्भर कर सकता है। यदि नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो कारोबारियों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत अनुपालन करना पड़ सकता है।

चांदनी चौक के कारोबार पर असर की आशंका

कूचा महाजनी देश के प्रमुख सोना-चांदी कारोबार केंद्रों में गिना जाता है। ऐसे में बड़ी संख्या में दुकानों के बंद होने का असर केवल संबंधित दुकानदारों तक सीमित नहीं रह सकता। इससे ग्राहकों के ऑर्डर, सप्लाई चेन, कारीगरों और दूसरे व्यापारिक लेनदेन पर भी असर पड़ने की आशंका है।

फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि सील दुकानों के अंदर बंद करोड़ों रुपये के सोने-चांदी और अन्य कीमती सामान को कारोबारी कब निकाल पाएंगे। साथ ही, दुकानों की संख्या 54 या 56 होने और प्रत्येक परिसर के खिलाफ कार्रवाई के आधार को लेकर भी स्थिति आने वाले दिनों में और स्पष्ट हो सकती है।

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