श्रीनगर: पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने BRICS शिखर सम्मेलन 2026 के नई दिल्ली घोषणापत्र में पहलगाम आतंकी हमले की निंदा का स्वागत किया, लेकिन इसी मुद्दे को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार की विदेश नीति पर सवाल भी उठाए। उन्होंने कहा कि घोषणापत्र में आतंकवाद के खिलाफ स्पष्ट रुख सामने आना सकारात्मक कदम है, लेकिन भारत को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपने सिद्धांतों और स्वतंत्र विदेश नीति को मजबूती से रखना चाहिए था।
महबूबा मुफ्ती ने कहा कि भारत की पहचान दुनिया में मानवाधिकार, मानवता और लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए रही है। उनका कहना था कि देश लंबे समय से अपनी स्वतंत्र विदेश नीति और गुटनिरपेक्षता की परंपरा पर गर्व करता आया है। उनके मुताबिक, BRICS जैसा महत्वपूर्ण बहुपक्षीय मंच भारत के लिए अपनी इस भूमिका को मजबूती से सामने रखने का अवसर था।
PDP प्रमुख ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकवाद के मुद्दे पर अपेक्षित दृढ़ता के साथ अपनी बात नहीं रखी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने अपने शब्दों का इस्तेमाल काफी सावधानी से किया और भारत जिस तरह से पहले अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी बात मजबूती से रखता रहा है, उस स्तर की स्पष्टता उन्हें इस बार नजर नहीं आई।
महबूबा ने भारत की विदेश नीति में कथित बदलाव को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि भारत ने अतीत में वैश्विक शक्तियों के सामने भी अपनी स्वतंत्र स्थिति बनाए रखी है। उनके अनुसार, देश ने कभी किसी दबाव के आगे झुकने की नीति नहीं अपनाई और इसी वजह से उसकी विदेश नीति को अलग पहचान मिली। उन्होंने आरोप लगाया कि हाल के वर्षों में आतंकवादी घटनाओं की निंदा को लेकर भारत का रवैया कुछ मामलों में चयनात्मक दिखाई देता है।
उन्होंने कहा कि BRICS ऐसा मंच था जहां भारत आतंकवाद के खिलाफ अपने रुख को मजबूती से रखने के साथ-साथ सभी तरह के आतंकवादी हमलों के खिलाफ समान नीति की बात कर सकता था। महबूबा के मुताबिक, ऐसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की स्थिति जितनी स्पष्ट और सिद्धांत आधारित होगी, देश की वैश्विक साख उतनी ही मजबूत होगी। महबूबा मुफ्ती ने यह भी कहा कि भारत की विदेश नीति केवल तत्काल राजनीतिक परिस्थितियों तक सीमित नहीं रही है। देश ने लंबे समय तक वैश्विक मामलों में स्वतंत्र निर्णय लेने की अपनी क्षमता को महत्व दिया है। उन्होंने इसी परंपरा का हवाला देते हुए केंद्र सरकार से विदेश नीति में स्पष्टता और निरंतरता बनाए रखने की बात कही।
BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान जारी नई दिल्ली घोषणापत्र में पहलगाम आतंकी हमले की निंदा का उल्लेख भी चर्चा का प्रमुख विषय रहा। इसी संदर्भ में महबूबा ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ भारत की नीति सभी घटनाओं पर समान रूप से स्पष्ट होनी चाहिए। उन्होंने केंद्र पर आरोप लगाया कि कुछ घटनाओं को लेकर उसकी प्रतिक्रिया अलग-अलग दिखाई देती है।
महबूबा ने अंतरराष्ट्रीय मीडिया की रिपोर्टों और चर्चाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि भारत की विदेश नीति से जुड़े इन पहलुओं पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सवाल उठाए गए हैं। हालांकि, उन्होंने अपने बयान में किसी विशिष्ट रिपोर्ट या मीडिया संस्थान का नाम नहीं लिया।
महबूबा मुफ्ती की टिप्पणी ऐसे समय आई है जब BRICS सम्मेलन के दौरान भारत ने वैश्विक चुनौतियों, आतंकवाद, आर्थिक सहयोग और बहुपक्षीय व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर सदस्य देशों के साथ चर्चा की। सम्मेलन के दौरान आतंकवाद के खिलाफ सहयोग और वैश्विक स्तर पर स्थिरता को लेकर भी विभिन्न मुद्दे सामने आए।
PDP प्रमुख ने एक ओर घोषणापत्र में पहलगाम हमले की निंदा को सकारात्मक बताया, वहीं दूसरी ओर केंद्र सरकार से विदेश नीति के स्तर पर अधिक स्पष्ट और दृढ़ रुख अपनाने की मांग की। उनके बयान ने BRICS घोषणापत्र के साथ-साथ भारत की विदेश नीति और आतंकवाद के मुद्दे पर सरकार के दृष्टिकोण को लेकर राजनीतिक बहस को फिर तेज कर दिया है।