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दिल्ली में 29 सितंबर से खत्म होगा जाम? बारापुला फेज-3 तैयार

लंबे समय से निर्माणाधीन इस एलिवेटेड कॉरिडोर को अब 29 सितंबर 2026 को जनता के लिए खोले जाने की तैयारी है।

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Gauravshali Bharat News
  • September 19, 2026 6:38 pm IST, Published 1 hour ago

नई दिल्ली। दिल्ली के पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों के बीच रोजाना सफर करने वाले लोगों के लिए बारापुला फेज-3 परियोजना से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। लंबे समय से निर्माणाधीन इस एलिवेटेड कॉरिडोर को अब 29 सितंबर 2026 को जनता के लिए खोले जाने की तैयारी है। दिल्ली सरकार के लोक निर्माण विभाग के मंत्री प्रवेश साहिब सिंह के अनुसार, केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह इस परियोजना का उद्घाटन करेंगे। इसके बाद कॉरिडोर आम यातायात के लिए उपलब्ध कराया जाएगा।

इस परियोजना के शुरू होने से मयूर विहार फेज-1, सराय काले खां और एम्स क्षेत्र के बीच संपर्क को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है। दिल्ली सरकार की योजना से संबंधित दस्तावेजों में भी बारापुला फेज-3 को सराय काले खां से मयूर विहार तक यातायात व्यवस्था को बेहतर करने वाली महत्वपूर्ण परियोजना के रूप में दर्ज किया गया है।

करीब एक दशक से चल रहा था इंतजार

बारापुला फेज-3 परियोजना को वर्ष 2014 में मंजूरी मिली थी और निर्माण कार्य 2015 में शुरू हुआ था। इसे शुरुआती तौर पर निर्धारित समय में पूरा किया जाना था, लेकिन जमीन अधिग्रहण, अनुमति और निर्माण से जुड़ी विभिन्न अड़चनों के कारण परियोजना में काफी देरी हुई। दिल्ली सरकार के 2026 के आर्थिक सर्वेक्षण में परियोजना की संशोधित लागत करीब 1,635 करोड़ रुपये दर्ज की गई है। उसी दस्तावेज के अनुसार मार्च 2026 तक लगभग 95 प्रतिशत काम पूरा हो चुका था और शेष कार्य को जून 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था।

अब सितंबर में परियोजना का निर्माण पूरा होने की जानकारी सामने आई है। 19 सितंबर को परियोजना का निरीक्षण करने के बाद दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने 29 सितंबर को उद्घाटन की जानकारी दी। विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार उद्घाटन के बाद अगले दिन से इसे आम वाहन चालकों के लिए खोलने की तैयारी है।

मयूर विहार से एम्स तक सफर होगा आसान

बारापुला फेज-3 का सबसे महत्वपूर्ण उद्देश्य पूर्वी दिल्ली को दक्षिणी दिल्ली से बेहतर तरीके से जोड़ना है। नया कॉरिडोर मयूर विहार फेज-1 से सराय काले खां तक कनेक्टिविटी उपलब्ध कराएगा। सराय काले खां मौजूदा बारापुला नेटवर्क और दिल्ली के कई महत्वपूर्ण मार्गों से जुड़ा हुआ है।

परियोजना के चालू होने के बाद मयूर विहार की ओर से आने वाले यात्रियों को दक्षिणी दिल्ली और एम्स की दिशा में जाने के लिए कई सतही चौराहों और सिग्नलों पर निर्भरता कम हो सकती है। उपलब्ध रिपोर्टों में मयूर विहार से एम्स क्षेत्र तक यात्रा समय लगभग 15 मिनट तक होने की संभावना बताई गई है। हालांकि वास्तविक समय यातायात की स्थिति, वाहन और प्रवेश-निकास व्यवस्था पर निर्भर करेगा।

सिग्नल-फ्री कनेक्टिविटी से किन इलाकों को फायदा?

