नई दिल्ली। एयर इंडिया एक्सप्रेस की दुबई से अमृतसर आने वाली एक फ्लाइट के सभी आठ क्रू सदस्यों को पोस्ट-फ्लाइट अनिवार्य प्रक्रिया में देरी के बाद तीन महीने के लिए निलंबित कर दिया गया है। यह मामला 2 अगस्त 2026 का बताया जा रहा है। विमान के अमृतसर में उतरने के बाद क्रू सदस्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर पोस्ट-फ्लाइट डिक्लेरेशन और अनिवार्य ब्रेथ एनालाइजर प्रक्रिया पूरी करनी थी।
विमानन नियमों के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय उड़ान के बाद क्रू सदस्यों को विमान के उतरने के दो घंटे के भीतर आवश्यक पोस्ट-फ्लाइट डिक्लेरेशन जमा करना होता है। बताया गया है कि इस मामले में डिक्लेरेशन निर्धारित समय से 35 मिनट देर से जमा किया गया। यानी प्रक्रिया पूरी होने में कुल 2 घंटे 35 मिनट का समय लगा।
पोस्ट-फ्लाइट डिक्लेरेशन में देरी होने के बाद एयरलाइन के सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत सभी क्रू सदस्यों की साइकोएक्टिव पदार्थों के सेवन की जांच की गई। इसके तहत मेडिकल टेस्ट कराए गए।
सूत्रों के अनुसार, सभी आठ क्रू सदस्यों की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई। यानी जांच में किसी भी सदस्य के नशीले या साइकोएक्टिव पदार्थों के सेवन की पुष्टि नहीं हुई।
मेडिकल जांच में सभी रिपोर्ट सामान्य आने के बावजूद एयरलाइन प्रबंधन ने निर्धारित प्रक्रिया में हुई देरी को गंभीरता से लिया। मामले में अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए एयर इंडिया एक्सप्रेस ने फ्लाइट के सभी आठ क्रू सदस्यों को तीन महीने के लिए निलंबित कर दिया।
एयरलाइन ने घटना की विस्तृत रिपोर्ट नागरिक उड्डयन महानिदेशालय यानी डीजीसीए को भी सौंप दी है। अब मामले में नियामकीय स्तर पर भी प्रक्रिया और संबंधित नियमों के पालन की समीक्षा की जा सकती है।
यह घटना बताती है कि उड़ान के बाद क्रू सदस्यों के लिए निर्धारित सुरक्षा और स्वास्थ्य संबंधी प्रक्रियाओं का समय पर पालन करना विमानन क्षेत्र में कितना महत्वपूर्ण है। देरी की स्थिति में एयरलाइन के सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत अतिरिक्त जांच और अनुशासनात्मक कार्रवाई की व्यवस्था लागू हो सकती है।