इस कॉरिडोर का असर केवल मयूर विहार तक सीमित नहीं रहेगा। पूर्वी दिल्ली के अलावा नोएडा और गाजियाबाद की तरफ से दिल्ली में प्रवेश करने वाले यात्रियों को भी वैकल्पिक मार्ग मिलने की उम्मीद है। बारापुला नेटवर्क पहले से ही रिंग रोड और मध्य दिल्ली के महत्वपूर्ण हिस्सों से जुड़ा हुआ है।

दिल्ली सरकार के आर्थिक सर्वेक्षण में कहा गया है कि बारापुला फेज-3 का उद्देश्य नोएडा, गाजियाबाद और पूर्वी दिल्ली को मध्य दिल्ली से जोड़ना तथा सराय काले खां टी-जंक्शन पर यातायात दबाव कम करना है।

यही वजह है कि परियोजना को दिल्ली की यातायात व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। खास तौर पर पीक ऑवर में सराय काले खां, रिंग रोड और आसपास के हिस्सों में वाहन दबाव अधिक रहता है। नया एलिवेटेड मार्ग कुछ यातायात को वैकल्पिक रास्ता उपलब्ध करा सकता है।

यमुना पर बने पुल से जुड़ता है कॉरिडोर

बारापुला फेज-3 की एक प्रमुख विशेषता यमुना नदी के ऊपर निर्मित पुल भी है। यह संरचना कॉरिडोर के विभिन्न हिस्सों को जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। परियोजना के निर्माण से संबंधित सरकारी दस्तावेजों में भी सराय काले खां से मयूर विहार के बीच एलिवेटेड रोड और यमुना पर नए पुल का उल्लेख किया गया है।

रिपोर्टों के अनुसार कॉरिडोर में पैदल यात्रियों और साइकिल चालकों के लिए भी सुविधाएं विकसित की गई हैं। इससे परियोजना को केवल वाहन यातायात के लिहाज से ही नहीं, बल्कि वैकल्पिक आवागमन के नजरिए से भी देखा जा रहा है।

जाम कम होने की उम्मीद, लेकिन असली परीक्षा ट्रैफिक प्रबंधन की

बारापुला फेज-3 के खुलने से यातायात दबाव कम होने की उम्मीद जरूर है, लेकिन इसका वास्तविक असर परियोजना शुरू होने के बाद सामने आएगा। किसी भी बड़े एलिवेटेड कॉरिडोर की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि उसके प्रवेश और निकास बिंदुओं पर ट्रैफिक कितना सुचारु रहता है।

यदि बड़ी संख्या में वाहन एक साथ नए मार्ग पर पहुंचते हैं, तो रैंप और कनेक्टिंग सड़कों पर दबाव बढ़ सकता है। इसलिए ट्रैफिक पुलिस और लोक निर्माण विभाग के लिए शुरुआती दिनों में यातायात प्रबंधन महत्वपूर्ण रहेगा।

29 सितंबर को खुलेगा नया रास्ता

फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार 29 सितंबर 2026 बारापुला फेज-3 के लिए अहम तारीख है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह द्वारा इसके उद्घाटन की घोषणा दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने की है।

करीब एक दशक से अधिक समय से चर्चा में रही यह परियोजना अब अपने अंतिम चरण से आगे बढ़ चुकी है। इसके शुरू होने के बाद पूर्वी दिल्ली से दक्षिणी दिल्ली की आवाजाही के लिए एक महत्वपूर्ण वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध होगा। दिल्लीवासियों की नजर अब इस बात पर रहेगी कि नया कॉरिडोर जमीन पर रोजाना के यातायात और जाम की समस्या को कितना कम कर पाता है।

स्रोत: दिल्ली सरकार के आर्थिक सर्वेक्षण/परियोजना दस्तावेज और 19 सितंबर 2026 को प्रकाशित समाचार रिपोर्टें।

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